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Dec 9, 2015

इतना न मुझसे ....फिल्म-छाया

गीत-इतना न मुझसे 


फिल्म-छाया
गीतकार-राजेंद्र कृष्ण
संगीत -सलील चौधरी
Lyrics-
इतना न मुझसे तू प्यार बढ़ा
कि मैं एक बादल आवारा
कैसे किसी का सहारा बनूँ
कि मैं खुद बेघर बेचारा

१-मुझे एक जगह आराम नहीं
रुक जाना मेरा काम नहीं
मेरा साथ कहाँ तक दोगी तुम
मै देश विदेश का बंजारा

इस लिये तुझसे प्यार करूं
कि तू एक बादल आवारा
जनम-जनम से हूँ साथ तेरे
कि नाम मेरा जल की धारा

२-ओ नील गगन के दीवाने
तू प्यार न मेरा पहचाने
मैं तब तक साथ चलूँ तेरे
जब तक न कहे तू मैं हारा

3-क्यूँ प्यार में तू नादान बने
इक बादल का अरमान बने
मेरा साथ कहाँ तक दोगी तुम
मैं देस-बिदेस का बंजारा
इतना न…
 मूल गायक - लता मंगेशकर और तलत महमूद
डाउनलोड Here प्रस्तुत गीत में स्वर---राजा पाहवा और अल्पना

Jul 22, 2013

रातों के साये घने ..Cover version

जया भादुड़ी -फिल्म -अन्नदाता 
फिल्म-अन्नदाता
गीतकार-योगेश
संगीतकार -सलील चौधरी ,मूल गायिका -लता मंगेशकर

रातों के साये घने जब बोझ दिल पर बने
 न तो जले बाती न हो कोई साथी,
 फिर भी न डर अगर बुझे दिए
 सहर तो है तेरे लिये....

१-जब भी मुझे कभी कोई जो ग़म घेरे,
लगता है होंगे नहीं सपने यह पूरे मेरे ,
कहता है दिल मुझको माना हैं ग़म तुझको,
फिर भी न डर अगर बुझे दिए ,
सहर तो है तेरे लिये...

२-जब न चमन खिले मेरा बहारों में
जब डूबने मैं लगूँ रातों की मझधारों में
मायूस मन डोले पर यह गगन बोले
फिर भी न डर अगर बुझे दिए
सहर तो है तेरे लिये.....

३-जब ज़िन्दगी किसी तरह बहलती नहीं
खामोशियों से भरी जब रात ढलती नहीं
तब मुस्कुराऊँ मैं यह गीत गाऊँ मैं
फिर भी न डर अगर बुझे दिए
सहर तो है तेरे लिये....

रातों के साये घने जब बोझ दिल पर बने
न तो जलें बाती न हो कोई साथी \- २
फिर भी न डर अगर बुझे दिए
सहर तो है तेरे लिये....

एक प्रेरक गीत .
यह गीत मुझे बेहद पसंद है.गीत के बोल बहुत ही खूबसूरत हैं और संगीतकार सलील दा ने इसकी धुन भी लाजवाब बनाई है.इसकी  संगीत रचना कठिन है .

Cover version -Sung by Alpana -Download Mp3 Or Play here

Dec 30, 2012

यकीन -एक लघुकथा

मर्मस्पर्शी कहानी  'यकीन ' श्री  प्रकाश गोविंद जी की लिखी हुई है.जिसे मैनें अपने स्वर में यहाँ प्रस्तुत किया है.



Download Link -right click and save as mp3

Nov 6, 2012

आज कोई नहीं अपना....

आज कोई नहीं अपना ..
Rameshwari 

फिल्म -अग्नि परीक्षा
१९८० के दशक की फिल्म का गीत जिसकी मूल गायिका लता जी हैं और संगीतकार सलील चौधरी .
अभिनेत्री रामेश्वरी पर फिल्माया गया ...बेहद खूबसूरत संगीत!
गीतकार-योगेश
गीत के बोल--:


आज कोई नहीं अपना, किसे ग़म ये सुनाएँ
तड़प-तड़प कर, यूँ ही घुट-घुट कर
दिल करता है मर जाएँ
आज कोई नहीं अपना, किसे ग़म ये सुनाएँ

सुलग-सुलग कर दिन पिघले, दिन पिघले
आँसुओं में डूबी हुई  रात ढले
हर पल बिखरी तनहाइयों में
यादों की शमा मेरे दिल में जले
तुम ही बतला दो हमें
हम क्या जतन करें, ये शमा कैसे बुझाएँ
आज कोई नहीं अपना, किसे ग़म ये सुनाएँ

न हमसफ़र कोई न कारवां, न कारवां
ढूँढें कहाँ तेरे क़दमों के निशां
जब से छूटा साथ हमारा
बन गई साँसें बोझ यहाँ
बिछड़ गए जो तुम
किस लिये माँगें हम, फिर जीने की दुआएँ

आज कोई नहीं अपना, किसे ग़म ये सुनाएँ
तड़प-तड़प कर, यूँ ही घुट-घुट कर
दिल करता है मर जाएँ
आज कोई नहीं अपना, किसे ग़म ये सुनाएँ
-----------------------------

मुश्किल गाना है..एक कोशिश की है.
Download here

Nov 5, 2012

रोज़ अकेली आये...

Picture from Google images.

१९७१ में बनी फिल्म 'मेरे अपने' का यह गीत शायद बहुत कम लोगों ने सुना होगा क्योंकि यह फिल्म से काट दिया गया था .शायद फिल्म में मीना कुमारी पर फिल्माया गया होगा.

गीत के बोल बहुत ही खूबसूरत और अर्थपूर्ण हैं...

गीत अनूठा  है क्योंकि 'बिरहन रात ' की ऐसी खूबसूरत कल्पना सिर्फ गुलज़ार ही कर सकते हैं!

गीत की मूल  गायिका लता जी हैं यहाँ प्रस्तुति में मैं ने अपना  प्रयास किया है.
संगीतकार सलील चौधरी हैं .


रोज अकेली आये रोज अकेली जाए, चाँद कटोरा लिए भिखारिन रात

मोतियों जैसे तारे ,आँचल में हैं सारे ...
हाय रे फिर क्या मांगे भिखारन रात...

जोगन जैसी लागे ना सोये न जागे ...
गली-गली में जाए भिखारन  रात

रोज़ लगाये फेरा है कोई नन्हा सवेरा ..
गोद में भर दो आई  भिखारन रात

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Jun 21, 2012

न जाने क्यूँ होता है ये...



न जाने क्यूँ [कवर संस्करण ]
फिल्म- छोटी सी बात 
गीत-योगेश ,संगीत -सलील चौधरी  
न जाने क्यूँ, होता है ये ज़िंदगी के साथ
अचानक ये मन
किसी के जाने के बाद, करे फिर उसकी याद
छोटी -छोटी सी बात, न जाने क्यूँ .....

वो अंजान पल,ढल गये कल, आज वो
रंग बदल बदल, मन को मचल मचल
रहें, न चल न जाने क्यूँ, वो अंजान पल
तेरे बिना मेरे नैनों मे,टूटे रे हाय रे सपनों के महल
न जाने क्यूँ, होता है ये ज़िंदगी के साथ ...

वही है डगर,वही है सफ़र, है नहीं
साथ मेरे मगर, अब मेरा हमसफ़र
ढूँढे नज़र न जाने क्यूँ, वही है डगर,कहाँ गईं शामें मदभरी
वो मेरे, मेरे वो दिन गये किधर
न जाने क्यूँ, होता है ये ज़िंदगी के साथ ...
स्वर- अल्पना Mp3 download or Play 


Jan 14, 2011

५७-ओ सजना बरखा ..'[Cover song]

बहुत दिनों से  कुछ गाया ही नहीं जा सका है. न ही अब पर्याप्त समय मिल पाता है .
प्रस्तुत  गीत फिल्म परख से है और इसे मैंने शोभना चौरे जी के कहने पर जून महीने में[६ महीने पहले ] रिकॉर्ड किया था.

अपनी  क्षमता में जैसा भी  गा सकी हूँ आप के समक्ष  यह कवर संस्करण  प्रस्तुत   है.





Download or preview here MP3

Nov 3, 2010

22-रजनीगंधा फूल तुम्हारे


रजनीगंधा फूल तुम्हारे
film-Rajanigandha[१९७४]
Music: Salil Choudhary
Lyrics:Yogesh
Original Singer :Lata
Starring:Vidya Sinha

रजनीगंधा फूल तुम्हारे महके यूँ ही जीवन में
यूँ ही महके प्रीत पिया की मेरे अनुरागी मन में
रजनीगंधा...

1-हर पल मेरी इन आँखों में बस रहते हैं सपने उनके
मन कहता है मैं रंगों की एक प्यार भरी बदली बनकर
बरसूँ उनके जीवन में
रजनीगंधा...

2-अधिकार ये जबसे साजन का हर धड़कन पर माना मैंने
मैं जबसे उनके साथ बंधी ये भेद तभी जाना मैंने
कितना सुख है बंधन में

रजनीगंधा फूल तुम्हारे महके यूँ ही जीवन में
जैसे महके प्रीत पिया की मेरे अनुरागी मन में
रजनीगंधा...
Song suggested by Dr.Anurag
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[स्वर----अल्पना]