फिल्म-हमराही ...यह एक लोकप्रिय गाना है जिसे मो.रफ़ी और मुबारक बेगम ने गाया था. संगीत -शंकर-जयकिशन का है और गीत हसरत जयपुरी ने लिखे हैं. प्रस्तुत गीत-कवर संस्करण है जिसे स्वर दिया है दिलीप कवठेकर जी और अल्पना ने.
तुम मुझे भूल भी जाओ
---------------------
तुम मुझे भूल भी जाओ तो ये हक़ है तुमको ,
मेरी बात और है मैंने तो मोहब्बत की है,
मेरे दिल की मेरे जज़बात की क़ीमत क्या है
उलझे-उलझे से ख़्यालात की क़ीमत क्या है
मैंने क्यूं प्यार किया तुमने न क्यूं प्यार किया
इन परेशान सवालात की क़ीमत क्या है
तुम जो ये भी न बताओ तो ये हक़ है तुमको
मेरी बात और है मैंने तो मुहब्बत की है
ज़िन्दगी सिर्फ़ मुहब्बत नहीं कुछ और भी है
ज़ुल्फ़-ओ-रुख़सार की जन्नत नहीं कुछ और भी है
भूख और प्यास की मारी हुई इस दुनिया में
इश्क़ ही एक हक़ीकत नहीं कुछ और भी है
तुम अगर आँख चुराओ तो ये हक़ है तुमको
मैंने तुमसे ही नहीं सबसे मुहब्बत की है
तुमको दुनिया के ग़म-ओ-दर्द से फ़ुरसत ना सही
सबसे उलफ़त सही मुझसे ही मुहब्बत ना सही
मैं तुम्हारी हूँ यही मेरे लिये क्या कम है
तुम मेरे होके रहो ये मेरी क़िस्मत ना सही
और भी दिल को जलाओ तो ये हक़ है तुमको
मेरी बात और है मैंने तो मुहब्बत की है
*यह गीत साहिर साहब का लिखा हुआ है और इसकी तर्ज़ सुधा मल्होत्रा जी ने बनायी थी.संगीत-एन.दत्ता का है.
शोभा खोटे और सुनील दत्त पर फिल्माया हुआ फिल्म दीदी[१९५९] से है.
मूल गायक मुकेश और सुधा मल्होत्रा हैं .
यहाँ प्रस्तुत गीत जो कि कवर संस्करण है ,श्री दिलीप कवठेकर जी और मेरा गाया हुआ है. Play or Download Mp3 here
शमशाद बेग़म और तलत महमूद जी का गाया हुआ एक गीत "मिलते ही आँखें दिल हुआ दीवाना किसी का''जिसेफिल्म बाबुल [1950] के लिए गीतकार शकील बदायुनी ने लिखा और नौशाद साहब ने संगीतबद्ध किया था.
दिलीप कुमार और मुनव्वर सुल्ताना पर फिल्माया गया यह गीत बहुत ही लोकप्रिय गीत रहा है .
दिलीप कवठेकर जी ने गीत कोई डेढ़ साल पहले गाने के लिए तय किया था .उन्होंने अपने स्वर ट्रेक के साथ मुझे इमेल से भेज दिए थे..मैं ने भी अपना हिस्सा गा दिया था लेकिन उस के बाद मेरा लेपटोप क्रेश हुआ तो सारी फाइलें मिस हो गयीं,आज इत्तेफाक से ड्राफ्ट में में सेव किये हुए स्वर और ट्रेक मिल गए तो मैंने उन्हें मिक्स किया है .उम्मीद है ,मिक्सिंग ठीक हो सकी होगी.