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एक लड़की भीगी भागी सी ...स्वर -अल्पना

गीतकार-मजरूह सुल्तानपुरी

Nov 21, 2009

26-आप की नज़रों ने समझा



फिल्म=अनपढ़
मूल गायिका=लता
संगीत=मदनमोहन
गीत=राजा मेंहदी अली खान

आप की नज़रों ने समझा, प्यार के काबिल मुझे
दिल की ऐ धड़कन ठहर जा, मिल गई मंज़िल मुझे
आप की नज़रों ने समझा

१-जी हमें मंज़ूर है, आपका ये फ़ैसला
कह रही है हर नज़र, बंदा-परवर शुकरिया
दो जहाँ की आज खुशियाँ हो गईं हासिल मुझे
आप की नज़रों ने समझा

२-आप की मंज़िल हूँ मैं मेरी मंज़िल आप हैं
क्यूँ मैं तूफ़ान से डरूँ मेरे साहिल आप हैं
कोई तूफ़ानों से कह दे, मिल गया साहिल मुझे
आप की नज़रों ने समझा

३-पड़ गई दिल पर मेरी, आप की परछाईयाँ
हर तरफ़ बजने लगीं सैकड़ों शहनाइयाँ
हँसके अपनी ज़िंदगी में, कर लिया शामिल मुझे
आप की नज़रों ने समझा
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Swar-Alpana
[cover song posted here]

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17 comments:

पी.सी.गोदियाल said...

बहुत सुन्दर अल्पना जी,

सुलभ सतरंगी said...

"आप की नज़रों ने समझा,..."

बहुत शांत शांत और सुमधुर संगीत के साथ गाने सुकून पहुंचाती है.

- सुलभ

mehek said...

behad khubsurat geet.aur karnpriya bhi.bar baar sunane ko mann karta hai.

M VERMA said...

दिलकश गीत

Arvind Mishra said...

सुमधुर !

संजय पटेल... said...

अल्पनाजी,
सुक़ून को समृध्द करने वाली बंदिशें देते थे मदनमोहन जी. लता जी उनके साथ जो भी गाया है ...दस्तावेज़ है. मदन जी की दो ग़ज़लों में से यही तो एक है जिसके एवज़ में मरहूम नौशाद साहब ने चाहा था कि मदनमोहन नौशाद साहब का पूरा संगीत अपने नाम लिखवा लें और ये दो ग़ज़लें(है इसी में प्यार की आबरू- दूसरी है) मेरे(यानी नौशाद के)नाम कर दें.

डॉ .अनुराग said...

क्या बात है एक से एक मोती चुनकर ला रहे है ....

MAHAVEER B. SEMLANI said...

बहुत सुन्दर अल्पना जी,

खुशदीप सहगल said...

माला सिन्हा जी पर फिल्माया बेहतरीन गीत और आपका मधुर गला...सोने पर सुहागा...माला सिन्हा जी ने इसी हफ्ते अपना ७४वां जन्मदिन मनाया है...उन्हें सब ब्लॉगर्स की तरफ से बहुत बहुत शुभकामनाएं...

जय हिंद...

Anand said...

Wahhh! Maza Aa Gaya..Shuruaat Thodi Si Dhili Lagi Parr Aap Ne Unche Surr Aur Singing Ke Aaroh-Avroh per Kafi Mehnat Ki Hai Is Baar.. Jo gaaya Hai Woh Bhi Kisi Tarah Se Kamjor Nai haiN..Full Marks 2 u 10++++++

Anonymous said...

Wooo--- superb----- one of the best song of lataji--my favt song--
"'hamarai nazron ne samjha iss geet ke qabil tumhe""
aur bhi aise hi geet sunney ki tamanna rakhtey hain aapsey -- gati rahiye-----

-bright

rashmi ravija said...

बहुत ही खूबसूरती से गाया है...आपकी मधुर आवाज ने इसकी मिठास और बढा दी है

दिगम्बर नासवा said...

बहुत सुन्दर अल्पना जी . ये मेरे भी कुछ पसंदीदा गीतों में से है ........

Harish said...

Alpana ji,
Thanx for sharing your rendition with me.
Aapki awaaz mein Aapki Nazron ne samjha gana sunkar bahut hi mazza aya.
Aap bahut achha gati hain. Time milne par aapke aur bhi gane sunuga. Keep sharing, Regards

Anonymous said...

Hi alpanaji,
Ab kya kahein..aapki awaz ki sekadon shehanaiyan abhi tak kano megoonj rahi hai...
kyonki ye track original scale pe hai- scale pe apne bakhubi gaya bhi hai..dil ko choo gaya dear..its one of my most Fav. and sure goes to my Fav. folder..
Thank u n samay mile-aise hi share karein achha lagta hai...
Regds
Mahendra

अनूप शुक्ल said...

बहुत सुन्दर!

हिमकर श्याम said...

ये गीत थोड़ा मुश्किल है मगर अच्छा गाया है आपने. शुरुवाती बोल के बाद ट्रैक पकड़ने में कामयाब रहीं. 'आइये मेहरबाँ, बैठिये जाने-जाँ, शौक़ से लीजिये जी, प्यार का इम्तहाँ' भी सुनने को मिला. खूबसूरत नग़मा, दिलकश आवाज़. दोनों गीत के लिए बधाई और आभार...