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एक लड़की भीगी भागी सी ...स्वर -अल्पना

गीतकार-मजरूह सुल्तानपुरी

Nov 9, 2009

9-धीरे धीरे चल चाँद गगन में

गाना: धीरे धीरे चल, चाँद गगन में

फिल्म-लव मेरिज
संगीतकार : शंकर - जयकिशन
गीतकार : हसरत जयपुरी
मूल गायक -रफी, लता

धीरे धीरे चल, चाँद गगन में
अरे, धीरे धीरे चल, चाँद गगन में
कहीं ढल ना जाये रात, टूट ना जायें सपने
धीरे धीरे चल, चाँद गगन में

१-तू झूम के चले तो दिल पे चले कटारी,
हो है मीठी छुरी ये जालिम नज़र तुम्हारी,
गुन गुन गूँजे राग, आज पवन में
धीरे धीरे चल चाँद गगन में

२-वो क्या चीज़ थी, मिलाके नज़र गिरा दी
हुआ वो असर, के हमने नज़र झुका दी
होंगी दो दो बात आज मिलन में
धीरे धीरे चल चाँद गगन में

३-दो दिल मिल गये, दिये जल गये हज़ारों
अजी, तुम मिल गये, तो गुल खिल गये हज़ारों
रिमझिम बरसे प्यार आज चमन में,
अरे, धीरे धीरे चल चाँद गगन में

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यही गीत का काराओके version सुनिए-
स्वर --राजा पाहवा और अल्पना .
२००८ रिकॉर्ड किया में यह मेरा पहला काराओके दोगाना है इसकी मिक्सिंग भी मैं ने ही की थी.
Download or play MP3

7 comments:

नीरज गोस्वामी said...

बहुत उम्दा मिक्सिंग और गीत...आपका गाया गाना तो सुना है लेकिन राजा जी को सुनने का मौका पहली बार मिला...बहुत अच्छा गाते हैं...कुल मिला कर ये प्रयास सराहनीय है...आनंद आया...
नीरज

Archana said...

बहुत खूब!!!

मैने बहुत कोशिश की पर अब तक कराओके पर नहीं गा पा रही हूँ.....पता नही कहाँ गलती होती है खैर.....कोशीश जारी है.....

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सुंदर और लाजवाब गीत. शुभकामनाएं.

रामराम.

ओम आर्य said...

laazwaab hai aapki

Udan Tashtari said...

राजा पाहवा जी को पहले नहीं सुना.

बढ़िया लगा सुनना!

खुशदीप सहगल said...

अल्पना जी,
ये मेरे मनपसंद गानों की लिस्ट आपके हाथ लग गई है या मात्र संयोग है...वैसे काराओके विद्या में मुझे अपना शिष्य बना लीजिए...बताइए गुरु दक्षिणा में क्या लेंगी...आप तो दक्षिणा जब लेंगी सो लेंगी फिलहाल मेरी एक फरमाइश पूरी कर दीजिएगा....रफी और लता का ये गीत सुनवाकर....वादियां मेरा दामन, तुम कहां जाओगे...
जय हिंद...

Kiran Puri said...

Faaaaantastic.
Good Job.
Really enjoyed listening to this duet. Keep singing.
Kiran Puri