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खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

झाँसी  की रानी -कविता पाठ =================== -[सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी ] Kavita Paath: Alpana Verma सिंहासन हिल उठे...

Jul 15, 2012

'रंगीला रे, तेरे रंग में '- cover by Alpana



गीतकार- नीरज
संगीतकार- सचिनदेव बर्मन
फिल्म-- प्रेम पुजारी - 1970
Movie- Prem Pujari - 1970 अभिनेत्री -वहीदा रहमान
मूल गायिका -लता जी

रंगीला रे, तेरे रंग में, यूँ रंगा हैं, मेरा मन
छलिया रे, ना बुझे है, किसी जल से ये जलन
१-पलकों के झूले पे, सपनों की डोरी
प्यार ने बांधी जो, तू ने वो तोडी
खेल ये कैसा रे, कैसा रे साथी
दिया तो झूमे हैं, रोये है बाती
कहीं  भी जाए रे, रोये या गाये रे
चैन ना पाए रे हिया.....

शेष गीत खुद सुन लिजीये..

प्रस्तुत गीत में  स्वर- अल्पना



'अहसास की ख़ुश्बू कहाँ आवाज़ के जुगनू कहाँ ,
ख़ामोश यादों के सिवा घर में रहा कुछ भी नहीं .
- "बशीर बद्र"

5 comments:

Ramakant Singh said...

प्रेम पुजारी में वहीदा रहमान जी पर फिल्माए गीत को बड़ी सुन्दरता से आपने अपनी आवाज दी बधाई .वैसे भी लता जी के गीतों को गाना ही योग्यता की निशानी है .

DJ WaziF said...

Alpana you sang it beautifully. I'll say great selection and singing here. Keep sharing like that.

सदा said...

कितनी मधुर आवाज ... गीत की लय और भावों का अनुपम संयोजन ... बधाई सहित शुभकामनाएं

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सुंदर चुनाव और वैसे ही मधुर स्वर दिये आपने, शुभकामनाएं.

रामराम.

अल्पना वर्मा said...

shukriya!