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Aug 21, 2017

लग जा गले के फिर ये ...फिल्म: वो कौन थी ?

फिल्म : वो कौन थी ?
गीतकार -राजा मेहदी अली खान
संगीतकार -मदन मोहन
मूल गायिका :  लता मंगेशकर

प्रस्तुत गीत में स्वर - अल्पना वर्मा
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 lyrics-Lag ja gale se
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लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले से ...

१.हमको मिली हैं आज, ये घड़ियाँ नसीब से
जी भर के देख लीजिये हमको क़रीब से
फिर आपके नसीब में ये बात हो न हो
फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले ....................

२.पास आइये कि हम नहीं आएँगे बार-बार
बाहें गले में डाल के हम रो लें ज़ार-ज़ार
आँखों से फिर ये प्यार कि बरसात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो

लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले कि फिर ये हंसी रात हो न हो

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Mar 26, 2017

दो घड़ी वो जो पास आ बैठे-फ़िल्म-गेटवे ऑफ़ इंडिया [1957] Do ghadi wo jo paas

फ़िल्म-गेटवे ऑफ़ इंडिया [1957]
संगीतकार - मदन मोहन
गीतकार -राजेंद्र कृष्ण
मूल गायक - मोहम्मद रफी लता मंगेशकर

Mar 8, 2017

छोड़ कर तेरे प्यार का दामन -फिल्म: वो कौन थी [१९६४]

फिल्म: वो कौन थी [१९६४]
गीतकार :राजा मेहदी अली खान
संगीतकार :मदन मोहन
मूल गायक -लता मंगेशकर और मो. रफ़ी
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This cover song is sung by Safeer and Alpana
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Lyrics-
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छोड़कर तेरे प्यार का दामन ये बता दे के हम किधर जाएँ
हम को डर है के तेरी बाहों में , हम खुशी से ना आज मर जाएँ

१.मिल गए आज काफिले दिल के, हम खड़े हैं  करीब मंजिल के
मुस्कराकर  जो तुम ने देख लिया, मिट गए हँस के सब गिले दिल के
कितनी प्यारी है ये हसीं घड़ियाँ , इन से कह दो यहीं ठहर  जाएँ

2.तेरे कदमो पे जिन्दगी रख दूँ  अपनी आंखों की रोशनी रख दूँ
तू अगर खुश हो मै तेरे दिल में अपने दिल की हर इक खुशी रख दूँ
मेरे हमदम मेरी खुशी ये है, तू नजर आये, हम जिधर जाएँ
3.देखकर प्यार इन निगाहों में
दीप से जल गए हैं राहों में
तुमसे मिलते न हम तो ये दुनिया दूब जाती हमारी आहों में
अपनी आहों से आज ये कह दो
अब न होठों पे उम्र भर आएँ


छोड़कर तेरे प्यार का दामन ये बता दे के हम किधर जाएँ
हम को डर है के तेरी बाहों में , हम खुशी से ना आज मर जाएँ
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Jan 21, 2017

ज़मीं से हमें आसमां पर ....Film-Adalat [1958]


फिल्म- अदालत [१९५८]
गीतकार-राजेंद्र किशन
संगीतकार-मदन मोहन
मूल गायक -आशा भोसले और रफ़ी
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कवर गायक - सफ़ीर और अल्पना
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गीत के बोल -
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ज़मीं से हमें आसमां पर, बिठा के गिरा तो ना दोगे
अगर हम ये पूछें के दिल में, बसा के भूला तो ना दोगे

१.ऐ रात इस वक्त आँचल में तेरे जितने भी हैं ये सितारें
जो दे दे तू मुझको, तो फिर मैं लूटा दू, किसी की नज़र पे ये सारे

कहो के ये रंगीन सपनें, सजा के मिटा तो ना दोगे
अगर हम ये पूछें कि दिल में, बसा के भूला तो ना दोगे

2.तुम्हारे सहारे निकल तो पड़े हैं, है मंज़िल कहाँ दिल न जाने
जो तुम साथ दोगे, तो आएगी इक दिन, मंज़िल गले से लगाने

इतना तो दिल को यकीं है, हमें तुम दगा तो ना दोगे
अगर हम ये पूछें कि दिल में, बसा के भूला तो ना दोगे

ज़मीं से हमें आसमां पर, बिठा के गिरा तो ना दोगे

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Dec 28, 2014

अगर मुझसे मोहब्बत है -स्वर -अल्पना

फिल्म-आप की परछाइयाँ
 मूल गायिका--लता जी
 संगीतकार-मदन मोहन ,
गीतकार- रजा मेहदी अली खान

 फिल्मांकन सुप्रिया चौधरी और धर्मेन्द्र पर किया गया .
 गीत का कवर संस्करण --अल्पना वर्मा

 गीत के बोल-

अगर मुझसे मोहब्बत है,
मुझे सब अपने ग़म दे दो
इन आँखों का हर एक आँसू,
मुझे मेरी कसम दे दो

 १-तुम्हारे ग़म को अपना ग़म बना लूँ , तो करार आए
तुम्हारा दर्द सीने में छूपा लूँ. तो करार आए

वो हर शय जो, तुम्हे दुःख दे, मुझे मेरे सनम दे दो

 २-शरीक-ए-जिन्दगी को क्यों, शरीक-ए-गम नहीं करते
 दुखों को बाटकर क्यों, इन दुखों को कम नहीं करते

 तड़प इस दिल की थोड़ी सी, मुझे मेरे सनम दे दो

3- इन आँखों में ना अब मुझको कभी आँसू नजर आए
सदा हँसती रहे आँखे, सदा ये होंठ मुसकाये

मुझे अपनी सभी आहे, सभी दर्द-ओ-आलम दे दो

 अगर मुझसे मोहब्बत है, मुझे सब अपने ग़म दे दो
इन आँखों का हर एक आँसू, मुझे मेरी कसम दे दो

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Dec 5, 2014

हम हैं मता ए कूचा [ग़ज़ल]


ग़ज़ल फिल्म दस्तक से है जिसे लिखा मजरूह सुलतानपुरी ने और धुन मदन मोहन जी की बनाई हुई  है.फिल्म के लिए इस ग़ज़ल के दो ही शेर लिए गए हैं.यहाँ मैंने पूरी ग़ज़ल दी है..
फिल्म के लिए लता जी ने गाया है जिसे रहना सुल्तान पर फिल्माया गया था .
ग़ज़ल
हम हैं मता ए कूचा ओ बाज़ार की तरह ,
उठती है हर निगाह खरीददार की तरह

वो तो कहीं है और मगर दिल के आस पास
फिरती है कोई शै निगाहें ए यार की तरह

इस कू-ए-तिश्नगी में बहुत है के एक जाम
हाथ आ गया है दौलत-ए-बेदार की तरह

सीधी है राह-ए-शौक़ प यूँ ही कभी कभी
ख़म हो गयी  है गेसू-ए-दिलदार की तरह

मजरूह लिख रहे हैं वो अहले वफा का नाम ....
हम भी खड़े हुए हैं गुनाहगार की तरह ...
हम हैं मता ए कूचा ओ ...

.................................
यहाँ जो प्रस्तुति है उसे मैंने अपना स्वर दिया है ,प्रयास किया है कि पूरी तरह से निभा सकूँ.
कवर संस्करण -


Vocals--Alpana Verma  [dec,2012]
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Aug 11, 2013

ना तुम बेवफा हो, ना हम ...



 न तुम बेवफा हो,न हम बेवफा हैं
फिल्म--एक कली मुस्काई
 संगीत --मदन मोहन
 गीतकार  --राजेंद्र कृष्ण
मूल गायिका -लता मंगेशकर
प्रस्तुत गीत में स्वर -अल्पना

गीत के बोल --
ना तुम बेवफा हो, ना हम बेवफा हैं
मगर क्या करें, अपनी राहें जुदा हैं

1-जहाँ ठण्डी-ठण्डी हवा चल रही है
किसी की मोहब्बत वहां जल रही है
ज़मीं आसमां हमसे दोनों खफा हैं
---
2-अभी कल तलक तो मोहब्बत जवां थी
मिलन ही मिलन था, जुदाई कहाँ थी
मगर आज दोनों ही बे-आसरा हैं
---
3-ज़माना कहे मेरी राहों में आ जा
मोहब्बत कहे मेरी बाहों में आ जा
वो समझे ना मजबूरियाँ अपनी क्या हैं.
ना तुम----

 .....कवर संस्करण
 

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Jul 22, 2013

बेताब दिल की...


बेताब दिल की तमन्ना यही है ...
गीत फिल्म-हँसते जख्म से है,
 जिसे लिखा है--शकील बदायूंनी और धुन संगीतकार मदन मोहन जी की बनाई हुई है।
प्रस्तुत गीत कवर संस्करण है ।

स्वर-अल्पना
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गीत के बोल-
 बेताब दिल की तमन्ना यही है
 तुम्हे चाहेंगे तुम्हे पूजेंगे तुम्हे अपना खुदा बनाएँगे...
 १-सूने सूने ख़्वाबों में, जब तक तुम ना आये थे
 खुशियाँ थी सब औरों की,
ग़म भी सारे पराये थे अपने से भी छुपाई थी ,
धडकन अपने सीने की
हमको जीना पड़ता था, ख्वाहिश कब थी जीने की
अब जो आ के तुमने, हमें जीना सिखा दिया है
चलो दुनिया नयी बसायेंगे

२-भीगी-भीगी पलकों पर ,सपने कितने सजाये थे
दिल में जितना अँधेरा था, उतने उजाले आये हैं
 तुम भी हमको जगाना ना ,बाहों में जो सो जाएँ
जैसे खुशबू फूलों में, तुम में यूँ ही खो जाएँ
पल भर किसी जनम में ,कभी छूटे ना साथ अपना
तुम्हे ऐसे गले लगाएंगे

३- वादे भी हैं कसमे भी, बीता वक्त इशारों का
 कैसे कैसे अरमा हैं, मेला जैसे बहारों का
 सारा गुलशन दे डाला, कलियाँ और खिलाओ ना
हँसते - हँसते रो दें हम, इतना भी तो हँसाओ ना,
 दिल में तुम्ही बसे हो, रहा आँचल वो भर चुका है

 कहाँ इतनी खुशी छुपाएंगे, बेताब दिल की तमन्ना यही है....
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May 11, 2013

रस्मे उलफत को निभाएँ...

रस्मे उलफत को निभाएँ तो निभाएँ कैसे..
.Film-Dil ki raahen[1973]
एक बेहद खूबसूरत ग़ज़ल ...
मजरूह सुलतानपुरी साहब की लिखी और मदन मोहन जी का संगीत,लता जी की कशिश भरी आवाज़...जितनी बार भी सुनो ...हर बार नई सी लगती है...
इस यादगार ग़ज़ल को अपने स्वर में प्रस्तुत कर रही हूँ,आशा है पसंद आएगी।[a request song..]

Feb 21, 2013

वो चुप रहें तो ...फिल्म -जहाँआरा


गीतकार-राजेंद्र किशन
संगीतकार-मदन मोहन
मूल गायिका-लता मंगेशकर
फिल्म -जहाँआरा

वो चुप रहें तो मेरे दिल के दाग़ जलते हैं
जो बात कर लें तो बुझते चिराग़ जलते हैं

१ -कहो बुझें के जलें
हम अपनी राह चलें या तुम्हारी राह चलें
कहो बुझें के जलें
बुझें तो ऐसे के जैसे किसी ग़रीब का दिल
किसी ग़रीब का दिल
जलें तो ऐसे के जैसे चिराग़ जलते हैं

२ -ये  खोई खोई नज़र
कभी तो होगी इधर या सदा रहेगी उधर
ये  खोई खोई नज़र
उधर तो एक सुलग़ता हुआ है वीराना
मगर इधर तो बहारों में बाग़ जलते हैं

३ -जो अश्क़ पी भी लिए
जो होंठ सी भी लिए, तो सितम ये किस पे किए
जो अश्क़ पी भी लिए
कुछ आज अपनी सुनाओ कुछ आज मेरी सुनो
ख़ामोशियों से तो दिल और दिमाग़ जलते हैं

बिना संगीत ..यूँ ही गुनगुनाते हुए..मेरी आवाज़ में पहले दो  अंतरे प्रस्तुत हैं -

Feb 13, 2013

ज़मीं से हमें आसमां पर...


फिल्म -अदालत
 संगीत-मदन मोहन
 गीतकार-राजेन्द्र किशन
 मूल स्वर-आशा -रफ़ी
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 कवर संस्करण प्रस्तुति ---अल्पना Cover song
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Dec 18, 2012

मुश्किल है जीना

Priya Rajvansh

प्रस्तुत गीत 'मुश्किल है जीना बेदर्दों की दुनिया में '--फिल्म साहब बहादुर का है जिसे प्रिया  राजवंश पर फिल्माया गया था.देव आनंद की इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर सफलता नहीं मिली थी.
पर गीत बेहद लोकप्रिय हुआ था.
गीतकार राजेंद्र कृष्ण के लिखे इस  बेहद खूबसूरत गीत जो मदन मोहन जी के संगीत मे पिरोया गया है.
लता जी के गाये मूल  गीत को  सुनकर कोई  भी गुनगुनाये बिना नहीं रह सकता बस मैंने भी
इस गीत को सुना तो लगा कि एक कोशिश की जानी चाहिए.
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Dec 14, 2012

मैं तो तुम संग नैन मिला के..


Actress-Sadhana 

फिल्म-मन मौजी
संगीत -राजेंद्र कृष्ण ,संगीत-मदन मोहन
मूल गायिका -लता जी,

गीत-
मैं तो तुम संग, नैन मिला के
हार गई सजना, हो, हार गई सजना
मैं तो तुम संग...

क्यूँ झूठे से प्रीत लगाई
क्यूँ छलिये को मीत बनाया
क्यूँ आंधी में दीप जलाया
मैं तो तुम संग ...

सपने में जो बाग़ लगाए
नींद खुली तो वीराने थे
हम भी कितने दीवाने थे
मैं तो तुम संग ...

ना मिलतीं ये बैरन अँखियाँ
चैन न जाता दिल भी न रोता
काश ,किसी से प्यार न होता
मैं तो तुम संग ...
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प्रस्तुत गीत एक प्रयास -स्वर-अल्पना

Aug 6, 2012

एक बात पूछती हूँ.....Cover song

Mala Sinha


एक बात पूछती हूँ...

फिल्म-सुहागन [१९६४]
संगीत-मदन मोहन ,गीतकार -
मूल गायिका -लता मंगेशकर
अभिनेत्री-माला सिन्हा.
प्रस्तुत गीत में स्वर-अल्पना

फिल्म में नायिका माला सिन्हा ' अपने दिल से बड़े मासूम से सवाल-जवाब करती है.
शायद बहुतों ने यह गाना सुना न हो /सुना हो मगर भूल गए होंगे.
मैंने भी कुछ महीने पहले ही सुना था.

गीत-
एक बात पूछती हूँ ऐ दिल ,जवाब देना,
क्यों उनकी हो गयी हूँ, ऐ दिल जवाब देना ..

बाकि आप सुनें.....
[I feel ,one can  learn a lot from these difficult compositions!
Me too ..learning only!]
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Aug 3, 2012

हर तरफ़ अब यही अफसाने हैं ..Cover song


फिल्म-हिंदुस्तान की कसम
गीतकार-
संगीत-मदन मोहन ,गीतकार-कैफी आज़मी
मूल गायक-मन्ना डे

प्रस्तुत गीत में स्वर----अल्पना

मदन जी का संगीत और मन्ना डे साहब का गाया हो तो आसान नहीं होता.
[मन्ना डे साहब से माफ़ी सहित]
मुझे बहुत पसंद है इसलिए एक प्रयास किया है.

गीत-
हर तरफ़ अब यही अफसाने हैं
हम तेरी आँखों के दीवाने हैं ...




Har taraf ab yahi afsane hain Mp3 Play

Jul 26, 2012

हम प्यार में जलने वालों को..Cover song



हम प्यार में जलने वालों को चैन कहाँ हाय...आराम कहाँ...यह गीत फिल्म-जेलर [1958]से है,जिसे लता जी ने फिल्म में गीता बाली के लिए गाया था।मदन मोहन जी के संगीत में यह गीत है और राजेंद्र कृष्ण जी का लिखा हुआ है।
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Presenting Cover song...Vocals- Alpana

Jul 14, 2012

लग जा गले के ...cover song




लग जा गले के फिर ये हसीन रात हो न हो...
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो....

इस गीत को परिचय की कोई आवश्यकता नहीं है. जिन्होंने इस गीत को संगीत दिया था उनकी बरसी पर मैं यह श्रद्धासुमन अर्पित करती हूँ

प्रस्तुत गीत --स्वर--अल्पना

Presenting Cover version BY Alpana


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मदन जी के प्रशंसक उन पर लिखी मेरी यह पोस्ट भी पढियेगा. http://alpana-verma.blogspot.com/2009/05/blog-post_13.html

Mar 2, 2012

आज सोचा तो आँसू भर आए...

आज सोचा तो आँसू भर आए
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गीत- कैफ़ी आज़मी
फिल्म-हँसते ज़ख्म
संगीत-मदन मोहन


स्वर - अल्पना

Feb 17, 2012

झुमका गिरा रे....

झुमका गिरा रे...

फिल्म-मेरा साया
मूल गायिका आशा भोसले....संगीतकार-मदन मोहन
प्रस्तुत स्वर--अल्पना
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Jan 17, 2012

वो भूली दास्ताँ लो फिर याद आ गई ..


वो भूली दास्ताँ लो फिर याद आ गई ..
फिल्म- संजोग
Lyrics: Rajinder Krishan
Music director-Madan Mohan


वो भूली दास्तां लो फिर याद आ गई
नज़र के सामने घटा सी छा गयी
वो भूली दास्तां ...........

कहाँ से फिर चले आये, वो कुछ भटके हुए साये
वो कुछ भूले हुए नग़मे, जो मेरे प्यार ने गाये
वो कुछ बिखरी हुई यादें, वो कुछ टूटे हुए नग़मे
पराये हो गये तो क्या, कभी ये भी तो थे अपने
न जाने इनसे क्यों मिलकर, नज़र शर्मा गयी
वो भूली ...

बड़े रंगीन ज़माने थे, तराने ही तराने थे
मगर अब पूछता है दिल, वो दिन थे या फ़साने थे
फ़क़त इक याद है बाकी, बस इक फ़रियाद है बाकी
वो खुशियाँ लुट गयी लेकिन, दिल-ए-बरबाद है बाकी
कहाँ थी ज़िन्दगी मेरी, कहाँ पर आ गयी
वो भूली ...

उम्मीदों के हँसी मेले, तमन्नाओं के वो रेले
निगाहों ने निगाहों से, अजब कुछ खेल से खेले
हवा में ज़ुल्फ़ लहराई, नज़र पे बेखुदी छाई
खुले थे दिल के दरवाज़े, मुहब्बत भी चली आई
तमन्नाओं की दुनिया पर, जवानी छा गयी
वो भूली ...

वो भूली दास्तां लो फिर याद आ गयी
नज़र के सामने घटा सी छा गयी
वो भूली दास्तां लो फिर याद आ गयी

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Cover song by Alpana

स्वर- अल्पना