Jul 31, 2017

दिल उसे दो जो जान दे दे...Dil usey do jo jaan de de

दिल उसे दो जो जान दे दे
फ़िल्म :अंदाज़
संगीतकार - शंकर जयकिशन
गीतकार-शैलेन्द्र
मूल गायक -मो.रफ़ी और आशा भोसले
प्रस्तुत गीत में आवाजें -सफीर अहमद और अल्पना वर्मा
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Lyrics-Dil usey do jo jan de de
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दिल उसे दो जो जान दे दे,
जान उसे दो जो दिल दे दे

१) ये प्यार के नज़ारे हैं देख लो जिधर
अब नाचती है दुनिया खुशी का है असर
लो खत्म हुआ है ये आज का सफ़र
अब होगी सुहानी वो कल की सहर, दिल उसे ...

२) जो सोचते रहोगे तो कुछ न मिलेगा
जो चुपके रहोगे तो काम न बनेगा
जो दिल में जलोगे तो अरमान रहेगा
जो बढ़ते चलोगे तो रास्ता मिलेगा, दिल उसे ...

३) वो गुंचा नहीं है जो खिलना न जाने
वो बाद-ए-सबा क्या जो चलना न जाने
वो बिजली नहीं जो चमकना न जाने
वो इन्सान नहीं जो तड़पना न जाने, दिल उसे ...
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Jul 25, 2017

न जाने कहाँ तुम थे -फिल्म- ज़िन्दगी और ख़्वाब Na jane kahan tum the



फिल्म- ज़िन्दगी और ख़्वाब [१९६१]
संगीतकार -दत्ताराम
गीतकार- प्रदीप
मूल गायक -सुमन कल्यानपुर और मन्ना डे
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प्रस्तुत गीत में स्वर - अल्पना और सफ़ीर
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Lyrics-
न जाने कहाँ तुम थे, न जाने कहाँ हम थे
जादू ये देखो हम तुम मिले हैं न जाने कहाँ हम थे,
न जाने कहाँ तुम थे अब तो मिलन के सपने खिले हैं...

१. कितने दिनोंपर मिली हैं निगाहें
अब तुम न जाना छुड़ाकर ये बाहें
तुम्हारा ये साथ प्यारा हम क्यों न चाहें ...

२.किसे था पता यूँ हम तुम मिलेंगे
उजड़े हुए दिल फिर से बसेंगे
मोहब्बत के बंधन में हम तुम बधेंगे...

न जाने कहाँ तुम थे ....न जाने  कहाँ हम थे...
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Jul 7, 2017

पर्बतों के पेड़ों पर ...फिल्म-शगुन Parbaton ke pedon par -Shagun

पर्बतों के पेड़ों पर ....
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फिल्म-शगुन
संगीतकार-खय्याम
गीतकार-साहिर लुधयानवी
मूल गायक -सुमन कल्यानपुर और मो.रफ़ी
प्रस्तुत गीत में स्वर- सफीर अहमद और अल्पना वर्मा
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परबतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है
सूरमई उजाला है, चम्पई  अंधेरा है
सूरमई उजाला है

१.दोनों वक़्त मिलते हैं दो दिलों की सूरत से
दोनों वक़्त मिलते हैं दो दिलों की सूरत से
आसमान ने खुश होकर रंग सा बिखेरा है
आसमान ने खुश होकर........

२.ठहरे-ठहरे पानी में गीत सर-सराते हैं
ठहरे-ठहरे पानी में गीत सर-सराते हैं
भीगे-भीगे झोंकों में खुश्बुओं का डेरा है
भीगे-भीगे झोंकों में खुश्बुओं का डेरा है
परबतों के पेड़ों पर................

३.क्यूँ ना जज़्ब हो जाएँ इस हसीन नज़ारे में
क्यूँ ना जज़्ब हो जाएँ इस हसीन नज़ारे में
रोशनी का झुरमट है मस्तियों का घेरा है
रोशनी का झुरमट है मस्तियों का घेरा है
परबतों के पेड़ों पर....................

4.अब किसी नज़ारे की दिल को आरज़ू क्यों हो
अब किसी नज़ारे की दिल को आरज़ू क्यों हो
जब से पा लिया तुम को सब जहाँ मेरा है
जब से पा लिया तुम को सब जहाँ मेरा है
परबतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है
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Jul 2, 2017

संसार से भागे फिरते हो...स्वर : अल्पना


फिल्म-चित्रलेखा
 गीतकार -साहिर
 संगीतकार -रोशन
 मूल गायक : लता मंगेशकर
 प्रस्तुत गीत में स्वर -अल्पना वर्मा
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संसार से भागे फिरते हो, भगवान को तुम क्या पाओगे
इस लोक को भी अपना न सके, उस लोक में भी पछताओगे .

ये पाप है क्या, ये पुण्य है क्या, रीतों पे धरम की मुहरें हैं
हर युग में बदलते धर्मों को कैसे आदर्श बनाओगे

ये भोग भी एक तपस्या है, तुम त्याग के मारे क्या जानो
अपमान रचयिता का होगा, रचना को अगर ठुकराओगे

हम कहते हैं ये जग अपना है, तुम कहते हो झूठा सपना है
हम जन्म बिता कर जायेंगे, तुम जन्म गंवा कर जाओगे


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Jul 1, 2017

कभी कुछ पल जीवन के..

फिल्म-रंग बिरंगी [१९८३]
संगीत -राहुलदेव बर्मन
गीतकार -योगेश

मूल गायिकाएँ : अनुराधा पौडवाल और आरती मुखर्जी

प्रस्तुत गीत में स्वर -अल्पना वर्मा


 कभी कुछ पल जीवन के, लगता है कि चलते-चलते
कुछ देर ठहर जाते हैं
१.हर दिन की हलचल से, आज मिली ख़ामोशी
आ: हल्की है तन-मन में प्यार भरी मदहोशी
बदले-बदले मौसम के, मुझे रंग नज़र आते हैं
कभी कुछ पल जीवन के ...

२. फ़ुरसत की ये घड़ियाँ रोज़ कहाँ मिलतीं हैं
अनु: अब ख़ुशियाँ हाथ मेरा थामे हुए चलतीं हैं
मेरे साथ गगन ये धरती, मेरा गीत मधुर गाते हैं
कभी कुछ पल जीवन के ...

३.कितना भला लगता है सूरज का ये ढलना
आ: हो, दुनिया से दूर छुपके यहाँ, तेरा-मेरा यूँ मिलना
कभी-कभी दीवानेपन की हम हद से गुज़र जाते हैं
कभी कुछ पल जीवन के ...
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