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Apr 2, 2017

अपने आप रातों में-फिल्म-शंकर हुसैन [१९७७]

फिल्म-शंकर हुसैन [१९७७]
गीतकार-कैफ भोपाली
संगीतकार-खय्याम
मूल गायिका-लता जी
प्रस्तुत गीत में स्वर-अल्पना वर्मा
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Aug 18, 2016

लूटे कोई मन का नगर -फिल्म: अभिमान


फिल्म : अभिमान
गायक- लता मंगेशकर, मनहर
संगीतकारः एस. डी. बर्मन
गीतकारः मज़रूह सुल्तानपुरी
प्रस्तुति : अल्पना वर्मा और संतोष

गीत के बोल 

लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी
लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी

कौन है वो अपनों में कभी ऐसा कहीं होता हाई
ये तो बड़ा धोखा है
लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी
१.यहीं पे कहीं है मेरे मन का चोर
नज़र पड़े तो बैयाँ दूँ मरोड़ - 2
जाने दो जैसे तुम प्यारे हो
वो भी मुझे प्यारा है जीना का सहारा है

देखोजी तुम्हारी यही बतियां मुझको हैं तडपाती
लूटे कोई मन का नगर बनके मेरा साथी

2.रोग मेरे जी का मेरे दिल का चैन
साँवला सा मुखड़ा उस पे काले नैन -2
ऐसे को रोके अब कौन भला
दिल से जो प्यारी है सजना हमारी है
कहा  करूँ मैं बिन उसके रह भी नहीं पाती
लूटे कोई मन का नगर बनके मेरा साथी
लूटे कोई मन का....

Cover Sung by Alpana Verma & Santosh Soni
Download MP3 or Play
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Jul 22, 2013

रातों के साये घने ..Cover version

जया भादुड़ी -फिल्म -अन्नदाता 
फिल्म-अन्नदाता
गीतकार-योगेश
संगीतकार -सलील चौधरी ,मूल गायिका -लता मंगेशकर

रातों के साये घने जब बोझ दिल पर बने
 न तो जले बाती न हो कोई साथी,
 फिर भी न डर अगर बुझे दिए
 सहर तो है तेरे लिये....

१-जब भी मुझे कभी कोई जो ग़म घेरे,
लगता है होंगे नहीं सपने यह पूरे मेरे ,
कहता है दिल मुझको माना हैं ग़म तुझको,
फिर भी न डर अगर बुझे दिए ,
सहर तो है तेरे लिये...

२-जब न चमन खिले मेरा बहारों में
जब डूबने मैं लगूँ रातों की मझधारों में
मायूस मन डोले पर यह गगन बोले
फिर भी न डर अगर बुझे दिए
सहर तो है तेरे लिये.....

३-जब ज़िन्दगी किसी तरह बहलती नहीं
खामोशियों से भरी जब रात ढलती नहीं
तब मुस्कुराऊँ मैं यह गीत गाऊँ मैं
फिर भी न डर अगर बुझे दिए
सहर तो है तेरे लिये....

रातों के साये घने जब बोझ दिल पर बने
न तो जलें बाती न हो कोई साथी \- २
फिर भी न डर अगर बुझे दिए
सहर तो है तेरे लिये....

एक प्रेरक गीत .
यह गीत मुझे बेहद पसंद है.गीत के बोल बहुत ही खूबसूरत हैं और संगीतकार सलील दा ने इसकी धुन भी लाजवाब बनाई है.इसकी  संगीत रचना कठिन है .

Cover version -Sung by Alpana -Download Mp3 Or Play here

Jan 29, 2013

अब तो है तुमसे



फिल्म-अभिमान

अब तो है तुम से, हर खुशी अपनी
तुम पे मरना है, जिंदगी अपनी.........
अब तो है तुम से..
1-जब हो गया तुम पे, ये दिल दीवाना
फिर चाहे जो भी कहे, हम को जमाना
कोई बनाए बातें, चाहे अब जितनी

अब तो है तुम से, हर खुशी अपनी

2-तेरे प्यार में बदनाम दूर -दूर हो गये
तेरे साथ हम भी सनम  मशहूर हो गये
देखो कहा ले जाए, बेखुदी अपनी

अब तो है तुम से, हर खुशी अपनी
तुम पे मरना है, जिंदगी अपनी

..........................
कवर संस्करण
स्वर--अल्पना

Mp3 Play or download here



Dec 30, 2012

यकीन -एक लघुकथा

मर्मस्पर्शी कहानी  'यकीन ' श्री  प्रकाश गोविंद जी की लिखी हुई है.जिसे मैनें अपने स्वर में यहाँ प्रस्तुत किया है.



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