Featured Post

खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

झाँसी  की रानी -कविता पाठ =================== -[सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी ] Kavita Paath: Alpana Verma सिंहासन हिल उठे...

Nov 15, 2013

ये समा, समा है ये ...


ये समा, समा है ये प्यार का
फिल्म - जब जब फूल खिले
मूल गायिका - लता मंगेशकर

कवर प्रस्तुति-अल्पना


ये समा, समा हैं ये प्यार का
किसी के इंतजार का
दिल ना चुरा ले कही मेरा, मौसम बहार का

बसने लगे आखों में कुछ ऐसे सपने
कोई बुलाए जैसे, नैनों से अपने
नैनों से अपने
ये समा, समा हैं दीदार का, किसी के इंतजार का
दिल ना चुरा ले कही मेरा, मौसम बहार का

मिल के ख़यालों में ही, अपने बलम से
नींद गवाई अपनी, मैने कसम से
मैने कसम से
ये समा, समा है  खुमार का, किसी के इंतजार का
दिल ना चुरा ले कही मेरा, मौसम बहार का
                  
Download or Play here 
कवर संस्करण - स्वर -अल्पना