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एक लड़की भीगी भागी सी ...स्वर -अल्पना

गीतकार-मजरूह सुल्तानपुरी

Mar 15, 2010

43-नानी तेरी मोरनी को

'नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए'


यह बाल गीत 1960 में आई हिंदी फिल्म 'मासूम' से है.
Lyrics-Shailendra,Music-Hemant Kumar
picturised on Daisy irani
आज भी अन्ताक्षरी में बहुत गाया जाता है .
फिल्म के लिए इसे रानू मुखर्जी ने गाया था.
जो गायक संगीतकार हेमंत कुमार की बेटी हैं और आज लोकप्रिय सुप्रसिद्ध बंगला गायिका भी हैं.

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[स्वर--अल्पना ]

10 comments:

डॉ. मनोज मिश्र said...

बहुत ही मनभावन गीत .

संगीता पुरी said...

बहुत बढिया गीत .. मुझे सिर्फ तीसरी कली ही आती थी .. पूरा गाना आज काफी दिनों बाद सुना !!

Arvind Mishra said...

बच्चों और नानी के बीच में बढियां संवाद का गीत

विजयप्रकाश said...

वाह...इस गाने ने फिर से बचपन की याद दिला दी.धन्यवाद

Dr. Smt. ajit gupta said...

सदाबहार गीत, हमेशा गुनगुनाते रहने का मन होता है। आपने इसे वापस सुनाया बहुत आभार।

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सुंदर और सदाबहार गीत सुनकर आनंद आया. गीत के साथ साथ उसकी पूरी जानकारी गीत के बारे काफ़ी जिज्ञासा शांत करती है. बहुत शुभकामनाएं.

रामराम.

Udan Tashtari said...

बहुत बढिया

Javed said...

Moron ko pakad ke darbey main bund karo aur choron ke khilaf parcha katwao. lol... tabhi sudhrein ge ye :-) bohot acha gaya hai Alpzz... maza aagaya sunkar... kafi ghaur se sunNa pada kyu ke pehle apne Dr.saheb ne bhi yehi female voice main gaya tha... so main ne kaha pehle ensure kar lon... hehehe... good work keep up Alpzz.
-Jav
NYC

खुशदीप सहगल said...

इस गाने को सुना कर ही मां बचपन में हमें सुलाया करती थी...

फिर अपने बच्चों को भी यही लोरी सुना कर हम सुलाते रहे...

कुछ रचनाएं कालजयी होती हैं, उनमें से एक गीत ये भी है....आभार

जय हिंद...

JHAROKHA said...

alpanaji aapaka yah geet mujhe bahut hi achhalaga kyon ki bachpan se hi yah bal geet sunati aur sunati chali aa rahi hun . merekhal se ye geet sabhi ko hi bahut achha laga hoga .
poonam