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खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

झाँसी  की रानी -कविता पाठ =================== -[सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी ] Kavita Paath: Alpana Verma सिंहासन हिल उठे...

Apr 10, 2013

जीना यहाँ, मरना यहाँ.....स्वर-अल्पना



फिल्म : मेरा नाम जोकर (1970)
संगीतकार : शंकर-जयकिशन
गीतकार-शैलेन्द्र इस अधूरे [गीत को पूरा किया था शैली शैलेन्द्र ने,जो उन्हीं के बेटे थे. ]

मूल गायक मुकेश जी के गाये इस गीत को मैं ने स्वर दिए हैं .
सुनिए....


गीत के बोल-
जीना यहाँ, मरना यहाँ,इसके सिवा जाना कहाँ
जी चाहे जब, हमको आवाज़ दो
हम हैं वहीं, हम थे जहाँ,अपने यहीं, दोनों जहाँ
इसके सिवा जाना कहाँ....

१-ये मेरा गीत जीवन संगीत,जग को हँसाने बहरूपिया
रूप बदल फिर आएगा,स्वर्ग यहीं,, नर्क यहाँ
इसके सिवा जाना कहाँ

२-कल खेल में, हम हों न हों,गर्दिश में तारे रहेंगे सदा
भूलोगे तुम, भूलेंगे वो,पर हम तुम्हारे रहेंगे सदा
रहेंगे यहीं, अपने निशां
इसके सिवा जाना कहाँ

Cover song Sung by Alpana
Mp3 Play or download here


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