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खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

झाँसी  की रानी -कविता पाठ =================== -[सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी ] Kavita Paath: Alpana Verma सिंहासन हिल उठे...

Mar 10, 2017

देखो रूठा ना करो-फ़िल्म: तेरे घर के सामने (1963)

फ़िल्म: तेरे घर के सामने  (1963)
गायक: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
संगीतकार: सचिन देव बर्मन
गीतकार: हसरत जयपुरी
अदाकार: देव आनंद, नूतन
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Cover singers- Safeer and Alpana
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Dekho rutha na karo-Lyrics
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देखो रूठा ना करो, बात नज़रों की सुनो
हम ना बोलेंगे कभी, तुम सताया ना करो

1.चेहरा तो लाल हुआ, क्या क्या हाल हुआ
इस अदा पर तेरी, मैं तो पामाल  हुआ
तुम बिगड़ने जो लगो,  और भी हंसीं लगो
हम न बोलेंगे कभी, तुम सताया ना करो
देखो रूठा ना करो...

2.जान पर मेरी बनी, आपकी ठहरी हंसी
हाय मैं जान गई, प्यार की चिकनागरी
दिल जलाने के लिये, ठंडी आहें न भरो
देखो रूठा ना करो...

3.तेरी खुशबू ने मेरे, होश भी छीन लिये
है खुशी आज हमें, तेरे पहलू में गिरे
दिल की धड़कन पे ज़रा, फूल सा हाथ रखो
हम न बोलेंगे कभी...
4.क्या कहेगा ये समा, इन राहों का धुँआ
लाज आए मुझे, मुझको लाए हो कहाँ
हम तुम्हें मान गए, तुम बड़े वो हो हटो
देखो रूठा ना करो...
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