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खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

झाँसी  की रानी -कविता पाठ =================== -[सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी ] Kavita Paath: Alpana Verma सिंहासन हिल उठे...

Nov 11, 2011

मेरी तमन्नाओं की तक़दीर











फिल्म-होली आई रे
मूल गायिका -लता

मेरी तमन्नाओं की तक़दीर तुम सँवार दो
प्यासी है ज़िंदगी तुम  मुझे प्यार दो

1-प्यार का आकाल पड़ा सारे ही जग में,सारे ही जग में,
प्यार का आकाल पड़ा सारे ही जग में
धोके हैं हर दिल में नफरत है रग -रग में
सबने डुबोया है मुझे पार तुम उतार दो.
प्यासी है जिंदगी तुम मुझे प्यार दो

2-खुशी यहाँ थोड़ी सी और बहुत गम है,और बहुत गम है
जितना भी प्यार मिले ,उतना ही कम है..
गम से भरे जीवन को प्यार से निखार दो..
प्यासी है ज़िंदगी तुम मुझे प्यार दो...
मेरी तमन्नाओं की तक़दीर तुम सँवार दो ...
-कवर संस्करण - स्वर -अल्पना


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10 comments:

Arvind Mishra said...

अच्छा लगा

प्रवीण पाण्डेय said...

बड़ा ही भावपूर्ण व सुरपूर्ण गीत।

kshama said...

Sundar geet,sundar aawaaz!

Udan Tashtari said...

आनन्द आया..

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

वाह!
सादर//

dinkesh1 said...

Very good Alpana...

Rizwan said...

Very Nice Alpanaji,

safeer said...

Bahot rare gana hai, aur bahot achha gaya. like it

santosh said...

waah di, maine female version suna hi nahi tha,,,,very nice!!!!

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

बेहतरीन प्रस्तुति।