Apr 17, 2015

यारा सीली सीली--कवर गीत - स्वर -अल्पना वर्मा

गीत-यारा सीली सीली
मूल गायिका -लता मंगेशकर
गीतकार-गुलज़ार
संगीतकार -हृदयनाथ मंगेशकर

यहाँ प्रस्तुत गीत मेरी एक कोशिश है ,आशा है आप को पसंद आएगी.

गीत
यारा सीली-सीली बिरहा की रात का जलना
ये भी कोई जीना है, ये भी कोई मरना यारा सीली सीली

1-टूटी हुई चूड़ियों से जोडूं ये कलाई मैं
पिछली गली में जाने क्या छोड़ आई मैं
बीती हुई गलियों से फिर से गुजरना यारा सीली सीली

2-पैरों में न साया कोई सर पे न साईं रे
मेरे साथ जाए ना मेरी परछाईं रे
बाहर उजाला है अंदर वीराना यारा सीली सीली

यारा सीली-सीली बिरहा की रात का जलना.
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5 comments:

निर्मला कपिला said...

badiyaa prastuti. sureeli aavaaj.

Shashi said...

Very nice !!

Anonymous said...

यह गीत मुझे बहुत पसंद है। शानदार रचना।

Satish Saxena said...

बेहद पसब्द है यह गीत ! मंगलकामनाएं आपको

हिमकर श्याम said...

वाह, बहुत ख़ूब! इस बेहतरीन गीत को बहुत ही सुंदर गाया है आपने।देर से पहुँचने के लिए क्षमा चाहता हूँ।