गीतकार-मजरूह सुल्तानपुरी
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May 15, 2017
May 28, 2014
जीना तो है पर ऐ दिल ....
फिल्म- पांच दुश्मन [१९७३ ] जिसे १९८३ में 'दौलत के दुश्मन 'नाम से रिलीज़ किया गया था.
मूल गायक -किशोरे कुमार
संगीत -राहुल देव बर्मन
गीत -मजरूह सुल्तानपुरी
Cover singer-Alpana
गीत-
जीना तो है पर ए दिल कहाँ
अरे बैठूँ तो नही मिलती हैं ज़मीं
मैं उड़ना चाहूँ तो हैं दूर आस्मा
नाराज़ कोई ना कोई मेहरबान
ना कही कोई बिजली ना कोई आशिया...
अरे बैठूँ तो नही मिलती हैं ज़मीं.....
मैं उड़ना चाहूँ तो हैं दूर आस्मा...
जीना तो है पर ए दिल कहाँ ...
जलता हैं बदन कोई साया नही
किसी आँचल के बदले हैं सुलगता धुआँ (२)
अरे बैठूँ तो नही मिलती हैं ज़मीं
मैं उड़ना चाहूँ तो हैं दूर आस्मा
जीना तो है पर ए दिल कहाँ ....
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स्वर---अल्पना
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Jul 11, 2013
ज़िंदगी के सफ़र में गुज़र ...
फिल्म-आप की कसम
गीतकार-आनंद बक्षी
संगीतकार-राहुल देव बर्मन
मूल गायक -किशोर कुमार
प्रस्तुत गीत में स्वर -अल्पना
गीत के बोल -
ज़िंदगी के सफ़र में गुज़र जाते हैं जो मकाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते।
1-फूल खिलते हैं,लोग मिलते हैं
मगर पतझड़ में जो फूल मुरझा जाते हैं
वो बहारों के आने से खिलते नहीं
कुछ लोग जो सफ़र में बिछड़ जाते हैं
वो हज़ारों के आने से मिलते नहीं
उम्र भर चाहे कोई पुकारा करे उनका नाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते।
2-आँख धोखा है,क्या भरोसा है
सुनो दोस्तों शक़ दोस्ती का दुश्मन है
अपने दिल में इसे घर बनाने न दो
कल तड़पना पड़े याद में जिनकी
रोक लो रूठ कर उनको जाने न दो
बाद में प्यार के चाहे भेजो हज़ारों सलाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते।
3-सुबह आती है,शाम जाती है
यूँही वक़्त चलता ही रहता है रुकता नहीं
एक पल में ये आगे निकल जाता है
आदमी ठीक से देख पाता नहीं
और परदे पे मंज़र बदल जाता है
एक बार चले जाते हैं जो दिन-रात सुबह-ओ-शाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते।
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Vocals-Alpana
एक फिल्म जो देर तक दिमाग पर छाप छोड़े रहती है।
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गीतकार-आनंद बक्षी
संगीतकार-राहुल देव बर्मन
मूल गायक -किशोर कुमार
प्रस्तुत गीत में स्वर -अल्पना
गीत के बोल -
ज़िंदगी के सफ़र में गुज़र जाते हैं जो मकाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते।
1-फूल खिलते हैं,लोग मिलते हैं
मगर पतझड़ में जो फूल मुरझा जाते हैं
वो बहारों के आने से खिलते नहीं
कुछ लोग जो सफ़र में बिछड़ जाते हैं
वो हज़ारों के आने से मिलते नहीं
उम्र भर चाहे कोई पुकारा करे उनका नाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते।
2-आँख धोखा है,क्या भरोसा है
सुनो दोस्तों शक़ दोस्ती का दुश्मन है
अपने दिल में इसे घर बनाने न दो
कल तड़पना पड़े याद में जिनकी
रोक लो रूठ कर उनको जाने न दो
बाद में प्यार के चाहे भेजो हज़ारों सलाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते।
3-सुबह आती है,शाम जाती है
यूँही वक़्त चलता ही रहता है रुकता नहीं
एक पल में ये आगे निकल जाता है
आदमी ठीक से देख पाता नहीं
और परदे पे मंज़र बदल जाता है
एक बार चले जाते हैं जो दिन-रात सुबह-ओ-शाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते।
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Vocals-Alpana
एक फिल्म जो देर तक दिमाग पर छाप छोड़े रहती है।
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Jul 5, 2013
रिमझिम गिरे सावन-स्वर-अल्पना
फिल्म-मंजिल
संगीत- राहुल देव बर्मन
गीत-योगेश
मूल गायक-किशोर कुमार
कवर संस्करण प्रस्तुति --अल्पना
चूँकि यह ट्रेक किशोर कुमार जी के गाये गीत का है तो बोल
भी वही गाये हैं.
रिमझिम गिरे सावन,सुलग सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में,लगी कैसी यह अगन
रिमझिम गिरे सावन
१-जब घुंघरूओं सी बजती हैं बूँदें
अरमा हमारे पलकें ना मूंदें
कैसे देखें सपने नयन
........................
रिमझिम गिरे सावन
२-महफ़िल में कैसे कह दें किसीसे
दिल बंध रहा है किसी अजनबी से
हाए करें अब क्या जतन
रिमझिम गिरे सावन,सुलग सुलग जाए मॅन
भीगे आज इस मौसम में,लगी कैसी यह अगन
रिमझिम गिरे सावन
Cover version Sung by Alpana
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player
Labels:
Ac-Mausami,
Geet-rimjhim gire sawan,
MD-R.D.Burman,
Singer-Kishore Kumar,
Song-Love,
SW-Yogesh
May 1, 2013
ओ हंसिनी ....स्वर - अल्पना
फिल्म-ज़हरीला इंसान
गीतकार -
संगीत- राहुलदेव बर्मन
ओ हंसिनी मेरी हंसिनी, कहा उड़ चली,
मेरे अरमानो के पंख लगा के कहा उड़ चली..
1-आ जा मेरी सांसो मे महक रहा रे तेरा गजरा,
आ जा मेरी रातो मे लहेक रहा रे तेरा कजरा..
ओ हंसिनी ....
2-देर से लहरो मे कमल संभाले हुए मन का,
जीवन ताल मे भटक रहा रे तेरा हंसा..
ओ हंसिनी .............
किशोर कुमार का गाया हुआ यह गीत मेरे स्वर में सुनिए-
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Labels:
Ac-Mausami,
Geet-o hansini,
Hindi Song Lyrics,
MD-R.D.Burman,
Singer-Kishore Kumar,
Song-Love
Aug 4, 2012
जीवन से भरी तेरी आँखें...Cover Song
![]() |
| Sharmila Tagore |
फिल्म-सफ़र ,गीतकार-इन्दीवर ,संगीत-कल्याणजी-आनंद जी
मूल गायक किशोर कुमार
प्रस्तुत गीत में स्वर--अल्पना
जीवन से भरी तेरी आँखें
मजबूर करे जीने के लिए
जीने के लिए,सागर भी तरसते रहते हैं
तेरे रूप का रस पीने के लिए
पीने के लिए,जीवन से भरी तेरी आँखें
तस्वीर बनाए क्या कोई
क्या कोई लिखे तुझ पे कविता
रंगों छंदों में समायेगी,
किस तरह से इतनी सुन्दरता,
एक धड़कन है तू दिल के लिए
एक जान है तू जीने के लिए
जीवन से भरी तेरी आँखें
मधुबन की सुगंध हैं साँसों में
बाहों में कमल की कोमलता
किरणों का तेज है, चेहरे पे
हिरणों सी है, तुझ में चंचलता,
आँचल का तेरे है तार बहुत
कोई चाक जिगर सीने के लिए
जीवन से भरी तेरी आँखें
मजबूर करे जीने के लिए
जीवन से भरी तेरी आँखें
Cover version by Alpana
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| किशोर कुमार जी का ८३ वां जन्मदिन है आज! |
Jul 30, 2012
तेरे चेहरे में वो जादू है....Cover by Alpana
फिल्म -धर्मात्मा [1975],
मूल गायक-किशोर
संगीत-कल्याणजी -आनंद जी
गीत-इंदीवर
प्रस्तुत गीत में स्वर- - अल्पना
Song-तेरे चेहरे में वो जादू है
तेरे चेहरे में वो जादू है, बिन डोर खींचा जाता हूँ
जाना होता है और कहीं, तेरी ओर चला आता हूँ
तेरे चेहरे में वो जादू है
तेरी हीरे जैसी आँखें, आँखों में है लाखों बातें
बातों में रस की बरसातें, मुझमें प्यार की प्यास जगाएँ
तू जो एक नज़र डाले, जी उठे मरने वाले
होत तेरे अमृत के प्याले, मुझमें जीने की आस बढ़ायें
चल पड़ते हैं तेरे साथ कदम, मैं रोक नहीं पाता हूँ
तेरे चेहरे में वो जादू है...
जब से तुझको देखा है, देख के खुदा को माना है
मान के दिल ये कहता है, मेरी खुशियों का तू है ख़ज़ाना
दे दे प्यार की मंज़ूरी, कर दे कमी मेरी पूरी
तुझसे थोडिसी दूरी, मुझे करती है दीवाना
पाना तुझको मुश्किल ही सही, पाने को मचल जाता हूँ
तेरे चेहरे में वो जादू है...
Vocals-Alpana
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यह गीत मुझे बहुत ही पसंद है।
किशोर कुमार के सब से मधुर गीतों में से एक है यह।
इस गीत के संगीत में अफगानी वाद्य यंत्र ' रबाब 'का प्रयोग बड़ी खूबी से किया गया है।
Aug 4, 2011
माना जनाब ने पुकारा नहीं
माना जनाब ने पुकारा नहीं
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यह चुलबुला सा गीत फिल्म-पेईंग गेस्ट से है और इस
गीत को लिखा था मजरूह सुल्तानपुरी जी ने और संगीतबद्ध किया सचिन देव बर्मन साहब ने.
आज चार अगस्त को किशोर दा का ८२ वाँ जन्मदिन है इसलिए सोचा
उन्हीं का गाया मस्ती भरा चुलबुला सा गीत गाया जाए..
मूल गीत में तीन अंतरे हैं लेकिन जो ट्रेक मिला उस में २ ही अंतरे के लिए जगह है.
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