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Sep 30, 2017

लागी छूटे न ...फिल्म -काली टोपी लाल रुमाल Lagi chhute na ab to

लागी छूटे न
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फिल्म -काली टोपी लाल रुमाल
संगीतकार -चित्रगुप्त
गीतकार-मजरूह
मूल गायक -रफ़ी और लता

कवर प्रस्तुति -सफ़ीर और अल्पना
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    लागी छूटे ना अब तो सनम
 चाहे जाए जिया तेरी क़सम
 लागी छूटे ना ...

 तुझको पुकारे बन के दीवाना ना माने रे जिया --
        ओ जी हो
 प्यार किया तो करके निभाना सुनो जी रसिया
 ओ प्यार किया तो प्यार किया तेरी क़सम
 लागी छूटे ना ...
 दूर हूँ फिर भी दिल के क़रीब निशाना है तेरा
 सोच ले फिर से एक गरीब दीवाना है तेरा
 सोच लिया जी सोच लिया तेरी क़सम
 लागी छूटे ना ...

 जब से लड़ी है तुझसे निग़ाहें तड़प रहा दिल
 देख के चलना प्यार की राह बड़ी है मुश्किल
 देख लिया जी देख लिया तेरी क़सम
 लागी छूटे ना ...
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Aug 10, 2017

साज़-ए-दिल छेड़ दे -फ़िल्म: पासपोर्ट (1961) Saaze Dil chhed de

फ़िल्म: पासपोर्ट (1961)
 मूल गायक: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: फारुख कैसर

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प्रस्तुत गीत में स्वर -सफ़ीर  और अल्पना
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Saaze Dil chhed de-
Lyrics :


साज़-ए-दिल छेड़ दे
क्या हसीं रात है
कुछ नहीं चाहिए
तू अगर साथ है
साज़-ए-दिल छेड़ दे …

मुझे चाँद क्यूँ तकता है
मेरा कौन ये लगता है
मुझे शक़ यही होता है
मेरे चाँद से जलता है
हमें इसकी क्या परवाह है
साज़-ए-दिल छेड़ दे  …

तेरे दर पे सर झुक जाए
यहीं ज़िन्दगी रुक जाए
कली दिल की ये खिल जाए
ख़ुशी प्यार की मिल जाए
कभी फिर ग़मी न आए
साज़-ए-दिल छेड़ दे  …
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May 12, 2017

तुम बिन सजन बरसे नयन-फ़िल्म-ग़बन[१९६६] Tum bin sajan

lyrics -

तुम बिन सजन बरसे नयन, जब-जब बादल बरसे
मजबूर हम, मजबूर तुम, दिल मिलने को तरसे

नागिन-सी ये रात अँधेरी, बैठी है दिल को घेरके
रूठे जो तुम, सब चल दिए मुख फेरके
तुम बिन सजन …

May 2, 2017

ये पर्बतों के दायरे -फ़िल्म-वासना [१९६८]-Ye parbaton ke dayre

फ़िल्म-वासना [१९६८]
गीतकार-साहिर
संगीतकार-चित्रगुप्त
मूल गायक-लता और रफ़ी
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Mar 26, 2017

दो घड़ी वो जो पास आ बैठे-फ़िल्म-गेटवे ऑफ़ इंडिया [1957] Do ghadi wo jo paas

फ़िल्म-गेटवे ऑफ़ इंडिया [1957]
संगीतकार - मदन मोहन
गीतकार -राजेंद्र कृष्ण
मूल गायक - मोहम्मद रफी लता मंगेशकर

Mar 16, 2017

एक सवाल मैं करूँ एक सवाल तुम - फिल्म: ससुराल [१९६१]

फ़िल्म: ससुराल [१९६१]
मूल गायक मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार:शंकर - जयकिशन
गीतकार:शैलेन्द्र
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Cover singers- Safeer and Alpana
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Lyrics
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एक सवाल मैं करूँ एक सवाल तुम करो
हर सवाल का सवाल ही जवाब हो
एक सवाल मैं करूँ ...

प्यार की बेला साथ सजन का फिर क्यों दिल घबराये
नैहर र से घर जाती दुल्हन क्यों नैना छलकाये
है मालूम कि जाना होगा, दुनियाँ एक सराय
फिर क्यों जाते वक़्त मुसाफ़िर रोये और रुलाये
- फिर क्यों जाते वक़्त मुसाफ़िर रोये और रुलाये!
एक सवाल मैं करूँ ...

चाँद के माथे दाग है फिर भी चाँद को लाज न आये
उसका घटता बढ़ता चेहरा क्यों सुन्दर कहलाये
काजल से नैनों की शोभा क्यों दुगुनी हो जाये
गोरे गोरे गाल पे काला तिल क्यों मन को भाये
- गोरे गोरे गाल पे काला तिल क्यों मन को भाये
एक सवाल मैं करूँ ...

उजियारे में जो परछाई पीछे पीछे आये
वही अन्धेरा होने पर क्यों साथ छोड़ छुप जाये
सुख में क्यों घेरे रहते हैं अपने और पराये
बुरी घड़ी में क्यों हर कोई देख के भी क़तराये
- बुरी घड़ी में क्यों हर कोई देख के भी क़तराये
एक सवाल मैं करूँ ...

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Mar 15, 2017

एक डाल पे तोता बोले -फिल्म: चोर मचाए शोर-[1974]

फ़िल्म:
गायक: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: रवींद्र जैन
गीतकार:इंद्रजीत सिंह तुलसी
अदाकार:शशि कपूर और मुमताज़
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Cover singers- Safeer and Alpana
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एक डाल पर तोता बोले
एक डाल पर तोता बोले
एक डाल पर मैना
दूर दूर बैठे है लेकिन
प्यार तो फिर भी है न
बोलो है न, है न है न
ओ एक डाल पर तोता बोले,
एक डाल पर मैना
मैं तेरे नैनो की निंदिया,
तू मेरे दिल का चैना
बोलो है न, है न है न
एक डाल पर तोता बोले

ये क्या मुझको हो गया साजन
कभी रोऊँ कभी गाउँ
पेड़ से लिपटी बेल जो देखूं
लाज से मर मर जाऊँ
ये पागलपन कैसा
कब से हो गया ऐसा
बिन बतलाये समझो साजन
आज नहीं कुछ कहना
बोलो है न, है न है न
है न
एक डाल पर तोता बोले

आँधी आये तूफ़ान आये
या बरसे, बरसाते
एक दूजे में खो जाये हम
खत्म न हो दिन राते
खत्म न हो दिन राते
मीठी प्यार की बातें
होंठ अगर खामोश रहें तो
बोल उठेंगे नैना
बोलो है न, है न है न
है न
एक डाल पर तोता बोले

जनम जनम रे साजन,
पल में बुझेगी कैसे
जीवन भर ये संग न छूटे,
अंग लगा तो ऐसे
आ मिल जाएँ ऐसे,
सागर नदिया जैसे
सिख लिया है प्यार में हमने,
मिटाकर ज़िंदा रहना
बोलो है न, है न है न

एक डाल पर तोता बोले,
एक डाल पर मैना
दूर दूर बैठे है लेकिन,
प्यार तो फिर भी है न
बोलो है न, है न है न

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Mar 12, 2017

दिल पुकारे आरे आ रे आरे - फिल्म: ज्वेल थीफ़(१९६७ )

फ़िल्म: ज्वेल थीफ़(१९६७ )
गायक: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार:सचिन देव बर्मन
गीतकार:आनंद बक्षी
अदाकार:देव आनंद और वैजंतीमाला
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Cover singers- Safeer and Alpana
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Dil pukare aa re aa re aare
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दिल पुकारे, आ रे आ रे आ रे –
अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे, आरे आरे आरे
ओ… अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे आ रे आ रे आ रे

1.बरसों बीते दिल पे काबू पाते
हम तो हारे तुम ही कुछ समझाते
समझाती मैं तुमको लाखों अरमां
खो जाते हैं लब तक आते आते
ओ… पूछो ना कितनी, बातें पड़ी हैं
दिल में हमारे
दिल पुकारे, आ रे आ रे आ रे

2.पाके तुमको है कैसी मतवाली
आँखें मेरी बिन काजल के काली
जीवन अपना मैं भी रंगीन कर लूँ
मिल जाये जो इन होठों की लाली
ओ… जो भी है अपना, लायी हूँ सब कुछ
पास तुम्हारे
दिल पुकारे, आ रे आ रे आ रे

3.महका महका आँचल हल्के हल्के
रह जाती हो क्यों पल्कों से मलके
जैसे सूरज बन कर आये हो तुम
चल दोगे फिर दिन के ढलते ढलते
ओ… आज कहो तो मोड़ दूं बढ़के
वक़्त के धारे
दिल पुकारे, आ रे आ रे आ रे
ओ… अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे आरे आरे आरे
अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे आ रे आ रे आ रे

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Mar 10, 2017

देखो रूठा ना करो-फ़िल्म: तेरे घर के सामने (1963)

फ़िल्म: तेरे घर के सामने  (1963)
गायक: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: सचिन देव बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: देव आनंद, नूतन
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Cover singers- Safeer and Alpana
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Dekho rutha na karo-Lyrics
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देखो रूठा ना करो, बात नज़रों की सुनो
हम ना बोलेंगे कभी, तुम सताया ना करो

1.चेहरा तो लाल हुआ, क्या क्या हाल हुआ
इस अदा पर तेरी, मैं तो पामाल  हुआ
तुम बिगड़ने जो लगो,  और भी हंसीं लगो
हम न बोलेंगे कभी, तुम सताया ना करो
देखो रूठा ना करो...

2.जान पर मेरी बनी, आपकी ठहरी हंसी
हाय मैं जान गई, प्यार की चिकनागरी
दिल जलाने के लिये, ठंडी आहें न भरो
देखो रूठा ना करो...

3.तेरी खुशबू ने मेरे, होश भी छीन लिये
है खुशी आज हमें, तेरे पहलू में गिरे
दिल की धड़कन पे ज़रा, फूल सा हाथ रखो
हम न बोलेंगे कभी...
4.क्या कहेगा ये समा, इन राहों का धुँआ
लाज आए मुझे, मुझको लाए हो कहाँ
हम तुम्हें मान गए, तुम बड़े वो हो हटो
देखो रूठा ना करो...
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Mar 6, 2017

तुम्हारी नज़र क्यूँ खफा हो गई -फिल्म: दो कलियाँ [१९६८]

फिल्म: दो कलियाँ [१९६८]
गीतकार :साहिर लुधयानवी
संगीतकार :रवि
मूल गायक -लता मंगेशकर और मो. रफ़ी
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Cover singers -Safeer and Alpana
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Lyrics-
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तुम्हारी नज़र क्यूँ खफा हो गई
ख़ता बख़्श दो गर ख़ता हो गई
हमारा इरादा तो कुछ भी ना था
तुम्हारी खता खुद सज़ा हो गई

 १.सज़ा  ही सही अज कुछ तो मिला है,
 सज़ा मे भी इक प्यार का सिलसिला है..
मोहब्बत का अब कुछ भी अंजाम हो
मुलाक़ात की इब्तिदा हो गई

2.मुलाक़ात पे इतने मगरूर क्यों  हो,
हमारी खुशामद पे मजबूर क्यों  हो..
मनाने की आदत कहाँ पड़ गयी
सताने की  तालीम क्या हो गई

3.सताते ना हम तो मानते ही कैसे,
तुम्हे अपने नज़दीक लाते  ही कैसे..
इसी दिन का चाहत को अरमान था
क़ुबूल आज दिल की दुआ हो गई

तुम्हारी नज़र क्यूँ खफा हो गई
खता बख्श दो ग़र खता हो गई
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Mar 2, 2017

वो हैं ज़रा खफ़ा खफा -फिल्म: शागिर्द [१९६७]

फिल्म-शागिर्द [१९६७]
संगीतकार -लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल
गीतकार -मजरूह सुल्तानपुरी
मूल गायक -लता मंगेशकर और मो. रफ़ी

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Singers of this version- Safeer and Alpana
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वो हैं ज़रा खफा ख़फा तो नैन यूँ चुराए हैं
के हो ...ना बोल दूँ तो क्या करूँ
वो हँस के यूँ बुलाए हैं..के हो

१.हँस रही है चांदनी
मचल के रो ना दूँ कहीं
ऐसे कोई रूठता नहीं
ये तेरा ख़याल है
करीब आ मेरे हसीं
मुझको तुझसे कुछ गिला नहीं
बात यूँ बनाए हैं
के हो..
2.फूल को महक मिले
ये रात रंग में ढले
मुझसे तेरी जुल्फ गर खुले
तुम ही मेरे संग हो
गगन की छाँव के तले
ये रुत यूँ ही भोर तक चले
प्यार यूँ जताए हैं
के हो…
3.ऐसे मत सताइए
ज़रा तरस तो खाइए
दिल की धड़कन मत जगाइए
कुछ नहीं कहूँगा मैं
ना अन्खड़ियाँ झुकाइए
सर को काँधे से उठाइये
ऐसे नींद आये है
के हो..हो.....
वो हैं ज़रा खफा ख़फा...............
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Mar 1, 2017

चलो दिलदार चलो -फिल्म: पाकीज़ा (1972)


फ़िल्म –  पाकीज़ा  (1972)
 मूल गायक – मोहम्मद रफ़ी और लता मंगेशकर 
संगीतकार –ग़ुलाम मोहम्मद
 गीतकार – कैफ़ भोपाली
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Cover sung by Safeer and Alpana
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Lyrics-Chalo dildar chalo
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चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो
हम हैं तैयार चलो

१.आओ खो जाएँ सितारों में कहीं
छोड़ दे आज दुनियाँ ये ज़मीं
चलो दिलदार चलो…

2.हम नशे में हैं संभालो हमें तुम
नींद आती है जगा लो हमें तुम
चलो दिलदार चलो…

3.ज़िन्दगी ख़त्म भी हो जाये अगर
ना कभी ख़त्म हो उल्फत का सफ़र
चलो दिलदार चलो

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Jan 22, 2017

आपने याद दिलाया तो मुझे ....फिल्म- आरती [१९६२ ]

फिल्म- आरती [१९६२ ]
गीतकार- मजरूह सुल्तानपुरी 
संगीतकार-रोशन 
मूल गायक -लता  और रफ़ी 
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कवर गायक - सफ़ीर और अल्पना
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गीत के बोल -
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आपने याद दिलाया तो मुझे याद आया..
के मेरे दिल पे पढ़ा था कोई ग़म का साया
आपने याद दिलाया

1.मै भी क्या चीज़ हूँ  खाया था, कभी तीर कोई
दर्द अब जा के उठा, चोट लगे देर हुयी
तुमको हमदर्द जो पाया, तो मुझे याद आया
के मेरे दिल पे पढ़ा था कोई ग़म का साया
आपने याद दिलाया

2.मै ज़मीन पर हू ना समझा, ना परखना चाह
आसमान पर ये कदम, झूमके रखना चाह
आज जो सर को झुकाया, तो मुझे याद आया
के मेरे दिल पे पढ़ा था कोई ग़म का साया
आपने याद दिलाया

3.मैंने  भी सोच लिया, साथ निभाने के लिए
दूर तक आऊँगी  मैं, तुमको मनाने के लिए
दिल ने एहसास दिलाया, तो मुझे याद आया

आपने याद दिलाया, तो मुझे याद आया..

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Jan 16, 2017

आ जा के इंतज़ार में-फिल्म : हलाकू

फिल्म-हलाकू [१९५६]
गीतकार-शैलेन्द्र
संगीतकार: शंकर -जयकिशन
मूल गायक-रफ़ी और लता

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 कवर गायक- Safeer and Alpana
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गीत के बोल
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आ जा के  इंतज़ार में, जाने को है बहार भी
तेरे बग़ैर ज़िंदगी, दर्द बनके रह गई

१.अरमाँ लिए बैठे हैं हम, सीने में है तेरा-ही ग़म
तेरे दिल से प्यार की वो तड़प किधर गई
आ जा के  इंतज़ार में…

2.दिल की सदा पे ऐ सनम, बढ़ते गए मेरे क़दम
अब तो चाहे जो भी हो, दिल तुझे मैं दे चुकी
आजा के  इंतज़ार में …

Aug 2, 2016

परबत के इस पार :फिल्म-सरगम

गीत-परबत के इस पार...
गीतकार-आनंद  बक्षी
संगीतकार-लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल
मूल गायक-लता और रफ़ी
प्रस्तुत है इस गीत का कवर संस्करण

गीत के बोल-

पर्वत के इस पार पर्वत के उस पार
गूँज उठी छम-छम छम-छम
गूँज उठी छम-छम छम मेरी पायल की झंकार


१.मुख पे पड़ी थी कब से चुप की इक ज़ंजीर
मंदिर में चुप-चाप खड़ी थी मैं बनके तस्वीर
आ चल गा मैं साथ हूँ तेरे
छेड़ दिए हैं सरस्वती देवी ने तार-सितार
पर्वत के इस पार …

2.ग़म इक चिट्ठी जिसमें ख़ुशियों का सन्देश
गीत तभी मन से उठता है जब लगती है ठेस
आ चल गा मैं साथ हूँ तेरे
लय न टूटे ताल न टूटे छूटे ये संसार
पर्वत के इस पार …

3.फूल बने हैं घुँघरू घुँघरू बन गए फूल
टूट के पाँव में सब कलियाँ बिछ गईं बनकर धूल
ता थैया ता ता थैया
देखो झूम के नाच उठी है
मेरे अंग अंग मस्त बहार
पर्वत के इस पार …

प्रस्तुत गीत में स्वर -सफीर अहमद और अल्पना वर्मा
Cover by Safeer & Alpana

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Jun 17, 2015

बाहों में तेरी-फ़िल्म : काला पत्थर (1979)

फ़िल्म –काला पत्थर (1979)
 मूल गायक – मोहम्मद रफ़ी और लता मंगेशकर
संगीतकार – राजेश रोशन
गीतकार – साहिर लुधियानवी
[शशि कपूर, परवीन बॉबी]
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This Version Sung by Safeer and Alpana
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Lyrics-Bahon mei teri khushbuu
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बाहों में तेरी, मस्ती के घेरे साँसों  में तेरी,
खुशबू के डेरे मस्ती के घेरों में
मस्ती के घेरों में, खुशबू के डेरे में, हम खोए जाते हैं

१.ख़्वाबों में जिसको, तनहा जवानी
बरसों से तकती थी, तू वही है
छूने से जिसको, सीने में मेरी
लौ जाग सकती थी, तू वही है
कुछ ख़्वाब मेरे, कुछ ख़्वाब तेरे
यूँ मिलते जाते हैं
दिल खिलते जाते हैं, लब गुनगुनाते हैं
बाहों में तेरी …

2.बिखरा के ज़ुल्फ़ें, झुक जाओ मुझपे
मिलने दो साया, तपते बदन को
मैने हमेशा, तेरी अमानत
समझा है मेरे, जान और  तन को
तू साथ मेरे, मैं साथ तेरे
रूहों के रूहों से
जिस्मों के जिस्मों से, सदियों के नाते हैं
बाहों में तेरी …
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