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खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

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Aug 21, 2017

लग जा गले के फिर ये ...फिल्म: वो कौन थी ?

फिल्म : वो कौन थी ?
गीतकार -राजा मेहदी अली खान
संगीतकार -मदन मोहन
मूल गायिका :  लता मंगेशकर

प्रस्तुत गीत में स्वर - अल्पना वर्मा
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 lyrics-Lag ja gale se
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लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले से ...

१.हमको मिली हैं आज, ये घड़ियाँ नसीब से
जी भर के देख लीजिये हमको क़रीब से
फिर आपके नसीब में ये बात हो न हो
फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले ....................

२.पास आइये कि हम नहीं आएँगे बार-बार
बाहें गले में डाल के हम रो लें ज़ार-ज़ार
आँखों से फिर ये प्यार कि बरसात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो

लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले कि फिर ये हंसी रात हो न हो

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1 comment:

Safeer Ahmad said...

A haunting and nostalgic song ... sung so nicely