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खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

झाँसी  की रानी -कविता पाठ =================== -[सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी ] Kavita Paath: Alpana Verma सिंहासन हिल उठे...

Jul 21, 2012

सारे सपने कहीं खो गए...



अलका याग्निक जी  की प्रायवेट अल्बम 'तुम याद आये 'का एक गाना 

गीतकार-जावेद अख्तर 
संगीत-राजू सिंह 

सारे सपने कहीं खो गए..
हाय ,हम क्या से क्या हो गए,

दिल से तन्हाई का दर्द जीता,क्या कहें हम पे क्या  क्या न बीता ,
तुम से मिलें के दिन तो गए,हाय हम क्या से क्या हो गए..

सारे...

तुमने हम से कही थीं जो बातें ,उनको दोहराती हैं गम की रातें ,
तुम ना आये मगर जो गए..हाय हम क्या से क्या हो गए ,

सारे....

कोई शिकवा न कोई गिला है तुमसे कब हम को ये गम मिला है ,
हाँ नसीब अपने ही सो गए,हाय हम क्या से क्या हो गए ...

सारे...
Mp3 Download or Play Here
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Cover  by Alpana...
Intro by Javed Akhtar sahab  added which is  taken  from the original song.

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3 comments:

ताऊ रामपुरिया said...

अलका याज्ञ्निक से आपकी आवाज बहुत मिलती है, बहुत बेहतरीन गाया आपने, शुभकामनाएं.

रामराम.

SANTOSH said...

nice singing!!!!

prem sandeep said...

बहोत ही बढ़िया

ओरिजिनल सॉन्ग से 100% मैच करता है


गुड लक