Showing posts with label Ac-Meena Kumari. Show all posts
Showing posts with label Ac-Meena Kumari. Show all posts

Apr 16, 2018

हमसफर मेरे हमसफर, पंख तुम परवाज़ हम(पूर्णिमा)


फिल्म : पूर्णिमा (1965)
गीत : गुलज़ार
 संगीत : ??? शंकर -जयकिशन /सलील चौधरी ?/लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल?
(*अंतर्जाल पर इस गीत के संगीतकार का नाम अलग -अलग  लिखा हुआ है)
मूल गायक - लता मंगेशकर और मुकेश

गीत के बोल :

हमसफर मेरे हमसफर,
पंख तुम परवाज़ हम
ज़िंदगी का साज़ हो तुम, साज़ की आवाज़ हम
हमसफ़र मेरे हमसफ़र, पंख तुम परवाज़ हम
ज़िंदगी का गीत हो तुम, गीत का अंदाज़ हम

 १.आँख ने शर्मा के कह दी, दिल के शरमाने की बात
 एक दीवाने ने सुन ली दूजे दीवाने की बात
 प्यार की तुम इन्तेहा हो, प्यार की आगाज़ हम

२.ज़िक्र हो अब आसमान का या ज़मीन की बात हो
 ख़त्म होती है तुम्ही पर अब कहीं की बात हो
हो हसीन तुम, महजबीं तुम, नाज़नीं तुम, नाज़ हम

हमसफ़र मेरे हमसफ़र, पंख तुम परवाज़ हम
ज़िंदगी का गीत हो तुम, गीत का अंदाज़ हम
===================
प्रस्तुत गीत के गायक  : सफीर और अल्पना
Audio :

===========================
Video :
  ==============

Jul 25, 2017

न जाने कहाँ तुम थे -फिल्म- ज़िन्दगी और ख़्वाब Na jane kahan tum the



फिल्म- ज़िन्दगी और ख़्वाब [१९६१]
संगीतकार -दत्ताराम
गीतकार- प्रदीप
मूल गायक -सुमन कल्यानपुर और मन्ना डे
------------


-------------
प्रस्तुत गीत में स्वर - अल्पना और सफ़ीर
Download here Or Play 
----------
Lyrics-
न जाने कहाँ तुम थे, न जाने कहाँ हम थे
जादू ये देखो हम तुम मिले हैं न जाने कहाँ हम थे,
न जाने कहाँ तुम थे अब तो मिलन के सपने खिले हैं...

१. कितने दिनोंपर मिली हैं निगाहें
अब तुम न जाना छुड़ाकर ये बाहें
तुम्हारा ये साथ प्यारा हम क्यों न चाहें ...

२.किसे था पता यूँ हम तुम मिलेंगे
उजड़े हुए दिल फिर से बसेंगे
मोहब्बत के बंधन में हम तुम बधेंगे...

न जाने कहाँ तुम थे ....न जाने  कहाँ हम थे...
==================

Jul 2, 2017

संसार से भागे फिरते हो...स्वर : अल्पना


फिल्म-चित्रलेखा
 गीतकार -साहिर
 संगीतकार -रोशन
 मूल गायक : लता मंगेशकर
 प्रस्तुत गीत में स्वर -अल्पना वर्मा
 -------------------------------
 
-------------------------------
संसार से भागे फिरते हो, भगवान को तुम क्या पाओगे
इस लोक को भी अपना न सके, उस लोक में भी पछताओगे .

ये पाप है क्या, ये पुण्य है क्या, रीतों पे धरम की मुहरें हैं
हर युग में बदलते धर्मों को कैसे आदर्श बनाओगे

ये भोग भी एक तपस्या है, तुम त्याग के मारे क्या जानो
अपमान रचयिता का होगा, रचना को अगर ठुकराओगे

हम कहते हैं ये जग अपना है, तुम कहते हो झूठा सपना है
हम जन्म बिता कर जायेंगे, तुम जन्म गंवा कर जाओगे


 ------------------------------
Mp3 Download or Play --
------------------------------
  -

------------------------------

Mar 1, 2017

चलो दिलदार चलो -फिल्म: पाकीज़ा (1972)


फ़िल्म –  पाकीज़ा  (1972)
 मूल गायक – मोहम्मद रफ़ी और लता मंगेशकर 
संगीतकार –ग़ुलाम मोहम्मद
 गीतकार – कैफ़ भोपाली
================================================


===============================================
Cover sung by Safeer and Alpana
---------------------------------------------------
Download or Play Mp3 here
==========================
Lyrics-Chalo dildar chalo
---------------------------------------------
चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो
हम हैं तैयार चलो

१.आओ खो जाएँ सितारों में कहीं
छोड़ दे आज दुनियाँ ये ज़मीं
चलो दिलदार चलो…

2.हम नशे में हैं संभालो हमें तुम
नींद आती है जगा लो हमें तुम
चलो दिलदार चलो…

3.ज़िन्दगी ख़त्म भी हो जाये अगर
ना कभी ख़त्म हो उल्फत का सफ़र
चलो दिलदार चलो

=============================
=============================

Jan 22, 2017

आपने याद दिलाया तो मुझे ....फिल्म- आरती [१९६२ ]

फिल्म- आरती [१९६२ ]
गीतकार- मजरूह सुल्तानपुरी 
संगीतकार-रोशन 
मूल गायक -लता  और रफ़ी 
============================================
============================================
कवर गायक - सफ़ीर और अल्पना
MP3 Download or Play --
-------------------------------------------

गीत के बोल -
--------------
आपने याद दिलाया तो मुझे याद आया..
के मेरे दिल पे पढ़ा था कोई ग़म का साया
आपने याद दिलाया

1.मै भी क्या चीज़ हूँ  खाया था, कभी तीर कोई
दर्द अब जा के उठा, चोट लगे देर हुयी
तुमको हमदर्द जो पाया, तो मुझे याद आया
के मेरे दिल पे पढ़ा था कोई ग़म का साया
आपने याद दिलाया

2.मै ज़मीन पर हू ना समझा, ना परखना चाह
आसमान पर ये कदम, झूमके रखना चाह
आज जो सर को झुकाया, तो मुझे याद आया
के मेरे दिल पे पढ़ा था कोई ग़म का साया
आपने याद दिलाया

3.मैंने  भी सोच लिया, साथ निभाने के लिए
दूर तक आऊँगी  मैं, तुमको मनाने के लिए
दिल ने एहसास दिलाया, तो मुझे याद आया

आपने याद दिलाया, तो मुझे याद आया..

============================

Jan 16, 2017

आ जा के इंतज़ार में-फिल्म : हलाकू

फिल्म-हलाकू [१९५६]
गीतकार-शैलेन्द्र
संगीतकार: शंकर -जयकिशन
मूल गायक-रफ़ी और लता

==============


 कवर गायक- Safeer and Alpana
Download or Play Mp3 here
===============
गीत के बोल
---------------
आ जा के  इंतज़ार में, जाने को है बहार भी
तेरे बग़ैर ज़िंदगी, दर्द बनके रह गई

१.अरमाँ लिए बैठे हैं हम, सीने में है तेरा-ही ग़म
तेरे दिल से प्यार की वो तड़प किधर गई
आ जा के  इंतज़ार में…

2.दिल की सदा पे ऐ सनम, बढ़ते गए मेरे क़दम
अब तो चाहे जो भी हो, दिल तुझे मैं दे चुकी
आजा के  इंतज़ार में …

Aug 27, 2013

दुनिया करे सवाल तो..

Meena Kumari

फिल्म--बहू बेग़म
संगीत-रोशन
गीतकार-साहिर लुध्यानवी
मूल गायिका-लता मंगेशकर

गीत-
दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें
दुनिया करे सवाल   ...

१-पूछे कोई कि दिल को कहाँ छोड़ आये हैं
किस-किस से अपना रिश्ता-ए-जाँ तोड़ आये हैं
मुशकिल हो अर्ज़-ए-हाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो   ...

२-पूछे कोई कि दर्द-ए-वफ़ा  कौन दे गया
रातों को जागने की सज़ा कौन दे गया
कहने से हो मलाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो   ...

दुनिया करे सवाल तो ...
Cover BY Alpana

To Play or Preview Mp3 Click HERE
File size-3 MB

Apr 4, 2013

मौसम है आशिक़ाना....


Meena Kumari

फिल्म- पाकीज़ा ,गीत--कमाल अमरोही
संगीत-गुलाम मोहम्मद
मूल गायिका -लता
यहाँ कवर संस्करण प्रस्तुत है.

मौसम है आशिक़ाना
ऐ दिल कहीं से उनको ऐसे में ढूँढ लाना
ऐसे में ढूँढ लाना
मौसम है आशिक़ाना ......

1-कहना के रुत जवां है, और हम तरस रहे हैं
काली घटा के साए, बिरहन को डस रहे हैं
डर है न मार डाले सावन का क्या ठिकाना
मौसम है आशिक़ाना

2-सूरज कहीं भी जाए तुम पर न धूप आए
तुमको पुकारते हैं, इन गेसुओं के साए
आ जाओ मैं बना दूँ पलकों का शामियाना
मौसम है आशिक़ाना

3-फिरते हैं हम अकेले, बाँहों में कोई ले ले
आख़िर कोई कहाँ तक, तनहाइयों से खेले
दिन हो गए हैं ज़ालिम रातें हैं क़ातिलाना
मौसम है आशिक़ाना

4-ये रात ये ख़मोशी ये ख़ाब से नज़ारे
ये ख़ाब से नज़ारे
जुग्नू हैं या ज़मीं पर, उतरे हुए हैं तारे
बेख़ाब मेरी आँखें मदहोश  है ज़माना
मदहोश है ज़माना
मौसम है आशिक़ाना
ऐ दिल कहीं से उनको ऐसे में ढूँढ लाना
मौसम है आशिक़ाना
-------------------------------------------------------

कई गीत उधार हैं,उन में से एक यह भी है .


Download or Play here
Vocals-Alpana

Mar 23, 2013

अजीब दास्ताँ है ये ...

Meena Kumari 


फिल्म-  दिल  अपना और प्रीत पराई
गीतकार- शैलेन्द्र
संगीतकार-शंकर-जयकिशन
मूल गायिका-लता मंगेशकर

प्रस्तुत गीत कवर संस्करण है.

lyrics-
अजीब दास्ताँ है ये, कहाँ शुरू कहाँ खतम
ये मंजिलें हैं कौन सी, न तुम समझ सके न हम

ये रोशनी के साथ क्यों, धुआँ उठा चिराग से
ये ख्वाब देखती हूँ मैं कि जग पड़ी हूँ ख्वाब से
अजीब दास्ताँ है...

मुबारकें तुम्हें कि तुम किसी के नूर हो गए
किसी के इतने पास हो कि सबसे दूर हो गए
अजीब दास्ताँ है...

किसी का प्यार लेके तुम नया जहाँ बसाओगे
ये शाम जब भी आएगी, तुम हमको याद आओगे
अजीब दास्ताँ है...
.......................

स्वर - अल्पना


Mp3 Download or Play