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Apr 8, 2018

रोज़ शाम आती थी ..Roz Sham aati thi...

फ़िल्म: इम्तिहान (1974)
संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
 गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
Original गायिका: लता मंगेशकर

Cover Sung by Alpana Verma

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रोज़ शाम आती थी, मगर ऐसी न थी
रोज़- रोज़ घटा छाती थी, मगर ऐसी न थी
ये आज मेरी ज़िन्दगी में कौन आ गया
रोज़ शाम आती थी...
1.डाली में ये किसका हाथ, कर इशारे बुलाए मुझे झूमती चंचल हवा, छू के तन गुदगुदाए मुझे
हौले-हौले, धीरे-धीरे कोई गीत मुझको सुनाए
प्रीत मन में जगाए, खुली आँख सपने दिखाए
ये आज मेरी ज़िन्दगी...

2.अरमानों का रंग है, जहाँ पलकें उठाती हूँ मैं
हँस-हँस के है देखती,जो भी मूरत बनाती हूँ मैं
जैसे कोई मोहे छेड़े, जिस ओर भी जाती हूँ मैं डगमगाती हूँ मैं, दीवानी हुई जाती हूँ मैं...

ये आज मेरी ज़िन्दगी में कौन आ गया
रोज़ शाम आती थी...
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Sep 30, 2017

लागी छूटे न ...फिल्म -काली टोपी लाल रुमाल Lagi chhute na ab to

लागी छूटे न
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फिल्म -काली टोपी लाल रुमाल
संगीतकार -चित्रगुप्त
गीतकार-मजरूह
मूल गायक -रफ़ी और लता

कवर प्रस्तुति -सफ़ीर और अल्पना
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    लागी छूटे ना अब तो सनम
 चाहे जाए जिया तेरी क़सम
 लागी छूटे ना ...

 तुझको पुकारे बन के दीवाना ना माने रे जिया --
        ओ जी हो
 प्यार किया तो करके निभाना सुनो जी रसिया
 ओ प्यार किया तो प्यार किया तेरी क़सम
 लागी छूटे ना ...
 दूर हूँ फिर भी दिल के क़रीब निशाना है तेरा
 सोच ले फिर से एक गरीब दीवाना है तेरा
 सोच लिया जी सोच लिया तेरी क़सम
 लागी छूटे ना ...

 जब से लड़ी है तुझसे निग़ाहें तड़प रहा दिल
 देख के चलना प्यार की राह बड़ी है मुश्किल
 देख लिया जी देख लिया तेरी क़सम
 लागी छूटे ना ...
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Aug 9, 2017

अच्छा जी, मैं हारी .... ..काला पानी (1958) Achcha ji main haari

अच्छा जी, मैं हारी .... ..
फिल्म-काला पानी (1958)
संगीतकार -एस.डी.बर्मन
गीतकार-मजरूह सुल्तानपुरी
मूल गायक -मो.रफ़ी, आशा भोसले
प्रस्तुत गीत में स्वर - अल्पना और सफ़ीर
Download here Or Play 
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गीत के बोल
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अच्छा जी मैं हारी, चलो, मान जाओ ना
देखी सबकी यारी, मेरा दिल, जलाओ ना

१.छोटे से क़ुसूर पे, ऐसे हो खफ़ा
रूठे तो हुज़ूर थे, मेरी क्या खता
देखो दिल ना तोड़ो,छोड़ो हाथ छोड़ो
छोड़ दिया तो हाथ मलोगे, समझे..
अजी समझे...
अच्छा जी मैं हारी, चलो...

२.जीवन के ये रास्ते, लम्बे हैं सनम
काटेंगे ये ज़िंदगी, ठोकर खा के हम
ज़ालिम साथ ले ले ,अच्छे हम अकेले
चार कदम भी चल न सकोगे, समझे?हाँ ,समझे...
अच्छा जी मैं हारी, चलो...

३.जाओ रह सकोगे ना, तुम भी चैन से
तुम तो खैर लूटना जीने के मज़े
क्या करना है जी के,हो रहना किसी के
हम ना रहे तो याद करोगे, समझे?समझे!
अच्छा जी मैं हारी, चलो...
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Mar 2, 2017

वो हैं ज़रा खफ़ा खफा -फिल्म: शागिर्द [१९६७]

फिल्म-शागिर्द [१९६७]
संगीतकार -लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल
गीतकार -मजरूह सुल्तानपुरी
मूल गायक -लता मंगेशकर और मो. रफ़ी

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Singers of this version- Safeer and Alpana
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वो हैं ज़रा खफा ख़फा तो नैन यूँ चुराए हैं
के हो ...ना बोल दूँ तो क्या करूँ
वो हँस के यूँ बुलाए हैं..के हो

१.हँस रही है चांदनी
मचल के रो ना दूँ कहीं
ऐसे कोई रूठता नहीं
ये तेरा ख़याल है
करीब आ मेरे हसीं
मुझको तुझसे कुछ गिला नहीं
बात यूँ बनाए हैं
के हो..
2.फूल को महक मिले
ये रात रंग में ढले
मुझसे तेरी जुल्फ गर खुले
तुम ही मेरे संग हो
गगन की छाँव के तले
ये रुत यूँ ही भोर तक चले
प्यार यूँ जताए हैं
के हो…
3.ऐसे मत सताइए
ज़रा तरस तो खाइए
दिल की धड़कन मत जगाइए
कुछ नहीं कहूँगा मैं
ना अन्खड़ियाँ झुकाइए
सर को काँधे से उठाइये
ऐसे नींद आये है
के हो..हो.....
वो हैं ज़रा खफा ख़फा...............
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Feb 24, 2017

जाना है हमें तो जहाँ क़रार मिले -फिल्म: पाँच दुश्मन [1970]

फिल्म : पाँच दुश्मन /दौलत के दुश्मन [१९७० ]
संगीतकार- राहुल देव बर्मन
गीतकार -मजरूह सुल्तानपुरी
मूल गायक -किशोर कुमार  और लता
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This Cover song is sung by Safeer and Alpana
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Lyrics-Jana hai hamen to jahan
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जाना है हमें तो जहाँ  क़रार मिले
लूटेंगे राहों में जहाँ  बहार मिले
जाना है................

१. जब तक चलूँ चलती रहूँ मैं
बाहों के साये में तेरे
 जाना हमें कहां यह भी नहीं सोचें
नींद सी आँखों में भरे
 मंज़िल हमें मिले न मिले,तेरा प्यार मिले
जाना है हमें तो ...

2.मुझे दुनिया में जीने का सहारा
काफ़ी है दिल की लगी
कुछ भी ना चाहूँ रहे मेरे लिये
यह तेरे होंठों की हँसी
 सारी दुनिया से लेना हमें क्या,हमको यार मिले
जाना है हमें तो ...

3.तेरे संग पिया पड़ते हैं मेरे
नीलगगन पे क़दम
तुम हो मेरे तो धरती घटा पे,राज हमारा है सनम
हो आज नज़ारे सर झुका के,सौ सौ बार मिले
 जाना है हमें तो ...

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Feb 20, 2017

छुपा लो यूँ दिल में -फिल्म: ममता (1966)

Suchitra suchitraSen

फिल्म -ममता  (1966)
गीतकार -मजरुह सुलतानपुरी
संगीतकार- रोशन
मूल गायक-हेमंत कुमार  और लता मंगेशकर
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प्रस्तुत गीत में स्वर -Safeer Ahmad and Alpana Verma
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Chhupa lo yun dil mein-Song-Lyrics
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छुपा लो यूँ दिल में प्यार मेरा
के जैसे मंदिर में लौ दिए की
तुम अपने चरणों में रख लो मुझको
तुम्हारे चरणों का फूल हूँ मैं
मैं सर झुकाए खड़ी हूँ प्रीतम
के जैसे मंदिर में लौ दिए की

ये सच है जीना, था पाप तुम बिन
ये पाप मैंने किया है अब तक
मगर थी मन में छबी तुम्हारी
के जैसे मंदिर...

फिर आग बिरहा की मत लगाना
के जल के मैं राख हो चुकी हूँ
ये राख माथे पे मैंने रख ली
के जैसे मंदिर...
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Feb 17, 2017

ओ मेरे सोना रे -फिल्म : तीसरी मंज़िल [1966]

फिल्म -तीसरी मंज़िल [1966]
गीतकार -मजरूह सुल्तानपुरी
संगीतकार-आर.डी.बर्मन
मूल गायक-मो रफ़ी और आशा भोसले
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प्रस्तुत गीत में स्वर -Safeer Ahmad & Alpana Verma
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O mere sona re-Song-Lyrics
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ओ मेरे सोना रे, सोना रे, सोना रे
दे दूँगी  जान जुदा मत होना रे
मैंने तुझे ज़रा देर में जाना
हुआ कुसूर खफ़ा मत होना रे
ओ मेरे सोना रे...

1.ओ मेरी बाँहों से निकल के
तू अगर मेरे रस्ते से हट जाएगा
तो लहराके, हो बलखाके
मेरा साया तेरे तन से लिपट जाएगा
तुम छुड़ाओ लाख दामां
छोड़ते हैं कब ये अरमां
कि मैं भी साथ रहूँगी, रहोगे जहाँ
ओ मेरे सोना रे...

2.ओ मियाँ हमसे न छिपाओ
वो बनावट की सारी अदाएँ लिये
कि तुम इसपे हो इतराते
कि मैं पीछे हूँ सौ इल्तिज़ाएँ लिये
जी मैं खुश हूँ, मेरे सोना
झूठ है क्या, सच कहो ना
कि मैं भी साथ रहूँगी, रहोगे जहाँ
ओ मेरे सोना रे...

3.ओ फिर हमसे न उलझना
नहीं लट और उलझन में पड़ जाएगी
ओ पछताओगी कुछ ऐसे
कि ये सुर्खी  लबों की उतर जाएगी
ये सज़ा तुम भूल न जाना
प्यार को ठोकर मत लगाना
के चला जाऊंगा फिर मैं न जाने कहाँ
ओ मेरे सोना रे...

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Feb 10, 2017

ठहरिए होश में आ लूँ --फिल्म: मोहब्बत इसको कहते हैं (१९६५)


फिल्म-मोहब्बत इसको कहते हैं  (१९६५)
संगीतकार- खय्याम
मूल गायक-सुमन कल्यानपुर और रफ़ी
गीतकार-साहिर लुधियानवी

प्रस्तुत गीत कवर प्रस्तुति है-
Covered by Safeer & Alpana

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गीत के बोल 

ठहरिए होश में आ लूँ,
तो चले जाइएगा
आपको दिल में बिठा लूँ,
तो चले जाइएगा
आपको दिल में बिठा लूँ..तो चले जाइएगा

१.कब तलक रहिएगा यूँ दूर की चाहत बनके
दिल में आ जाइए इक़रार-ए-मुहब्बत बनके
अपनी तक़दीर बना लूँ, तो चले जाइएगा
आपको दिल में बिठा लूँ, तो चले जाइएगा
...आपको दिल में बिठा लूँ..तो चले जाइएगा

2.मुझको इक़रार-ए-मुहब्बत पे हया आती है
बात कहते हुए गरदन मेरी झुक जाती है
देखिये सर को झुका लूँ, तो चले जाइएगा
हाय, आपको दिल में बिठा लूँ..तो चले जाइएगा

3.ऐसी क्या शर्म ज़रा पास तो आने दीजे
रुख से बिखरी हुई ज़ुल्फ़ें तो हटाने दीजे
प्यास आँखों की बुझा लूँ, तो चले जाइएगा
ठहरिए होश में आ लूँ, तो चले जाइएगा
आपको दिल में बिठा लूँ, तो चले जाइएगा
आपको दिल में बिठा लूँ
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Feb 7, 2017

आजा पंछी अकेला है-फिल्म-नौ दो ग्यारह (1957)


मूल गायक:मोहम्मद रफी और आशा भोंसले
 गीत: मजरूह सुल्तानपुरी 
संगीत: सचिन देव बर्मन 
फिल्म: नौ दो ग्यारह (1957)
Cover Singers-Safeer & Alpana
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Lyrics-
ओ आजा पंछी अकेला है
ओ सो जा निंदिया की बेला है
ओ आजा पंछी अकेला है
ओ सो जा निंदिया की बेला है
ओ आजा पंछी अकेला है
उड़ गई नींद यहां मेरे नैन से
बस करो यूं ही पड़े रहो चैन से
उड़ गई नींद यहां मेरे नैन से
बस करो यूं ही पड़े रहो चैन से
लागे रे डर मोहे लागे रे
ओ ये क्या डरने की बेला है
ओ आजा पंछी अकेला है
ओ सो जा निंदिया की बेला है
ओ आजा पंछी अकेला है

ओहो कितनी घुटी सी है ये फ़िज़ा
आहा कितनी सुहानी है ये हवा
ओहो कितनी घुटी सी है ये फ़िज़ा
आहा कितनी सुहानी है ये हवा
मर गये हम, निकला दम, मर गये हम
ओ मौसम कितना अलबेला है
ओ आजा पंछी अकेला है
ओ सो जा निंदिया की बेला है
ओ आजा पंछी अकेला है

बिन तेरे कैसी अंधेरी ये रात है
दिल मेरा धड़कन मेरी तेरे साथ है
बिन तेरे कैसी अंधेरी ये रात है
दिल मेरा धड़कन मेरी तेरे साथ है
तन्हां है फिर भी दिल तन्हां है
ओ लागा सपनों का मेला है
ओ आजा पंछी अकेला है
ओ सो जा निंदिया की बेला है
ओ आजा पंछी अकेला है

Jan 22, 2017

आपने याद दिलाया तो मुझे ....फिल्म- आरती [१९६२ ]

फिल्म- आरती [१९६२ ]
गीतकार- मजरूह सुल्तानपुरी 
संगीतकार-रोशन 
मूल गायक -लता  और रफ़ी 
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कवर गायक - सफ़ीर और अल्पना
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गीत के बोल -
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आपने याद दिलाया तो मुझे याद आया..
के मेरे दिल पे पढ़ा था कोई ग़म का साया
आपने याद दिलाया

1.मै भी क्या चीज़ हूँ  खाया था, कभी तीर कोई
दर्द अब जा के उठा, चोट लगे देर हुयी
तुमको हमदर्द जो पाया, तो मुझे याद आया
के मेरे दिल पे पढ़ा था कोई ग़म का साया
आपने याद दिलाया

2.मै ज़मीन पर हू ना समझा, ना परखना चाह
आसमान पर ये कदम, झूमके रखना चाह
आज जो सर को झुकाया, तो मुझे याद आया
के मेरे दिल पे पढ़ा था कोई ग़म का साया
आपने याद दिलाया

3.मैंने  भी सोच लिया, साथ निभाने के लिए
दूर तक आऊँगी  मैं, तुमको मनाने के लिए
दिल ने एहसास दिलाया, तो मुझे याद आया

आपने याद दिलाया, तो मुझे याद आया..

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Jan 15, 2017

तुम जो हुए मेरे हमसफ़र...

फिल्म : 12 O'clock  [१९५८]
संगीतकार- ओ पी नय्यर
गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी
मूल गायक : मो.रफ़ी और गीता दत्त
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कवर गायक -Safeer & Alpana
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गीत के बोल :-
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तुम जो हुए मेरे हमसफ़र, रस्ते बदल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की, राहों मे जल गये

१.आया मज़ा, लाया नशा, तेरे लबों की बहारों का रंग
मौसम जवाँ, साथी हसीं, उस पर नज़र के इशारों का रंग
जितने भी रंग थे, सब तेरी आँखों में ढल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की, राहों मे जल गये ...

2.क्या मंज़िलें क्या कारवाँ, बाहों में तेरी है सारा जहाँ
आ जानेजाँ, चल दे वहाँ, मिलते जहाँ पे ज़मीं आसमाँ
मंज़िल से भी कहीं दूर हम, आगे निकल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की, राहों मे जल गये ...

तुम जो हुए मेरे हमसफ़र, रस्ते बदल गये
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Jan 14, 2017

सुन सुन सुन ज़ालिमा..Film-Aar Paar

फिल्म : आर पार [१९५४]
संगीतकार- ओ पी नय्यर
गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी
मूल गायक : मो.रफ़ी और गीता दत्त
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कवर गायक -सफ़ीर और अल्पना
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गीत के बोल :-
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सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा, प्यार हमको तुमसे हो गया
दिल से मिला ले दिल मेरा, तुझको मेरे प्यार की क़सम

जा जा जा जा बेवफा,कैसा प्यार कैसी प्रीत रे
तू ना किसी का मीत रे,झूठ तेरे प्यार की कसम
सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा
जा जा जा जा बेवफा

१.प्यार की नज़र से दूर, यूँ न ज़िंदगी गुज़ार
हुस्न तू है, इश्क़ मैं, कर भी ले नज़र को चार
प्यार की नज़र से दूर, यूँ न ज़िंदगी गुज़ार
हुस्न तू है, इश्क़ मैं, कर भी ले नज़र को चार
चार मैं नज़र करूँ और फिर हुज़ूर से
पास यूँ न आईए, बात कीजे दूर से
जा जा जा जा बेवफा
कैसा प्यार कैसी प्रीत रे  ,तू ना किसी का मीत रे
झूठ तेरे प्यार की कसम ,सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा
जा जा जा जा बेवफा...........

२.दूर कब तलक रहूँ, फूल तू है रंग मैं
मैं तो हूँ तेरे लिये, डोर तू पतंग मैं
कट गई पतंग जी, डोर अब न डालिये
और किसी के सामने जा के दिल उछालिये
सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा
जा जा जा जा बेवफा

३.बात रह न जाये फिर, वक़्त ये गुज़र न जाये
मेरे प्यार का ये हार, टूट कर बिखर न जाये
प्यार-प्यार कह के तू, दिल मेरा न लूट रे
कह रहा है तू जो बात, हो ना झूठ-मूठ रे
जा जा जा जा बेवफा,कैसा प्यार कैसी प्रीत रे
तू ना किसी का मीत रे,झूठ तेरे प्यार की कसम
सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा,जा जा जा जा बेवफा..
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Jan 10, 2017

ऐ दिल है मुश्किल ...

फिल्म-सी.आई.डी. (1956)
संगीतकार : ओ.पी.नैय्यर
गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी
मूल गायक : मो.रफ़ी & गीता दत्त
कवर संस्करण -सफ़ीर  और अल्पना

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गीत के बोल
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ऐ दिल है मुश्किल जीना यहाँ
ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ-2


1.कहीं बिल्डिंग, कहीं ट्रामे, कहीं मोटर, कहीं मिल
मिलता है यहाँ सब कुछ, इक मिलता नहीं दिल
कहीं बिल्डिंग, कहीं ट्रामे, कहीं मोटर, कहीं मिल
मिलता है यहाँ सब कुछ, इक मिलता नहीं दिल
इन्साँ का नहीं कहीं नाम-ओ-निशाँ
ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ
ऐ दिल है मुश्किल जीना यहाँ,ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ

2.कहीं सट्टा, कहीं पत्ता, कहीं चोरी, कहीं रेस
कहीं डाका, कहीं फाँका, कहीं ठोकर, कहीं ठेस
कहीं सट्टा, कहीं पत्ता, कहीं चोरी, कहीं रेस
कहीं डाका, कहीं फाँका, कहीं ठोकर, कहीं ठेस
बेकारों के हैं कई काम यहाँ
ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ

ऐ दिल है मुश्किल जीना यहाँ,ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ

3.बेघर को आवारा यहाँ कहते हँस-हँस
खुद काटे गले सबके, कहे इसको बिज़नस
बेघर को आवारा यहाँ कहते हँस-हँस
खुद काटे गले सबके, कहे इसको बिज़नस
इक चीज़ के है कई नाम यहाँ

ऐ दिल है मुश्किल जीना यहाँ,ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ

4.बुरा दुनिया को है कहता, ऐसा भोला तो ना बन
जो है करता, वो है भरता, है यहाँ का ये चलन
दादागिरी नहीं चलने की यहाँ
ये है बॉम्बे…
ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ
ऐ दिल है मुश्किल जीना यहाँ,ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ

ऐ दिल है आसाँ जीना यहाँ
सुनो मिस्टर, सुनो बन्धु
ये है बॉम्बे मेरी जाँ
ऐ दिल है मुश्किल जीना यहाँ,ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ
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Aug 18, 2016

लूटे कोई मन का नगर -फिल्म: अभिमान


फिल्म : अभिमान
गायक- लता मंगेशकर, मनहर
संगीतकारः एस. डी. बर्मन
गीतकारः मज़रूह सुल्तानपुरी
प्रस्तुति : अल्पना वर्मा और संतोष

गीत के बोल 

लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी
लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी

कौन है वो अपनों में कभी ऐसा कहीं होता हाई
ये तो बड़ा धोखा है
लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी
१.यहीं पे कहीं है मेरे मन का चोर
नज़र पड़े तो बैयाँ दूँ मरोड़ - 2
जाने दो जैसे तुम प्यारे हो
वो भी मुझे प्यारा है जीना का सहारा है

देखोजी तुम्हारी यही बतियां मुझको हैं तडपाती
लूटे कोई मन का नगर बनके मेरा साथी

2.रोग मेरे जी का मेरे दिल का चैन
साँवला सा मुखड़ा उस पे काले नैन -2
ऐसे को रोके अब कौन भला
दिल से जो प्यारी है सजना हमारी है
कहा  करूँ मैं बिन उसके रह भी नहीं पाती
लूटे कोई मन का नगर बनके मेरा साथी
लूटे कोई मन का....

Cover Sung by Alpana Verma & Santosh Soni
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Mar 12, 2016

सुन मेरे बंधु रे...







फिल्म-सुजाता [१९६०]
मूल गायक और संगीतकार-सचिन देव बर्मन
गीतकार-मजरूह सुलतानपुरी

गीत के बोल
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सुन मेरे बंधु रे...
सुन मेरे मितवा सुन मेरे साथी रे....

होता तू पीपल मैं होती अमर लता तेरी
तेरे गले माला बनके पड़ी मुस्काती रे....

सुन मेरे साथी रे....

जिया कहे  तू सागर मैं होती तेरी नदिया...

लहर लहर करती अपने पिया से मिल जाती रे,....
सुन मेरे साथी रे....

गीत सुनिये मेरा एक प्रयास ...अल्पना

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Apr 10, 2015

जाइए आप कहाँ जाएँगे--स्वर -अल्पना



फिल्म -मेरे सनम
मूल गायिका -आशा भोसले
गीतकार -मजरूह सुल्तानपुरी
संगीतकार-ओ.पी. नय्यर

यहाँ प्रस्तुत गीत में स्वर--अल्पना

गीत
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जाइए आप कहाँ जायेंगे
ये नज़र लौट के फिर आएगी
दूर तक आप के पीछे पीछे
मेरी आवाज़ चली जाएगी

आप को प्यार मेरा याद जहाँ आयेगा
कोई काँटा वही दामन से लिपट जायेगा

जब उठोगे मेरी बेताब निगाहों की तरह
रोक लेगी कोई डाली मेरी बाहों की तरह

देखिये चैन मिलेगा ना कही दिल के सिवा
आप का कोई नहीं, कोई नहीं दिल के सिवा

जाइएआप कहाँ जायेंगे
ये नज़र लौट के फिर आएगी
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Same song's link on  youtube
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Dec 5, 2014

हम हैं मता ए कूचा [ग़ज़ल]


ग़ज़ल फिल्म दस्तक से है जिसे लिखा मजरूह सुलतानपुरी ने और धुन मदन मोहन जी की बनाई हुई  है.फिल्म के लिए इस ग़ज़ल के दो ही शेर लिए गए हैं.यहाँ मैंने पूरी ग़ज़ल दी है..
फिल्म के लिए लता जी ने गाया है जिसे रहना सुल्तान पर फिल्माया गया था .
ग़ज़ल
हम हैं मता ए कूचा ओ बाज़ार की तरह ,
उठती है हर निगाह खरीददार की तरह

वो तो कहीं है और मगर दिल के आस पास
फिरती है कोई शै निगाहें ए यार की तरह

इस कू-ए-तिश्नगी में बहुत है के एक जाम
हाथ आ गया है दौलत-ए-बेदार की तरह

सीधी है राह-ए-शौक़ प यूँ ही कभी कभी
ख़म हो गयी  है गेसू-ए-दिलदार की तरह

मजरूह लिख रहे हैं वो अहले वफा का नाम ....
हम भी खड़े हुए हैं गुनाहगार की तरह ...
हम हैं मता ए कूचा ओ ...

.................................
यहाँ जो प्रस्तुति है उसे मैंने अपना स्वर दिया है ,प्रयास किया है कि पूरी तरह से निभा सकूँ.
कवर संस्करण -


Vocals--Alpana Verma  [dec,2012]
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Jul 1, 2014

ओ घटा साँवरी....


फिल्म-अभिनेत्री
मूल गायिका -लता मंगेशकर
संगीतकार-लक्ष्मीकांत -प्यारेलाल
गीतकार -मजरूह सुल्तानपुरी

गीत -
ओ घटा सांवरी, थोड़ी थोड़ी बावरी, हो गयी हैं बरसात क्या!
हर साँस है बहकी हुई, अब की बरस है ये बात क्या!
हर बात है बहकी हुई, अब की बरस  है ये बात क्या!

1-पा के अकेली मुझे, मेरा आँचल मेरे साथ उलझे
छू ले अचानक कोई, लट में ऐसे मेरा हाथ उलझे
क्यो रे बादल तू ने छूआ  मेरा हाथ क्या?

2-आवाज़ थी कल यही, फिर भी ऐसे लहकती ना देखी
पग में थी पायल मगर, फिर भी ऐसे छनकती ना देखी
चंचल हो गये घुँगरू मेरे रातोरात क्या!

3-मस्ती से बोझल पवन, जैसे साया कोई मन पे डोले
बरखा की हर बूँद पे, थरथरी सी मेरे तन पे डोले
पागल मौसम जा रे तू, लगा मेरे साथ क्या!
 ओ घटा सांवरी, ......
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Cover song---Vocals- Alpana
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May 28, 2014

जीना तो है पर ऐ दिल ....



फिल्म- पांच दुश्मन [१९७३ ] जिसे १९८३ में 'दौलत के दुश्मन 'नाम से रिलीज़  किया गया था.
मूल गायक -किशोरे कुमार
संगीत -राहुल देव बर्मन
गीत -मजरूह सुल्तानपुरी
Cover singer-Alpana

गीत-
जीना तो है पर ए दिल कहाँ
अरे बैठूँ  तो नही मिलती हैं ज़मीं
मैं उड़ना चाहूँ  तो हैं दूर  आस्मा

नाराज़ कोई ना कोई मेहरबान
ना कही कोई बिजली ना कोई आशिया...
अरे बैठूँ  तो नही मिलती हैं ज़मीं.....
मैं उड़ना चाहूँ  तो हैं दूर  आस्मा...
जीना तो है पर ए दिल कहाँ ...

जलता हैं बदन कोई  साया नही
किसी आँचल के बदले हैं सुलगता धुआँ (२)
अरे बैठूँ  तो नही मिलती हैं ज़मीं
मैं उड़ना चाहूँ  तो हैं दूर  आस्मा

जीना तो है पर ए दिल कहाँ ....
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स्वर---अल्पना
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