Featured Post

खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

झाँसी  की रानी -कविता पाठ =================== -[सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी ] Kavita Paath: Alpana Verma सिंहासन हिल उठे...

Jul 14, 2012

लग जा गले के ...cover song




लग जा गले के फिर ये हसीन रात हो न हो...
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो....

इस गीत को परिचय की कोई आवश्यकता नहीं है. जिन्होंने इस गीत को संगीत दिया था उनकी बरसी पर मैं यह श्रद्धासुमन अर्पित करती हूँ

प्रस्तुत गीत --स्वर--अल्पना

Presenting Cover version BY Alpana


Mp3 Download or preview here

मदन जी के प्रशंसक उन पर लिखी मेरी यह पोस्ट भी पढियेगा. http://alpana-verma.blogspot.com/2009/05/blog-post_13.html

2 comments:

Ramakant Singh said...

गुनगुनाती सुबह का आनंद मिल गया आपकी आवाज़ और सुन्दर शब्दों का संयोजन अहा ......शुभप्रभात

ताऊ रामपुरिया said...

वो कौन थी के इस खूबसूरत गीत द्वारा आपने स्व. मदनमोहन जी को सच्चे श्रद्धासुमन अर्पित किये हैं. बहुत सुंदर गाया आपने.

रामराम.