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एक लड़की भीगी भागी सी ...स्वर -अल्पना

गीतकार-मजरूह सुल्तानपुरी

Jan 14, 2017

सुन सुन सुन ज़ालिमा..Film-Aar Paar

फिल्म : आर पार [१९५४]
संगीतकार- ओ पी नय्यर
गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी
मूल गायक : मो.रफ़ी और गीता दत्त
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कवर गायक -सफ़ीर और अल्पना
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गीत के बोल :-
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सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा, प्यार हमको तुमसे हो गया
दिल से मिला ले दिल मेरा, तुझको मेरे प्यार की क़सम

जा जा जा जा बेवफा,कैसा प्यार कैसी प्रीत रे
तू ना किसी का मीत रे,झूठ तेरे प्यार की कसम
सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा
जा जा जा जा बेवफा

१.प्यार की नज़र से दूर, यूँ न ज़िंदगी गुज़ार
हुस्न तू है, इश्क़ मैं, कर भी ले नज़र को चार
प्यार की नज़र से दूर, यूँ न ज़िंदगी गुज़ार
हुस्न तू है, इश्क़ मैं, कर भी ले नज़र को चार
चार मैं नज़र करूँ और फिर हुज़ूर से
पास यूँ न आईए, बात कीजे दूर से
जा जा जा जा बेवफा
कैसा प्यार कैसी प्रीत रे  ,तू ना किसी का मीत रे
झूठ तेरे प्यार की कसम ,सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा
जा जा जा जा बेवफा...........

२.दूर कब तलक रहूँ, फूल तू है रंग मैं
मैं तो हूँ तेरे लिये, डोर तू पतंग मैं
कट गई पतंग जी, डोर अब न डालिये
और किसी के सामने जा के दिल उछालिये
सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा
जा जा जा जा बेवफा

३.बात रह न जाये फिर, वक़्त ये गुज़र न जाये
मेरे प्यार का ये हार, टूट कर बिखर न जाये
प्यार-प्यार कह के तू, दिल मेरा न लूट रे
कह रहा है तू जो बात, हो ना झूठ-मूठ रे
जा जा जा जा बेवफा,कैसा प्यार कैसी प्रीत रे
तू ना किसी का मीत रे,झूठ तेरे प्यार की कसम
सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा,जा जा जा जा बेवफा..
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1 comment:

Safeer Ahmad said...

This song is a magic of OPN .. you have sung it with perfect flow and feel :)