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Sep 3, 2013

जा री पवनिया पिया के देस जा


गीत-जा री पवनिया पिया के देस जा ...
फिल्म-दो बूँद पानी
 एक भूला  बिसरा सा गीत फिल्म दो बूँद पानी से है ,
इसके गीतकार कैफी आज़मी और संगीत जयदेव जी का है.
मूल गायिका आशा भोसले हैं और सिमी ग्रेवाल पर फिल्माया गया है.
प्रस्तुत गीत मेरे स्वर में है..


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Vocals-Alpana
[Recorded in 2012]

Aug 6, 2013

धीरे -धीरे मचल ऐ दिले बेक़रार

धीरे -धीरे मचल ऐ  दिले बेक़रार 

फिल्म-अनुपमा
मूल गायिका-लता मंगेशकर
संगीत-हेमंत कुमार
गीत-कैफी आज़मी

यह गीत न जाने क्यूँ लोरी जैसा मीठा सुनायी देता है।
बहुत दिनों बाद नयी  प्रस्तुति है परन्तु इस  में  कोई साज़ नहीं बस आवाज़ है।

गीत के बोल-
धीर -धीरे मचल ऐ दिल बेकरार कोई आता  है,
यूँ तड़प के न तदपा मुझे बार-बार कोई आता है ,
धीरे धीरे मचल ऐ दिल -ऐ  -बेकरार। ......

१-उसके दमन की खुश्बू हवाओं में है ,
उसके क़दमों की आहट फ़ज़ाओं  में है ,
मुझको करने दे करने दे सोलाह  सिंगार कोई आता है…

२-मुझको छूने लगीं उसकी परछाईयाँ ,
दिल के नज़दीक बजती हैं शहनाईयाँ ,
मेरे सपनो के आँगन में गाता है प्यार कोई आता है…।

धीरे धीरे मचल ऐ दिल -ऐ  -बेकरार।

स्वर- अल्पना
Download or Play here 

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Aug 3, 2012

हर तरफ़ अब यही अफसाने हैं ..Cover song


फिल्म-हिंदुस्तान की कसम
गीतकार-
संगीत-मदन मोहन ,गीतकार-कैफी आज़मी
मूल गायक-मन्ना डे

प्रस्तुत गीत में स्वर----अल्पना

मदन जी का संगीत और मन्ना डे साहब का गाया हो तो आसान नहीं होता.
[मन्ना डे साहब से माफ़ी सहित]
मुझे बहुत पसंद है इसलिए एक प्रयास किया है.

गीत-
हर तरफ़ अब यही अफसाने हैं
हम तेरी आँखों के दीवाने हैं ...




Har taraf ab yahi afsane hain Mp3 Play

Jun 29, 2012

आज की काली घटा ..फिल्म-उसकी कहानी

आज की काली घटा
Geeta Dutt


movie - uski kahani[1966]/music by kannu roy. /lyrics by kaifi azmi. /Original singer geeta dutt.

एक बार विविध  भारती जयमाला कार्यक्रम[१९८८]  में कैफी आजमी साहब ने इस गाने के बारे में बताते हुए कहा था कि इस गीत के लिए गीता जी को देने के लिए बासु भट्टचार्य  जी के पास पैसे नहीं थे..परंतु फिर भी
उन्होंने गाने के लिए हामी भर दी और पूरे मन से गीत को गाया था.
.............
आज की काली घटा, मस्त\-मतवाली घटा 

मुझसे कहती है कि प्यासा है कोई 
कौन प्यासा है, मुझे क्या मालूम
आज की काली घटा ...

प्यास के नाम से जी डरता है
इस इल्ज़ाम से जी डरता है
शौक\-ए\-बदनाम से जी डरता है
मीठी नज़रों में समाया है कोई
क्यों समाया है, मुझे क्या मालूम
आज की काली घटा ...

प्यासी आँखों में मुहब्बत लेके
लड़खड़ा जाने की इजाज़त लेके
मुझसे बेवजह शिकायत लेके
दिल की दहलीज़ तक आया है कोई
कौन आया है, मुझे क्या मालूम
आज की काली घटा ...
गीता जी के बेहतरीन गीतों में से एक यह गीत है..मैं ने हाल ही में सुना है..और  इतना प्रभावी लगा कि खुद को गुनगुनाने से रोक न सकी ...प्रस्तुत है मेरी आवाज़ में ...
Mp3 Preview or Download here

Mar 2, 2012

आज सोचा तो आँसू भर आए...

आज सोचा तो आँसू भर आए
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गीत- कैफ़ी आज़मी
फिल्म-हँसते ज़ख्म
संगीत-मदन मोहन


स्वर - अल्पना

Jan 3, 2012

बहारों मेरा जीवन भी संवारो




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 प्रस्तुत  गीत फिल्म आखिरी खत से है.
धुन खय्याम साहब की है और गीत कैफी आज़मी का लिखा है .

बहारों मेरा जीवन भी सँवारों, बहारों
कोई आए कहीं से, यूँ पुकारो, बहारों ...

१-तुम्हीं से दिल ने सीखा है तड़पना -
तुम्हीं को दोष दूंगी, ऐ नज़ारों, बहारों ...

२-रचाओ कोई कजराना  ओ गजरा -
लचकती डालियों तुम, फूल वारो, बहारों ...
३-लगाओ  मेरे इन हाथों में मेहंदी -
सजाओ माँग मेरी, या सिधारो, बहारों
Vocals- Alpana

Aug 18, 2010

५७ -वक़्त ने किया क्या हसीं सितम


'वक़्त ने किया क्या हसीं सितम ,तुम रहे तुम हम रहे हम 'फिल्म कागज के फूल [१९५९]के लिए गीत कैफ़ी आज़मी का लिखा और सचिन देव बर्मन जी के संगीत निर्देशन में गीता जी ने गाया था.इसे अदाकार वहीदा रहमान और गुरु दत्त पर फिल्माया गया था.

यह गीत किसी परिचय का मोहताज नहीं है.गीता दत्त जी के गाये इस गीत को कई गायकों ने अपनी आवाज़ में दोबारा गाया.मगर गीता जी का जादू फ़िर कभी दोहराया नहीं गया.वह आज तक मूल गीत में कायम है और अनछुआ है।

मैं इस गीत को कभी गाने की जुर्रत न करती क्योंकि मेरी नज़र में यह अतुलनीय है,अनमोल है लेकिन गायक हर्षण नाम्ब्यार जी के सुझाव पर एक कोशिश की है।

जो भी गीत हम यहाँ गा रहे हैं उनके ट्रेक बने बनाये होते हैं और गीत को निभा सकना भी सीमित हो जाता है।इसलिए इस कोशिश को उसी के मद्दे नज़र तोलियेगा.
Click here to Play or download Mp3
'वक़्त ने किया क्या हसीं सितम'[कवर संस्करण ]
[स्वर-अल्पना ]


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Nov 17, 2009

21-झूम झूम ढलती रात



फ़िल्म :कोहरा [1964]
गीतकार :कैफी आज़मी
मूल गायिका :लता मंगेशकर
संगीतकार :हेमंत कुमार


झूम झूम ढलती रात ,लेके चली मुझे अपने साथ,
झूम झूम ढलती रात ...

जाने कहाँ ले जाए दर्द भरा ये दिल,
जैसे सदा देती है खोयी हुई मंजिल,
जाने कहाँ ले जाए..
छोडो पिया मेरा छोडो हाथ,झूम झूम ढलती रात...

२-हाल ये है मस्ती का,साँस लगी थमने ,
उतने रहे प्यासे हम ,जितनी भी पी हमने,
उतने रहे प्यासे हम...
ग़म को बढ़ा गई ग़म की मात ,
झूम झूम ढलती रात ,लेके चली मुझे अपने साथ,
झूम झूम ढलती रात॥
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[यह पुरानी रिकॉर्डिंग[२००८]है]
काराओके पर मेरे स्वर में यह गीत-:

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Nov 15, 2009

17-कुछ दिल ने कहा, कुछ भी नहीं








गाना:कुछ दिल ने कहा, कुछ भी नहीं
चित्रपट : Anupama
संगीतकार : हेमंत
गीतकार: Kaifi Azmi
Original Singer: लता

कुछ दिल ने कहा, कुछ भी नहीं,
ऐसी भी बातें होती हैं,(२)
कुछ दिल ने कहा, कुछ भी नहीं

1-लेता है दिल अंगड़ाइयां,इस दिल को समझाये कोई
अरमान ना आँखें खोल दें,रुसवा ना हो जाये कोई
पलकों की ठंडी सेज पर, सपनों की परियां सोती हैं
ऐसी भी बातें होती हैं...
कुछ दिल ने कहा, कुछ भी नहीं

2-दिल की taslallee के लिये, झूठी चमक झूठ निखार
जीवन तो सूना ही रहा, सब समझे आयी बहार
कलियों से कोई पूछता, हंसती हैं या रोती हैं
ऐसी भी बातें होती हैं ,
कुछ दिल ने कहा, कुछ भी नहीं...

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cover song-Swar-Alpana