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एक लड़की भीगी भागी सी ...स्वर -अल्पना

गीतकार-मजरूह सुल्तानपुरी

Jul 10, 2011

यूँ ही दिल ने चाहा था


यूँ ही दिल ने चाहा  था

फिल्म-दिल ही तो है [1963]
संगीतकार-रोशन
गीतकार-साहिर लुध्यानवी
Picturised on Nutan
मूल गायिका -सुमन कल्यानपुर
यूँ ही दिल ने चाहा था रोना रुलाना
तेरी याद तो बन गई इक बहाना

हमें भी नहीं इल्म, हम जिस पे रोए
वो बीती रुतें हैं के आता ज़माना

ग़म-ए-दिल है और ग़म-ए-ज़िंदगी भी
न इसका ठिकाना न उसका ठिकाना

कोई किसपे तड़पे, कोई किसपे रोए
इधर दिल जला है, उधर आशियाना 
 
यूँ ही दिल ने चाहा था रोना रुलाना
तेरी याद तो बन गई इक बहाना
Presenting Cover  by Alpana
 Mp3 Play or Download
 

7 comments:

रश्मि प्रभा... said...

phir wahi shaam hai, phir wahi awaaz saath hai...

veerubhai said...

सुन्दर प्रस्तुति -यूं ही दिल ने चाहा था रोना रुलाना ,तेरी याद तो बन गई एक अफसाना .शुक्रिया आवाज़ का हम भी हम सफर बने .

प्रवीण पाण्डेय said...

वाह।

पुष्कर सिंह said...

बहुत ही खूबसूरत गीत......

Kajal Kumar said...

Simply nostalgic.

Parasmani said...

You have presented a lovely selection. Very nice expressions, Alpana.
Sahir and Roshan...very effective combo.

शारदा अरोरा said...

aavaaj aur geet dono khoobsoorat hain ..