आज हरदिल पसंद रूहानी आवाज़ के मालिक गायक रफ़ी साहब की ३३ वीं पुण्यतिथि है .
उन्हें याद करते हुए मैं अपनी ओर से यह स्वरांजलि भेंट करती हूँ.रफ़ी साहब की आवाज़ उनके गीतों के ज़रिये आज भी हमारे आस-पास उनकी मौजूदगी बताती है .
उनका गाया हुआ यह गीत मुझे बहुत पसंद हैं,रफ़ी साहब के बेहतरीन प्रेम-गीतों में से एक लगता है.
जितनी बार भी सुनो हमेशा नया सा लगता है ...
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-कवर संस्करण - स्वर -अल्पना
गीत-अपनी आँखों में बसा कर
फ़िल्म-ठोकर
मूल गायक -रफ़ी
संगीतकार--श्याम जी घनश्याम जी
गीतकार -साजन देहलवी
अपनी आँखों में बसा कर कोई इक़रार करूँ
जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ
१-मैं ने कब तुझ से ज़माने की ख़ुशी माँगी है
एक हलकी सी मेरे लब ने हँसी माँगी है
सामने तुझ को बिठाकर तेरा दीदार करूँ
जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ
२-साथ छूटे न कभी तेरा यह क़सम ले लूँ
हर ख़ुशी देके तुझे तेरे सनम ग़म ले लूँ
हाय, मैं किस तरह से प्यार का इज़हार करूँ
जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसा कर कोई इक़रार करूँ.
film Thokar (1974) original singer- Rafi
Music: Shamji Ghanshamji
Lyrics: Sajan Delvi
Raga: Bhairavi
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फिल्म-सीमा (१९७१)
गीतकार-गुलज़ार ,
संगीत -शंकर -जयकिशन
मूल गायक -रफ़ी
Lyrics-
जब भी ये दिल उदास होता है
जाने कौन आस पास होता है
जब भी ये...
१-होंठ चुप चाप बोलते हों जब
साँसें कुछ तेज़ तेज़ चलती हों
आँखें जब दे रही हों आवाज़ें
ठंडी आहों में साँस जलती हो
जब भी ये...
२-आँखों में तैरती है तस्वीरें
तेरा चेहरा तेरा खयाल लिये
आइना देखता है जब मुझको
एक मासूम सा सवाल लिये
जब भी ये...
३-कोई वादा नहीं किया लेकिन
क्यूँ तेरा इंतज़ार रहता है
बेवजह जब करार मिल जाए
दिल बड़ा बेकरार रहता है
जब भी ये..
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गीत कठिन है लेकिन मैंने गाने एक कोशिश की है...
कवर संस्करण-प्रस्तुति -अल्पना Mp3 Download Or Play
सौ बार जन्म लेंगे.
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फिल्म-उतादों के उस्ताद
मूल गायक -रफ़ी
संगीतकार-रवि
गीत-असद भोपाली
सौ बार जन्म लेंगे,सौ बार फना होंगे,
ऐ जाने वफ़ा फिर भी हम तुम न जुदा होंगे,
१-किस्मत हमें मिलने से रोकेगी भला कब तक,
इन प्यार की राहों में भटकेगी वफ़ा कब तक
कदमों के निशान खुद ही मंजिल का पता होंगे....
२-ये कैसी उदासी है ,जो हुस्न पे छायी है,
हम दूर नहीं तुमसे कहने को जुदाई है,
अरमान भरे दो दिल फिर एक जगह होंगे .....
सौ बार जन्म लेंगे.......
प्रदीप कुमार और शकीला पर फिल्माया हुआ एक बहुत ही लोकप्रिय और यादगार गीत
रफ़ी साहबके इस गीत को अपने स्वर में प्रस्तुत करने का एक प्रयास किया है .
Vocals----Alpana
दिल की आवाज़ भी सुन मेरे फ़साने पे न जा मेरी नज़रों की तरफ़ देख ज़माने पे न जा १-इक नज़र देख ले जीने की इजाज़त दे दे रूठने वाले वो पहली सी मुहब्बत दे दे
इश्क़ मासूम है इलज़ाम लगाने पे न जा मेरी नज़रों की तरफ़ देख ज़माने पे न जा दिल की आवाज़ भी
२-वक़्त इनसान पे ऐसा भी कभी आता है राह में छोड़के साया भी चला जाता है
दिन भी निकलेगा कभी,रात के आने पे न जा मेरी नज़रों की तरफ़ देख ज़माने पे न जा दिल की आवाज़ ..
मैं हक़ीक़त हूँ ये इक रोज़ बताऊँगी तुझे बेगुनाही पे मुहब्बत की रुलाउंगी तुझे दाग दिल के नहीं मिटते हैं मिटाने पे न जा
मेरी नज़रों की तरफ़ देख ज़माने पे न जा दिल की आवाज़ भी सुन......... फिल्म -हमसाया, संगीत -ओ.पी.नय्यर मूल गायक- मो. रफ़ी, गीत-शेवान रिज़वी अभिनेता -जोय मुखर्जी प्रस्तुत स्वर --अल्पना Download MP3 or Play
[recorded again on dec 9 as yesterday's song was not up to mark]
फ़िल्म-ठोकर
मूल गायक -रफ़ी
संगीतकार--श्याम जी घनश्याम जी
गीतकार -साजन देहलवी
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ
जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ
१-मैं ने कब तुझ से ज़माने की ख़ुशी माँगी है
एक हलकी सी मेरे लब ने हँसी माँगी है
सामने तुझ को बिठाकर तेरा दीदार करूँ
जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ
२-साथ छूटे न कभी तेरा यह क़सम ले लूँ
हर ख़ुशी देके तुझे तेरे सनम ग़म ले लूँ
हाय, मैं किस तरह से प्यार का इज़हार करूँ
जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ.
film Thokar (1974) original singer- Rafi
Music: Shamji Ghanshamji
Lyrics: Sajan Delvi
Raga: Bhairavi
यह गीत मुझे बहुत पसंद हैं,रफ़ी साहब के बेहतरीन प्रेम-गीतों में से एक लगता है.
जितनी बार सुनो हमेशा नया सा लगता है .
बहुत इच्छा थी कि इसे अपना स्वर भी दूँ...इसलिए यह प्रस्तुति एक प्रयास है.
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