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Sep 30, 2017

लागी छूटे न ...फिल्म -काली टोपी लाल रुमाल Lagi chhute na ab to

लागी छूटे न
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फिल्म -काली टोपी लाल रुमाल
संगीतकार -चित्रगुप्त
गीतकार-मजरूह
मूल गायक -रफ़ी और लता

कवर प्रस्तुति -सफ़ीर और अल्पना
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    लागी छूटे ना अब तो सनम
 चाहे जाए जिया तेरी क़सम
 लागी छूटे ना ...

 तुझको पुकारे बन के दीवाना ना माने रे जिया --
        ओ जी हो
 प्यार किया तो करके निभाना सुनो जी रसिया
 ओ प्यार किया तो प्यार किया तेरी क़सम
 लागी छूटे ना ...
 दूर हूँ फिर भी दिल के क़रीब निशाना है तेरा
 सोच ले फिर से एक गरीब दीवाना है तेरा
 सोच लिया जी सोच लिया तेरी क़सम
 लागी छूटे ना ...

 जब से लड़ी है तुझसे निग़ाहें तड़प रहा दिल
 देख के चलना प्यार की राह बड़ी है मुश्किल
 देख लिया जी देख लिया तेरी क़सम
 लागी छूटे ना ...
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Jan 11, 2017

आँखों ही आँखों में इशारा--सी.आई.डी.

फिल्म-सी.आई.डी. (1956)
संगीतकार : ओ.पी.नैय्यर
गीतकार : जां निसार अख्तर
मूल गायक : मो.रफ़ी और गीता दत्त

Download or  play mp3

कवर संस्करण : सफ़ीर  और अल्पना


 Lyrics-
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आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया
आँखों ही आँखों में..

1.गाते हो गीत क्यूँ, दिल पे क्यूँ हाथ है
खोए हो किस लिये, ऐसी क्या बात है
ये हाल कब से तुम्हारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया
आँखों ही आँखों में........

2.चलते हो झूम के, बदली है चाल भी
नैंनों में रंग है, बिखरे हैं बाल भी
किस दिलरुबा का नज़ारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया
आँखों ही आँखों में..............

3.अब ना वो ज़ोर है, अब ना वो शोर है
हमको है सब पता, दिल में क्या चोर है
ये चोर कैसे गंवारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया
आँखों ही आँखों में..........

4.कैसा ये प्यार है, कैसा ये नाज़ है
हम भी तो कुछ सुनें, हमसे क्या राज़ है
अच्छा तो ये दिल हमारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया
आँखों ही आँखों में............
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