Featured Post

एक लड़की भीगी भागी सी ...स्वर -अल्पना

गीतकार-मजरूह सुल्तानपुरी

Apr 4, 2013

मौसम है आशिक़ाना....


Meena Kumari

फिल्म- पाकीज़ा ,गीत--कमाल अमरोही
संगीत-गुलाम मोहम्मद
मूल गायिका -लता
यहाँ कवर संस्करण प्रस्तुत है.

मौसम है आशिक़ाना
ऐ दिल कहीं से उनको ऐसे में ढूँढ लाना
ऐसे में ढूँढ लाना
मौसम है आशिक़ाना ......

1-कहना के रुत जवां है, और हम तरस रहे हैं
काली घटा के साए, बिरहन को डस रहे हैं
डर है न मार डाले सावन का क्या ठिकाना
मौसम है आशिक़ाना

2-सूरज कहीं भी जाए तुम पर न धूप आए
तुमको पुकारते हैं, इन गेसुओं के साए
आ जाओ मैं बना दूँ पलकों का शामियाना
मौसम है आशिक़ाना

3-फिरते हैं हम अकेले, बाँहों में कोई ले ले
आख़िर कोई कहाँ तक, तनहाइयों से खेले
दिन हो गए हैं ज़ालिम रातें हैं क़ातिलाना
मौसम है आशिक़ाना

4-ये रात ये ख़मोशी ये ख़ाब से नज़ारे
ये ख़ाब से नज़ारे
जुग्नू हैं या ज़मीं पर, उतरे हुए हैं तारे
बेख़ाब मेरी आँखें मदहोश  है ज़माना
मदहोश है ज़माना
मौसम है आशिक़ाना
ऐ दिल कहीं से उनको ऐसे में ढूँढ लाना
मौसम है आशिक़ाना
-------------------------------------------------------

कई गीत उधार हैं,उन में से एक यह भी है .


Download or Play here
Vocals-Alpana

No comments: