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Mar 10, 2014

हम थे जिनके सहारे ....


फिल्म-सफ़र
संगीत-कल्यानजी आनंद जी
गीतकार-इन्दीवर
मूल गायिका-लता

प्रस्तुत गीत में स्वर  --अल्पना

गीत के बोल-

हम थे जिनके सहारे, वो हुए ना हमारे
डूबी जब दिल की नय्या, सामने थे किनारे
हम थे जिनके सहारे ...

१-क्या मुहब्बत के वादे, क्या वफ़ा के इरादे
रेत की हैं दीवारें, जो भी चाहे गिरा दे
जो भी चाहे गिरा दे....हम थे जिनके सहारे ...

२-है सभी कुछ जहाँ में, दोस्ती है वफ़ा है
अपनी ये कमनसीबी, हमको ना कुछ भी मिला है
हमको ना कुछ भी मिला है
हम थे जिनके सहारे ...

३-यूँ तो दुनिया बसेगी, तनहाई फिर भी डसेगी
जो ज़िंदगी में कमी थी, वो कमी तो रहेगी
वो कमी तो रहेगी,हम थे जिनके सहारे ...
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Mar 8, 2014

जिस गली में तेरा घर ...फिल्म -कटी पतंग


गीत-जिस गली में तेरा घर ..
गीतकार-आनंद  बक्षी
संगीतकार -राहुल देव बर्मन
मूल स्वर-मुकेश
कवर गीत स्वर-अल्पना

गायक मुकेश के गीतों में यह गीत मुझे पसंद है इसीलिये मेरी इच्छा हुई कि इसे अपने स्वर में गा कर देखूँ... सर्दी का असर अभी तक गया नहीं है आवाज़ में जिसका असर सुनायी देगा.

Play or download MP 3 Here


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Mar 6, 2014

दो पल रुका यादों का कारवाँ...



ब्लॉग पर छाई एक लम्बी खामोशी को तोड़ते हुए एक पुराना गीत --

दो पल रुका यादों का कारवाँ

फिल्म--:वीर-ज़ारा
संगीत-मदन मोहन
गीत-जावेद अख़्तर

'दो पल रुका
ख़्वाबों का कारवाँ ,और फिर चल दिये तुम कहाँ हम कहाँ
दो पल
की की थी ये दिलों की दास्ताँ ,और फिर चल दिये तुम कहाँ हम कहाँ
''

१-तुम थे के थी कोई उजली किरण,तुम थे या कोई कली  मुस्काई थी
तुम थे या था सपनों का था सावन,तुम थे के खुशियों की घटा छायी थी
तुम थे के था कोई फूल खिला ,तुम थे या मिला था मुझे नया जहां
दो पल रुका ख़्वाबों का कारवाँ.....................

२-तुम थे के  खुशबू हवाओं में थी,तुम थे या रंग सारी दिशाओं में थे
तुम थे या रौशनी राहों में थी,तुम थे या गीत गूंजे फिजाओं में थे
तुम थे मिले या मिली थी मंजिलें ,तुम थे के था जादू भरा कोई समां
दो पल रुका, ख़्वाबों का कारवाँ
और फिर चल दिए, तुम कहाँ, हम कहाँ

यह दोगाना अपने पी सी पर सितंबर २००८ में रेकॉर्ड किया था जब मैं ट्रेक मिक्सिंग सीख ही रही थी.
कारोआक्े में शुरू में आलाप लता जी की आवाज़ में मूल ट्रेक से ही हैं]


[प्रस्तुत आवाज़ें-राजा पाहवा और  अल्पना ]
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