Showing posts with label MD-Roshan. Show all posts
Showing posts with label MD-Roshan. Show all posts

Jul 2, 2017

संसार से भागे फिरते हो...स्वर : अल्पना


फिल्म-चित्रलेखा
 गीतकार -साहिर
 संगीतकार -रोशन
 मूल गायक : लता मंगेशकर
 प्रस्तुत गीत में स्वर -अल्पना वर्मा
 -------------------------------
 
-------------------------------
संसार से भागे फिरते हो, भगवान को तुम क्या पाओगे
इस लोक को भी अपना न सके, उस लोक में भी पछताओगे .

ये पाप है क्या, ये पुण्य है क्या, रीतों पे धरम की मुहरें हैं
हर युग में बदलते धर्मों को कैसे आदर्श बनाओगे

ये भोग भी एक तपस्या है, तुम त्याग के मारे क्या जानो
अपमान रचयिता का होगा, रचना को अगर ठुकराओगे

हम कहते हैं ये जग अपना है, तुम कहते हो झूठा सपना है
हम जन्म बिता कर जायेंगे, तुम जन्म गंवा कर जाओगे


 ------------------------------
Mp3 Download or Play --
------------------------------
  -

------------------------------

Feb 20, 2017

छुपा लो यूँ दिल में -फिल्म: ममता (1966)

Suchitra suchitraSen

फिल्म -ममता  (1966)
गीतकार -मजरुह सुलतानपुरी
संगीतकार- रोशन
मूल गायक-हेमंत कुमार  और लता मंगेशकर
--------------------------------------------------------------
प्रस्तुत गीत में स्वर -Safeer Ahmad and Alpana Verma
==================================

==================================

MP3 Download & Play here
-----------------------------------------
Chhupa lo yun dil mein-Song-Lyrics
---------------------------------------------
छुपा लो यूँ दिल में प्यार मेरा
के जैसे मंदिर में लौ दिए की
तुम अपने चरणों में रख लो मुझको
तुम्हारे चरणों का फूल हूँ मैं
मैं सर झुकाए खड़ी हूँ प्रीतम
के जैसे मंदिर में लौ दिए की

ये सच है जीना, था पाप तुम बिन
ये पाप मैंने किया है अब तक
मगर थी मन में छबी तुम्हारी
के जैसे मंदिर...

फिर आग बिरहा की मत लगाना
के जल के मैं राख हो चुकी हूँ
ये राख माथे पे मैंने रख ली
के जैसे मंदिर...
------------------------------------------------------
==============================

Jan 22, 2017

आपने याद दिलाया तो मुझे ....फिल्म- आरती [१९६२ ]

फिल्म- आरती [१९६२ ]
गीतकार- मजरूह सुल्तानपुरी 
संगीतकार-रोशन 
मूल गायक -लता  और रफ़ी 
============================================
============================================
कवर गायक - सफ़ीर और अल्पना
MP3 Download or Play --
-------------------------------------------

गीत के बोल -
--------------
आपने याद दिलाया तो मुझे याद आया..
के मेरे दिल पे पढ़ा था कोई ग़म का साया
आपने याद दिलाया

1.मै भी क्या चीज़ हूँ  खाया था, कभी तीर कोई
दर्द अब जा के उठा, चोट लगे देर हुयी
तुमको हमदर्द जो पाया, तो मुझे याद आया
के मेरे दिल पे पढ़ा था कोई ग़म का साया
आपने याद दिलाया

2.मै ज़मीन पर हू ना समझा, ना परखना चाह
आसमान पर ये कदम, झूमके रखना चाह
आज जो सर को झुकाया, तो मुझे याद आया
के मेरे दिल पे पढ़ा था कोई ग़म का साया
आपने याद दिलाया

3.मैंने  भी सोच लिया, साथ निभाने के लिए
दूर तक आऊँगी  मैं, तुमको मनाने के लिए
दिल ने एहसास दिलाया, तो मुझे याद आया

आपने याद दिलाया, तो मुझे याद आया..

============================

Aug 27, 2013

दुनिया करे सवाल तो..

Meena Kumari

फिल्म--बहू बेग़म
संगीत-रोशन
गीतकार-साहिर लुध्यानवी
मूल गायिका-लता मंगेशकर

गीत-
दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो हम क्या जवाब दें
दुनिया करे सवाल   ...

१-पूछे कोई कि दिल को कहाँ छोड़ आये हैं
किस-किस से अपना रिश्ता-ए-जाँ तोड़ आये हैं
मुशकिल हो अर्ज़-ए-हाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो   ...

२-पूछे कोई कि दर्द-ए-वफ़ा  कौन दे गया
रातों को जागने की सज़ा कौन दे गया
कहने से हो मलाल तो हम क्या जवाब दें
तुमको न हो ख़याल तो   ...

दुनिया करे सवाल तो ...
Cover BY Alpana

To Play or Preview Mp3 Click HERE
File size-3 MB

Aug 11, 2012

यूँ ही दिल ने चाहा था ..cover song


Nutan

यूँ ही दिल ने चाहा  था

फिल्म-दिल ही तो है [1963]
संगीतकार-रोशन
गीतकार-साहिर लुध्यानवी
Picturised on Nutan

मूल गायिका -सुमन कल्यानपुर


यूँ ही दिल ने चाहा था रोना रुलाना
तेरी याद तो बन गई इक बहाना
हमें भी नहीं इल्म, हम जिस पे रोए
वो बीती रुतें हैं के आता ज़माना
ग़म-ए-दिल है और ग़म-ए-ज़िंदगी भी
न इसका ठिकाना न उसका ठिकाना
कोई किसपे तड़पे, कोई किसपे रोए
इधर दिल जला है, उधर आशियाना

यूँ ही दिल ने चाहा था रोना रुलाना
तेरी याद तो बन गई इक बहाना

Cover sung by Alpana

Mp3 Play or Download






 

Jul 28, 2012

दुनिया में ऐसा कहाँ ....Cover song


Sharmila Taigore

दुनिया में ऐसा कहाँ ...


फिल्म-   देवर
गीतकार-आनंद बक्षी
संगीत-रोशन
मूल गायिका -लता मंगेशकर
अभिनेत्री --शर्मिला टैगोर


दुनिया में ऐसा कहाँ सबका नसीब है
कोई-कोई अपने पिया के करीब है

1-दूर ही रहते हैं उनसे किनारे
जिनको न कोई माँझी पार उतारे
साथ है माँझी तो किनारा भी करीब है
दुनिया में ऐसा ....

2-चाहे बुझा दे कोई दीपक सारे
प्रीत बिछाती जाए राहों में तारे,
प्रीत दीवानी की कहानी भी अजीब है
दुनिया में ऐसा ...

3-बरखा की ऋत हो या दिन हों बहार के
लगते हैं सूने-सूने बिन तेरे प्यार के
तू है तो ज़िन्दगी को ज़िन्दगी नसीब है
दुनिया में ऐसा ...



Mp3 Download or Preview
Vocals- Alpana




यह  गाना  बहुत दिनों से अनुरोध लिस्ट में था..
मेरी एक सहेली अनु मुझ से हमेशा सुनती है.



Jul 28, 2011

रहें ना रहें हम-[फिल्म-ममता ]

रहें ना रहें हम

गीतकार : मज़रूह सुल्तानपुरी

संगीत -रोशन

मूल गायिका -लता मंगेशकर


रहें ना रहें हम, महका करेंगे बन के कली,
बन के सबा, बाग़े वफा में ...

मौसम कोई हो इस चमन में ,रंग बनके रहेंगे हम खिरामा ,
चाहत की खुशबू, यूँ ही ज़ुल्फ़ों से उड़ेगी, खिजां हो या बहारां
यूँ ही झूमते, यूँ ही झूमते और खिलते रहेंगे,

बन के कली बन के सबा, बाग़ें वफ़ा में  रहें ना रहें हम ...
खोये हम ऐसे क्या है मिलना ,क्या बिछड़ना नहीं है, याद हमको
कूचे में दिल के जब से आये ,सिर्फ़ दिल की ज़मीं है याद हमको,
इसी सरज़मीं, इसी सरज़मीं पे हम तो रहेंगे,
बन के कली बन के सबा बाग़े वफ़ा में ...रहें ना रहें हम ...

जब हम न होंगे तब हमारी खाक पे तुम रुकोगे चलते चलते ,
अश्कों से भीगी चांदनी में ,इक सदा सी सुनोगे चलते चलते ,
वहीं पे कहीं, वहीं पे कहीं, हम तुमसे मिलेंगे,
बन के ,कली बन के, सबा बाग़े वफ़ा में ...
रहें ना रहें हम, महका करेंगे ...

MP 3 Download or Play

Cover song by Alpana
This is a request song form Himkar ji.

Jul 21, 2011

जुर्म-ए-उल्फत पे हमें ....


जुर्म-ए-उल्फत पे हमें ....[ केवल स्वर ]
फिल्म--ताजमहल ,
शायर-साहिर लुध्यानवी
संगीत -रोशन

जुर्म-ए -उल्फत पे हमें  लोग सज़ा देते हैं ,
कैसे नादां है, शोलों  को हवा देते हैं
कैसे नादां हैं...

हमसे दीवाने कहीं  तर्के वफ़ा करते हैं ..
जान जाए के रहे बात निभा देते हैं
जान जाए....

तख़्त क्या चीज़ है और लाल-ओ-जवाहर क्या हैं..
इश्क वाले तो खुदाई भी लुटा देते हैं
जुर्म-ए -उल्फत पे हमें  लोग सज़ा देते हैं .
 mp3 download or Play

Jul 10, 2011

यूँ ही दिल ने चाहा था


यूँ ही दिल ने चाहा  था

फिल्म-दिल ही तो है [1963]
संगीतकार-रोशन
गीतकार-साहिर लुध्यानवी
Picturised on Nutan
मूल गायिका -सुमन कल्यानपुर
यूँ ही दिल ने चाहा था रोना रुलाना
तेरी याद तो बन गई इक बहाना

हमें भी नहीं इल्म, हम जिस पे रोए
वो बीती रुतें हैं के आता ज़माना

ग़म-ए-दिल है और ग़म-ए-ज़िंदगी भी
न इसका ठिकाना न उसका ठिकाना

कोई किसपे तड़पे, कोई किसपे रोए
इधर दिल जला है, उधर आशियाना 
 
यूँ ही दिल ने चाहा था रोना रुलाना
तेरी याद तो बन गई इक बहाना
Presenting Cover  by Alpana
 Mp3 Play or Download
 

Jul 5, 2011

रहते थे कभी जिनके दिल में[केवल स्वर]



रहते थे कभी जिनके दिल में
----------------------------
फिल्म-ममता
संगीत  -रोशन
गीतकार-मजरूह सुल्तानपुरी
अभिनत्री -सुचित्रा सेन
रहते थे कभी जिनके दिल में
हम जान से भी प्यारों की तरह
बैठे हैं उन्ही के कूचे में
हम आज गुनहगारों की तरह

दावा था जिन्हें हमदर्दी का
खुद आके न पूछा हाल कभी
महफ़िल में बुलाया है हम पे
हँसने को सितमगारों की तरह

बरसों से सुलगते तन मन पर
अश्कों के तो छींटे दे ना सके
तपते हुए दिल के ज़ख्मों पर
बरसे भी तो अंगारों की तरह

सौ रुप धरे जीने के लिये
बैठे हैं हज़ारों ज़हर पिये
ठोकर ना लगाना हम खुद हैं
गिरती हुई दीवारों की तरह 

----------------------------
यह  ग़ज़ल जो मुझे बहुत पसंद है.
यह  उन कुछ गीतों में से एक है जो मुझ से स्कूल के दिनों में मेरी सहेलियां अक्सर सुनती थीं.
..बिना संगीत ..सिर्फ स्वर...

---------------------
Mp3 Download Or Play
--------------------------