Featured Post

खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

झाँसी  की रानी -कविता पाठ =================== -[सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी ] Kavita Paath: Alpana Verma सिंहासन हिल उठे...

Feb 10, 2017

ठहरिए होश में आ लूँ --फिल्म: मोहब्बत इसको कहते हैं (१९६५)


फिल्म-मोहब्बत इसको कहते हैं  (१९६५)
संगीतकार- खय्याम
मूल गायक-सुमन कल्यानपुर और रफ़ी
गीतकार-साहिर लुधियानवी

प्रस्तुत गीत कवर प्रस्तुति है-
Covered by Safeer & Alpana

===========================


===========================

Mp3 Download or Play Here
गीत के बोल 

ठहरिए होश में आ लूँ,
तो चले जाइएगा
आपको दिल में बिठा लूँ,
तो चले जाइएगा
आपको दिल में बिठा लूँ..तो चले जाइएगा

१.कब तलक रहिएगा यूँ दूर की चाहत बनके
दिल में आ जाइए इक़रार-ए-मुहब्बत बनके
अपनी तक़दीर बना लूँ, तो चले जाइएगा
आपको दिल में बिठा लूँ, तो चले जाइएगा
...आपको दिल में बिठा लूँ..तो चले जाइएगा

2.मुझको इक़रार-ए-मुहब्बत पे हया आती है
बात कहते हुए गरदन मेरी झुक जाती है
देखिये सर को झुका लूँ, तो चले जाइएगा
हाय, आपको दिल में बिठा लूँ..तो चले जाइएगा

3.ऐसी क्या शर्म ज़रा पास तो आने दीजे
रुख से बिखरी हुई ज़ुल्फ़ें तो हटाने दीजे
प्यास आँखों की बुझा लूँ, तो चले जाइएगा
ठहरिए होश में आ लूँ, तो चले जाइएगा
आपको दिल में बिठा लूँ, तो चले जाइएगा
आपको दिल में बिठा लूँ
=============================
=============================

No comments: