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Jul 7, 2017

पर्बतों के पेड़ों पर ...फिल्म-शगुन Parbaton ke pedon par -Shagun

पर्बतों के पेड़ों पर ....
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फिल्म-शगुन
संगीतकार-खय्याम
गीतकार-साहिर लुधयानवी
मूल गायक -सुमन कल्यानपुर और मो.रफ़ी
प्रस्तुत गीत में स्वर- सफीर अहमद और अल्पना वर्मा
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परबतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है
सूरमई उजाला है, चम्पई  अंधेरा है
सूरमई उजाला है

१.दोनों वक़्त मिलते हैं दो दिलों की सूरत से
दोनों वक़्त मिलते हैं दो दिलों की सूरत से
आसमान ने खुश होकर रंग सा बिखेरा है
आसमान ने खुश होकर........

२.ठहरे-ठहरे पानी में गीत सर-सराते हैं
ठहरे-ठहरे पानी में गीत सर-सराते हैं
भीगे-भीगे झोंकों में खुश्बुओं का डेरा है
भीगे-भीगे झोंकों में खुश्बुओं का डेरा है
परबतों के पेड़ों पर................

३.क्यूँ ना जज़्ब हो जाएँ इस हसीन नज़ारे में
क्यूँ ना जज़्ब हो जाएँ इस हसीन नज़ारे में
रोशनी का झुरमट है मस्तियों का घेरा है
रोशनी का झुरमट है मस्तियों का घेरा है
परबतों के पेड़ों पर....................

4.अब किसी नज़ारे की दिल को आरज़ू क्यों हो
अब किसी नज़ारे की दिल को आरज़ू क्यों हो
जब से पा लिया तुम को सब जहाँ मेरा है
जब से पा लिया तुम को सब जहाँ मेरा है
परबतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है
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Jan 15, 2017

तुम जो हुए मेरे हमसफ़र...

फिल्म : 12 O'clock  [१९५८]
संगीतकार- ओ पी नय्यर
गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी
मूल गायक : मो.रफ़ी और गीता दत्त
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कवर गायक -Safeer & Alpana
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गीत के बोल :-
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तुम जो हुए मेरे हमसफ़र, रस्ते बदल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की, राहों मे जल गये

१.आया मज़ा, लाया नशा, तेरे लबों की बहारों का रंग
मौसम जवाँ, साथी हसीं, उस पर नज़र के इशारों का रंग
जितने भी रंग थे, सब तेरी आँखों में ढल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की, राहों मे जल गये ...

2.क्या मंज़िलें क्या कारवाँ, बाहों में तेरी है सारा जहाँ
आ जानेजाँ, चल दे वहाँ, मिलते जहाँ पे ज़मीं आसमाँ
मंज़िल से भी कहीं दूर हम, आगे निकल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की, राहों मे जल गये ...

तुम जो हुए मेरे हमसफ़र, रस्ते बदल गये
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Jan 13, 2017

रिमझिम के तराने लेके आई बरसात...

फिल्म : काला बाज़ार (१९६०)
संगीतकार-सचिन देव बर्मन
गीतकार : शैलेन्द्र
मूल गायक : मो.रफ़ी और  गीता दत्त
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Download / Play mp3

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कवर गायक -सफ़ीर  और अल्पना
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गीत के बोल :-
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रिमझिम के तराने लेके आई बरसात
याद आए किसी से वो पहली मुलाक़ात
रिमझिम के तराने लेके आई बरसात

१.भीगे तन-मन, पड़े रस की फुहार
प्यार का संदेसा लाई बरखा बहार
मैं ना बोलूँ, आँखें करें अँखियों से बात
रिमझिम के तराने लेके …

2.सुनके मतवाले काले बादलों का शोर
रूम-झूम घूम-घूम नाचे मन का मोर
सपनों का साथी चल रहा है मेरे साथ
रिमझिम के तराने लेके …

3.जब मिलते हो तुम क्यूँ छिड़ते हैं दिल के तार
मिलने को तुमसे मैं क्यूँ था बेक़रार
रह जाती है क्यूँ होंठों तक आके दिल की बात
रिमझिम के तराने लेके .................
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Aug 19, 2016

आ आ भी जा -फिल्म : तीसरी क़सम

फिल्म-तीसरी क़सम
मूल गायिका -लता मंगेशकर
संगीतकार-शंकर जयकिशन
गीतकार -शैलन्द्र
अभिनेत्री-वहीदा रहमान
प्रस्तुति कवर संस्करण -अल्पना

गीत के बोल [lyrics]
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रहेगा इश्क़ तेरा ख़ाक में मिलाके मुझे
हुए हैं इब्तिदा में रंज इन्तिहा के मुझे
आ आ भी जा
रात ढलने लगी, चाँद छुपने चला
आ आ भी जा

१.तेरी याद में बेख़बर, शमा की तरह रातभर
जली आरज़ू दिल जला
आ आ भी जा …

2.उफ़क़ पर खड़ी है सहर, अँधेरा है दिल में इधर
वही रोज़ का सिलसिला
आ आ भी जा …

3.सितारों ने मुँह फेरकर, कहा अलविदा हमसफ़र
चला कारवाँ फिर चला
आ आ भी जा …


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Vocals-Alpana
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Dec 23, 2013

हे रोम-रोम में बसने वाले राम


फिल्म  : नीलकमल  [1968]
गीतकार : साहिर लुधियानवी,
संगीतकार : रवि ,
मूल गायिका : आशा भोसले,

गीत-
हे रोम रोम में बसने वाले राम
जगत के स्वामी, हे अंतर्यामी, मैं तुझ से क्या माँगू

१-आस का बंधन तोड़ चूकी हूँ
तुझ पर सब कुछ छोड़ चूकी हूँ
नाथ मेरे मैं क्यो कुछ सोचूँ, तू जाने तेरा काम
जगत के स्वामी ....

२-तेरे चरण की धूल जो पाये
वो कंकर हीरा हो जाये
भाग मेरे जो मैने पाया, इन चरणों में धाम.
जगत के स्वामी ....

३-भेद तेरा कोई क्या पहचाने
जो तुझ सा हो, वो तुझे जाने
तेरे किये को हम क्या देवे, भले बुरे का नाम.

हे रोम रोम में बसने वाले राम ....

प्रस्तुति -कवर संस्करण -स्वर-  अल्पना
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Jul 11, 2013

दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में ...




कवि शैलेन्द्र की फिल्म'तीसरी कसम' को सिनेमा नहीं सेलुलोइड पर लिखी कविता कहा गया है।
यह एक ऐसी फिल्म है जिसका प्रभाव देर तक दिमाग पर रहता है।
इस फिल्म के सभी गाने बहुत अच्छे हैं।
राजकपूर यानी हीरामन का सादगी भरा चरित्र या हीराबाई की खामोश उदासियाँ।
.................
गीतकार-शैलेन्द्र
संगीत--शंकर - जयकिशन

गीत-
दुनिया बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई
काहे को दुनिया बनाई, तूने काहे को दुनिया बनाई

१-काहे बनाए तूने माटी के पुतले,
धरती ये प्यारी प्यारी मुखड़े ये उजले
काहे बनाया तूने दुनिया का खेला
जिसमें लगाया जवानी का मेला
गुप--चुप तमाशा देखे, वाह रे तेरी खुदाई
काहेको दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई ...

२-तू भी तो तड़पा होगा मन को बनाकर,
तूफ़ां ये प्यार का मन में छुपाकर
कोई छवि तो होगी आँखों में तेरी
आँसू भी छलके होंगे पलकों से तेरी
बोल क्या सूझी तुझको, काहेको प्रीत जगाई
काहे को दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई ...

३-प्रीत बनाके तूने जीना सिखाया,
हंसना सिखाया,रोना सिखाया
जीवन के पथ पर मीत मिलाए
मीत मिला के तूने सपने जगाए
सपने जगा के तूने, काहे को दे दी जुदाई
काहेको दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई

इस गीत को फिल्म में राजकपूर और वहीदा रहमान पर फिल्माया गया था।
इसके मूल गायक मुकेश जी हैं।
मुझे पसंद है इसलिए अपने स्वर में प्रस्तुत कर रही हूँ।

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Jul 9, 2013

सजनवा बैरी हो गए हमार...

सजनवा बैरी हो गए


 फिल्म-तीसरी कसम
 मूल गायक-मुकेश
प्रस्तुत गीत कवर संस्करण है.

स्वर-अल्पना वर्मा

 गीत के बोल- 
 सजनवा बैरी हो गएहमार
 चिठिया हो तो हर कोई बांचे
 भाग न बांचे कोई करमवा बैरी हो गए
 हमार सजनवा बैरी हो गए हमार

 १-जाये बसे परदेस सजनवा सौतन के भरमाये
ना सन्देश ना कोई खबरिया
रुत आये रुत जाए ना कोई इस पार हमारा
ना कोई उस पार सजनवा बैरी हो गए हमार

 २-सूनी सेज गोद मोरी सूनी  मरम ना जाने कोए
 छटपट तड़पे प्रीत विचारी  ममता आँसू  रोये
डूब गए हम बीच भंवर  में करके सोलह पार

करमवा बैरी हो गए हमार
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Vocals-Alpana

Aug 1, 2012

तेरे मेरे सपने ..cover song


film-Guide

Film-Guide
Lyrics-Shailendra ,Music S.D. Burman,
Original Singer-Rafi

Presenting Cover by Alpana
तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
जहाँ भी ले जाएं राहें, हम संग हैं


मेरे तेरे दिल का,तय था इक दिन मिलना
जैसे बहार आने पर,तय है फूल का खिलना
ओ मेरे जीवन साथी,तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
जहाँ भी ले जाएं राहें, हम संग हैं

तेरे दुख अब मेरे,मेरे सुख अब तेरे
तेरे ये दो नैना,चाँद और सूरज मेरे
ओ मेरे जीवन साथी,तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
जहाँ भी ले जाएं राहें, हम संग हैं


लाख मना ले दुनिया, साथ न ये छूटेगा
आ के मेरे हाथों में, हाथ न ये छूटेगा
ओ मेरे जीवन साथी,तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं
जहाँ भी ले जाएं राहें, हम संग हैं
तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं

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Jul 15, 2012

'रंगीला रे, तेरे रंग में '- cover by Alpana



गीतकार- नीरज
संगीतकार- सचिनदेव बर्मन
फिल्म-- प्रेम पुजारी - 1970
Movie- Prem Pujari - 1970 अभिनेत्री -वहीदा रहमान
मूल गायिका -लता जी

रंगीला रे, तेरे रंग में, यूँ रंगा हैं, मेरा मन
छलिया रे, ना बुझे है, किसी जल से ये जलन
१-पलकों के झूले पे, सपनों की डोरी
प्यार ने बांधी जो, तू ने वो तोडी
खेल ये कैसा रे, कैसा रे साथी
दिया तो झूमे हैं, रोये है बाती
कहीं  भी जाए रे, रोये या गाये रे
चैन ना पाए रे हिया.....

शेष गीत खुद सुन लिजीये..

प्रस्तुत गीत में  स्वर- अल्पना



'अहसास की ख़ुश्बू कहाँ आवाज़ के जुगनू कहाँ ,
ख़ामोश यादों के सिवा घर में रहा कुछ भी नहीं .
- "बशीर बद्र"

Jun 24, 2012

कैसा जादू बलम तूने डारा.....फिल्म 12 O'clock



कैसा जादू बलम तूने डारा





फिल्म- 12 o' clock [1958]
गीत-मजरूह सुल्तानपुरी 
संगीत-ओ.पी.नय्यर 
मूल गायिका-गीता दत्त
प्रस्तुत गीत में स्वर-अल्पना 
अभिनेत्री-वहीदा रहमान 

कैसा जादू बलम तूने डारा
खो गया नन्हा सा दिल हमारा
कैसा जादू बलम तूने डारा
खो गया नन्हा सा दिल हमारा
कैसा जादू..........
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Cover song By Alpana

Oct 30, 2010

'गीता दत्त--एक सितारा जो आज भी जगमगा रहा है'[और जाने क्या तूने कही ]

पा‌र्श्वगायिका'गीता दत्त 'भारतीय चित्रपट संगीत के आकाश का वह चमकता सितारा जिसकी रोशनी कभी धूमिल नहीं होगी.उनकी रेशमी आवाज के जादू से कौन नावाकिफ़ है?ये सितारा आज भी हमारे बीच अपने गीतों के रूप में जगमगा रहा है और सदियों ऐसे ही चमकता रहेगा .
गीत्तदत्त का जन्म 23 नवंबर 1930 को फरीदपुर( बाँग्ला देश ) में हुआ था गीता दत्त का पूरा नाम गीता घोष राय चोधरी था .1942 में उन के परिवार वाले मुंबई आ गये थे.
सब से पहले उन्होंने दो भाई फिल्म में सोलो गाना सचिन देव बर्मन जी के निर्देशन में गाया उस से पहले १९४६ में फिल्म 'भक्त प्रह्लाद में समूह गान में उन्होंने गाया था.आखिर सोलो गीत उन्होंने फिल्म 'अनुभव' के लिए गाये थे.रफ़ी के साथ उनका एक गीत किसी फिल्म के लिए शायद १९८३ में रिलीज़ हुआ था.
अभिनय क्षेत्र में भी उन्होंने क़दम रखा था,गुरुदत्त की फिल्म गौरी में कुछ हिस्सा था लेकिन उस फिल्म को गुरुदत्त ने स्क्रेप कर दिया था .एक मात्र बांग्ला फिल्म बधुबरण में उन्होंने काम किया.जो ख़ास चली नहीं.
गीता जी का संगीत करियर १९४६ से १९७२ तक रहा .उन्होंने लगभग १५०० गीत गए.१९४७ से १९५९ तक का समय उनका सब से अच्छा और सक्रीय समय रहा.उनके गए फ़िल्मी और गैर फ़िल्मी गीतों में हर तरह के गीत मिलेंगे चाहे वह भक्ति गीत हो या क्लब डांस गीत,बच्चों के लिए लोरी हो या ग़ज़ल उन्होंने गायकी के हर रंग में गीत गा कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है.सचिन देव बर्मन ,ओ.पी.नय्यर और हेमंत कुमार के संगीत निर्देशन में उन्होंने बेहतरीन नगमे हमें दिए.उनकी गायन विविधता और कुशलता इसी बात से मालूम होतीहै कि उन्होंने हिंदी और बांग्ला के अलावा अन्य भाषाओँ में भी लगभग १०० संगीत निर्देशकों के लिए गाया है.
फिल्म बाज़ी के दौरान उनकी मुलाकात अभिनेता और निर्देशक गुरुदत्त जी से हुई और उनसे 26 मई 1953 को विवाह हुआ.उनके दो पुत्र[तरुण और अरुण] और एक पुत्री[नीना] हैं.

गुरुदत्त के मृत्यु १९६४ में होने के बाद गीता जी टूट गयी और फिल्मों से सम्बन्ध लगभग टूट गया.उनके बेटे तरुण दत्त ने सिने ब्लिट्ज पत्रिका में लिखा था कि पिता ने आत्महत्या नहीं की थी. उनकी दादी गीता जी को पसंद नहीं करती थीं और चाहती थीं कि गुरुदत्त वहीदा से विवाह करें.गुरु दत्त कभी दूसरा विवाह नहीं चाहते थे.उनके अनुसार उनके पास उनके पिता जी के उनकी माँ को लिखे letters मौजूद हैं ,जिनसे नहीं लगता कि उनके संबंधों में कोई दरार थी.शायद गुरुदत्त की असामयिक मृत्यु के दर्द को गीता जी सहन नहीं कर सकीं और उसी दुःख में जलते उन्हें नर्वस ब्रेकडाउन हो गया और में २० जुलाई १९७२ के दिन मात्र ४१ वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह गयीं.उनके गाये गीत आज भी सुने और गाये जाते हैं।
मैं उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें अपनी तरफ से स्वरांजलि प्रस्तुत कर रही हूँ ,गीता जी के खुद के पसंदीदा टॉप १० गीतों में से दो गीत ,आशा है उनके प्रशंसकों को निराशा नहीं होगी.

यूँ तो गीता जी के कई गीत सुने और गाये हैं लेकिन फिल्म बाज़ी से 'तदबीर से बिगड़ी हुई तकदीर बना ले'गीत के बारे में मैं अनजान थी ,श्री प्रकाश गोविन्द जी ने जब मुझे इस गीत को गाने का सुझाव दिया तो यह एक चुनौती की तरह लगा.लेकिन आज मेरे गाये सब से अच्छे गीतों में से एक है.आप भी सुनिये -:


गीता जी की पसंद की लिस्ट से यह दूसरा गीत भी बहुत ही खूबसूरत है ,आप भी सुनिये मेरे स्वर में 'जाने क्या तूने कही '-फिल्म -प्यासा से-


Click here to Download Or Play mp3
संगीत की दुनिया की अमर गायिका हम सब की प्रिय गीता जी को हमारी विनम्र श्रद्धांजलि .
[जानकारी & चित्र अंतर्जाल के विभिन्न स्त्रोतों से साभार ]

Aug 18, 2010

५७ -वक़्त ने किया क्या हसीं सितम


'वक़्त ने किया क्या हसीं सितम ,तुम रहे तुम हम रहे हम 'फिल्म कागज के फूल [१९५९]के लिए गीत कैफ़ी आज़मी का लिखा और सचिन देव बर्मन जी के संगीत निर्देशन में गीता जी ने गाया था.इसे अदाकार वहीदा रहमान और गुरु दत्त पर फिल्माया गया था.

यह गीत किसी परिचय का मोहताज नहीं है.गीता दत्त जी के गाये इस गीत को कई गायकों ने अपनी आवाज़ में दोबारा गाया.मगर गीता जी का जादू फ़िर कभी दोहराया नहीं गया.वह आज तक मूल गीत में कायम है और अनछुआ है।

मैं इस गीत को कभी गाने की जुर्रत न करती क्योंकि मेरी नज़र में यह अतुलनीय है,अनमोल है लेकिन गायक हर्षण नाम्ब्यार जी के सुझाव पर एक कोशिश की है।

जो भी गीत हम यहाँ गा रहे हैं उनके ट्रेक बने बनाये होते हैं और गीत को निभा सकना भी सीमित हो जाता है।इसलिए इस कोशिश को उसी के मद्दे नज़र तोलियेगा.
Click here to Play or download Mp3
'वक़्त ने किया क्या हसीं सितम'[कवर संस्करण ]
[स्वर-अल्पना ]


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Jul 6, 2010

५४-एक दिल और सौ अफसाने


फिल्म-एक दिल सौ अफसाने [१९६३]
गीतकार -शैलेन्द्र
संगीतकार -शंकर जयकिशन
गीत में कलाकार-वहीदा रहमान और राज कपूर
मूल गायिका -लता मंगेशकर

एक दिल और सौ अफसाने ,हाय मोहब्बत हाय ज़माने !
मन बीना के मधुर स्वरों पे गाते हैं सब प्रेम तराने ,

१-दिल जो न होता कुछ भी न होता ,आँख न रोती और दर्द न उठता ,
अपना ये दामन कौन भिगोता कौन किसी के यूँ प्यार में खोता,
एक दिल और सौ...

२-दिल जो लगाया चैन न पाया ,सारे जहाँ का इलज़ाम उठाया ,
बात सुनो ये अपना पराया ,ये तो जनम जनम से होता ही आया।
एक दिल और सौ अफसाने...

प्रस्तुत है इस गीत का कवर संस्करण[स्वर -अल्पना]-:

Click here to Play or Download mp3


May 2, 2010

४९-मेरे घर आई एक नन्ही परी



संगीत-ख़य्याम
गीतकार- साहिर लुधियानवी
फिल्म-कभी कभी
वहीदा रहमान पर फिल्माया गया गीत
मूल गायिका - लता मंगेशकर

मेरे
घर आई एक नन्ही परी
चाँदनी के हसीन रथ पे सवार
मेरे घर आई..

उसकी बातों में शहद जैसी मिठास
उसकी सासों में इतर की महकास
होंठ जैसे के भीगे-भीगे गुलाब
गाल जैसे के दहके दहके अनार
मेरे घर आई ...

उसके आने से मेरे आंगन में
खिल उठे फूल गुनगुनायी बहार
देख कर उसको जी नहीं भरता
चाहे देखूँ उसे हज़ारों बार
मेरे घर आई ...

मैने पूछा उसे कि कौन है तू
हँसके बोली कि मैं हूँ तेरा प्यार
मैं तेरे दिल में थी हमेशा से
घर में आई हूँ आज पहली बार
मेरे घर आई ...
[
यहाँ प्रस्तुत है गीत का कवर वर्शन ]
स्वर-अल्पना



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Dec 29, 2009

32-रायपुर का एक लोकगीत


यह गीत एक फिल्म में प्रयोग किया गया था.
इसे फिल्म के लिए रेखा भारद्वाज ने गाया था .

मैं यहाँ इस गीत का कवर वर्षन प्रस्तुत कर रही हूँ.[स्वर मेरा है]

इस लोकगीत का अगर मूल गीत किसी के पास हो तो kripya मुझे Email कर दें.




To download Or play Click here

Nov 23, 2009

27--Paan khaye Sayyan


Film: Teesri kasam
Music:
Lyrics:
Original Singer :Asha
Starring: Waheeda Rahman



Old recording.. Friends ki request par ek try...Still enjoyable..:)

Nov 18, 2009

23-हमने देखी है उन आँखों की


फ़िल्म - खामोशी,
मूल गायिका - लता मंगेशकर,
संगीत - हेमंत कुमार,
गीत - गुलज़ार



हमने देखी है उन आँखों की महकती ख़ुशबू
हाथ से छू के इसे रिश्तों का इल्ज़ाम न दो
सिर्फ़ अहसास है ये रूह से महसूस करो
प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो
हमने देखी है ....

१-प्यार कोई बोल नहीं, प्यार आवाज़ नहीं
एक ख़ामोशी है सुनती है कहा करती है
न ये बुझती है न रुकती है न ठहरी है कहीं
नूर की बूँद है सदियों से बहा करती है

सिर्फ़ अहसास है ये रूह से महसूस करो
प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो
हमने देखी है ...

२-मुस्कुराहट सी खिली रहती है आँखों में कहीं
और पलकों पे उजाले से झुके रहते हैं
होंठ कुछ कहते नहीं, काँपते होंठों पे मगर
कितने ख़ामोश से अफ़साने रुके रहते हैं

सिर्फ़ अहसास है ये रूह से महसूस करो
प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो
हमने देखी है उन आँखों की महकती ख़ुशबू
हाथ से छू के इसे रिश्तों का इल्ज़ाम न दो
हमने देखी है....
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Nov 17, 2009

21-झूम झूम ढलती रात



फ़िल्म :कोहरा [1964]
गीतकार :कैफी आज़मी
मूल गायिका :लता मंगेशकर
संगीतकार :हेमंत कुमार


झूम झूम ढलती रात ,लेके चली मुझे अपने साथ,
झूम झूम ढलती रात ...

जाने कहाँ ले जाए दर्द भरा ये दिल,
जैसे सदा देती है खोयी हुई मंजिल,
जाने कहाँ ले जाए..
छोडो पिया मेरा छोडो हाथ,झूम झूम ढलती रात...

२-हाल ये है मस्ती का,साँस लगी थमने ,
उतने रहे प्यासे हम ,जितनी भी पी हमने,
उतने रहे प्यासे हम...
ग़म को बढ़ा गई ग़म की मात ,
झूम झूम ढलती रात ,लेके चली मुझे अपने साथ,
झूम झूम ढलती रात॥
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[यह पुरानी रिकॉर्डिंग[२००८]है]
काराओके पर मेरे स्वर में यह गीत-:

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Nov 2, 2009

7-तुम अपना रंजोग़म [शगुन]

Waheeda &Kamaljeet .Actress Nivedita
जगजीत कौर ,संगीतकार खय्याम साहब की धरम पत्नी हैं.और इस गीत को वहीदा जी ख़ुद पर फिल्माना चाहती थी मगर फ़िल्म की कहानी के अनुसार इसे निवेदिता को दिया गया.एक बेहद खूबसूरत ग़ज़ल साहिर जी की लिखी हुई .

फिल्‍म -शगुन
गीत -साहिर लुधियानवी
संगीतकार -ख़ैयाम
मूल गायिका -जगजीत कौर

तुम अपना रंजोग़म अपनी परेशानी मुझे दे दो,
तुम्‍हें ग़म की क़सम इस दिल की वीरानी मुझे दे दो.

ये माना मैं किसी क़ाबिल नहीं हूं इन निगाहों में,
बुरा क्‍या है अगर ये दुख ये हैरानी मुझे दे दो.

मैं देखूं तो सही दुनिया तुम्‍हें कैसे सताती है
कोई दिन के लिए अपनी निगेहबानी मुझे दे दो.

वो दिल जो मैंने मांगा था मगर ग़ैरों ने पाया था
बड़ी शय है अगर उसकी पशेमानी मुझे दे दो.

Cover version-Alpana

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