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खूब लड़ी मर्दानी ....झाँसी की रानी कविता -

झाँसी  की रानी -कविता पाठ =================== -[सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी ] Kavita Paath: Alpana Verma सिंहासन हिल उठे...

Jun 15, 2011

६१-आगे भी जाने न तू ....[बिना संगीत]











Movie : WAQT
Original Singer-: ASHA BHOSLE
Music Director: Ravi
Lyrics:Sahir Ludiyanvi

आगे भी जाने न तू,पीछे भी जाने न तू
जो भी है बस यही एक पल है ...
--बिना संगीत ..केवल स्वर ..अल्पना





समय चक्र

मैं अपने समय चक्र का एक हिस्सा हूँ ,

तुम अपने समय चक्र का एक हिस्सा हो,

कब तक, कौन ,कहाँ तक चल पाता है ?

ये तो बस वक़्त के दफ्तर* में दर्ज़ होता है.

वक़्त का पहिया जहाँ जब भी रुकता है,

ये जिस्म वहीँ उसी पल में सर्द होता है.
--------------**अल्पना **----------------

[दफ्तर का अर्थ —बही-खाता/रजिस्टर]
वक़्त कब किस का हुआ?

8 comments:

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बिना म्युज़िक के भी आपकी आवाज़ में गाना बहुत अच्छा लग रहा है.


सादर

प्रवीण पाण्डेय said...

अहा।

Shreedhar Ganapathy said...

Nicely Sung Alpanaji.
Its a difficult song.
Post more.
Cheers
Shreedhar
[Singer and Composer]

Anonymous said...

good singing alps….
wud be super with bgm….

biju ramachandran

मनोज कुमार said...

आप तो बहुत अच्छा गाती भी हैं!

शिक्षामित्र said...

यह गीत एक दर्शन है जिसे केवल सुनकर ही ग्रहण किया जा सकता है।

शारदा अरोरा said...

ek sachchhaaee , bahut khoob

Anonymous said...

Alpana, without BGM we know the actual potential and quality of a singer and i wld say though it was little unsure at the start but you took it off splendidly from there… liked it. cheers

Best Wishes,
Ramesh Tadi