Showing posts with label Ac-Suchitra. Show all posts
Showing posts with label Ac-Suchitra. Show all posts

Feb 20, 2017

छुपा लो यूँ दिल में -फिल्म: ममता (1966)

Suchitra suchitraSen

फिल्म -ममता  (1966)
गीतकार -मजरुह सुलतानपुरी
संगीतकार- रोशन
मूल गायक-हेमंत कुमार  और लता मंगेशकर
--------------------------------------------------------------
प्रस्तुत गीत में स्वर -Safeer Ahmad and Alpana Verma
==================================

==================================

MP3 Download & Play here
-----------------------------------------
Chhupa lo yun dil mein-Song-Lyrics
---------------------------------------------
छुपा लो यूँ दिल में प्यार मेरा
के जैसे मंदिर में लौ दिए की
तुम अपने चरणों में रख लो मुझको
तुम्हारे चरणों का फूल हूँ मैं
मैं सर झुकाए खड़ी हूँ प्रीतम
के जैसे मंदिर में लौ दिए की

ये सच है जीना, था पाप तुम बिन
ये पाप मैंने किया है अब तक
मगर थी मन में छबी तुम्हारी
के जैसे मंदिर...

फिर आग बिरहा की मत लगाना
के जल के मैं राख हो चुकी हूँ
ये राख माथे पे मैंने रख ली
के जैसे मंदिर...
------------------------------------------------------
==============================

Nov 19, 2013

फिल्म ममता के दो गीत

1-रहें ना रहें हम

गीतकार : मज़रूह सुल्तानपुरी

संगीत -रोशन,  मूल गायिका -लता मंगेशकर


रहें ना रहें हम, महका करेंगे बन के कली,
बन के सबा, बाग़े वफा में ...


MP 3 Download or Play


2-रहते थे कभी जिनके दिल में
----------------------------
फिल्म-ममता
संगीत  -रोशन
गीतकार-मजरूह सुल्तानपुरी
अभिनत्री -सुचित्रा सेन

---------------------
Mp3 Download Or Play

Jul 28, 2011

रहें ना रहें हम-[फिल्म-ममता ]

रहें ना रहें हम

गीतकार : मज़रूह सुल्तानपुरी

संगीत -रोशन

मूल गायिका -लता मंगेशकर


रहें ना रहें हम, महका करेंगे बन के कली,
बन के सबा, बाग़े वफा में ...

मौसम कोई हो इस चमन में ,रंग बनके रहेंगे हम खिरामा ,
चाहत की खुशबू, यूँ ही ज़ुल्फ़ों से उड़ेगी, खिजां हो या बहारां
यूँ ही झूमते, यूँ ही झूमते और खिलते रहेंगे,

बन के कली बन के सबा, बाग़ें वफ़ा में  रहें ना रहें हम ...
खोये हम ऐसे क्या है मिलना ,क्या बिछड़ना नहीं है, याद हमको
कूचे में दिल के जब से आये ,सिर्फ़ दिल की ज़मीं है याद हमको,
इसी सरज़मीं, इसी सरज़मीं पे हम तो रहेंगे,
बन के कली बन के सबा बाग़े वफ़ा में ...रहें ना रहें हम ...

जब हम न होंगे तब हमारी खाक पे तुम रुकोगे चलते चलते ,
अश्कों से भीगी चांदनी में ,इक सदा सी सुनोगे चलते चलते ,
वहीं पे कहीं, वहीं पे कहीं, हम तुमसे मिलेंगे,
बन के ,कली बन के, सबा बाग़े वफ़ा में ...
रहें ना रहें हम, महका करेंगे ...

MP 3 Download or Play

Cover song by Alpana
This is a request song form Himkar ji.