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खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

झाँसी  की रानी -कविता पाठ =================== -[सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी ] Kavita Paath: Alpana Verma सिंहासन हिल उठे...

Aug 18, 2016

लूटे कोई मन का नगर -फिल्म: अभिमान


फिल्म : अभिमान
गायक- लता मंगेशकर, मनहर
संगीतकारः एस. डी. बर्मन
गीतकारः मज़रूह सुल्तानपुरी
प्रस्तुति : अल्पना वर्मा और संतोष

गीत के बोल 

लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी
लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी

कौन है वो अपनों में कभी ऐसा कहीं होता हाई
ये तो बड़ा धोखा है
लूटे कोई मन का नगर बन के मेरा साथी
१.यहीं पे कहीं है मेरे मन का चोर
नज़र पड़े तो बैयाँ दूँ मरोड़ - 2
जाने दो जैसे तुम प्यारे हो
वो भी मुझे प्यारा है जीना का सहारा है

देखोजी तुम्हारी यही बतियां मुझको हैं तडपाती
लूटे कोई मन का नगर बनके मेरा साथी

2.रोग मेरे जी का मेरे दिल का चैन
साँवला सा मुखड़ा उस पे काले नैन -2
ऐसे को रोके अब कौन भला
दिल से जो प्यारी है सजना हमारी है
कहा  करूँ मैं बिन उसके रह भी नहीं पाती
लूटे कोई मन का नगर बनके मेरा साथी
लूटे कोई मन का....

Cover Sung by Alpana Verma & Santosh Soni
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