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खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

झाँसी  की रानी -कविता पाठ =================== -[सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी ] Kavita Paath: Alpana Verma सिंहासन हिल उठे...

Jun 17, 2015

बाहों में तेरी-फ़िल्म : काला पत्थर (1979)

फ़िल्म –काला पत्थर (1979)
 मूल गायक – मोहम्मद रफ़ी और लता मंगेशकर
संगीतकार – राजेश रोशन
गीतकार – साहिर लुधियानवी
[शशि कपूर, परवीन बॉबी]
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This Version Sung by Safeer and Alpana
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Lyrics-Bahon mei teri khushbuu
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बाहों में तेरी, मस्ती के घेरे साँसों  में तेरी,
खुशबू के डेरे मस्ती के घेरों में
मस्ती के घेरों में, खुशबू के डेरे में, हम खोए जाते हैं

१.ख़्वाबों में जिसको, तनहा जवानी
बरसों से तकती थी, तू वही है
छूने से जिसको, सीने में मेरी
लौ जाग सकती थी, तू वही है
कुछ ख़्वाब मेरे, कुछ ख़्वाब तेरे
यूँ मिलते जाते हैं
दिल खिलते जाते हैं, लब गुनगुनाते हैं
बाहों में तेरी …

2.बिखरा के ज़ुल्फ़ें, झुक जाओ मुझपे
मिलने दो साया, तपते बदन को
मैने हमेशा, तेरी अमानत
समझा है मेरे, जान और  तन को
तू साथ मेरे, मैं साथ तेरे
रूहों के रूहों से
जिस्मों के जिस्मों से, सदियों के नाते हैं
बाहों में तेरी …
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