Jul 14, 2013

दो नैना और एक कहानी


फिल्म-मासूम
गीतकार-गुलज़ार
संगीत-राहुल देव बर्मन ,मूल गायिका -आरती मुख़र्जी

दो नैना और एक कहानी
थोड़ा सा बादल,थोड़ा सा पानी
और  एक कहानी

छोटी सी दो झीलों में,वो बहती रहती है
कोई सुने या ना सुने कहती रहती है
कुछ  लिख के ओर कुछ ज़ुबानी

थोड़ी सी है जानी हुई थोड़ी सी नयी
जहाँ  रुके आँसू वहीँ  पूरी हो गयी
है तो नयी फिर भी हैं पुरानी

एक ख़त्म हो तो दूसरी याद आ जाती है
होठों  पे फिर भूली हुई बात आ जाती है
दो नैनों की है ये कहानी...
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प्रस्तुत गीत में स्वर---अल्पना

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Jul 11, 2013

ज़िंदगी के सफ़र में गुज़र ...

फिल्म-आप की कसम
गीतकार-आनंद बक्षी 
संगीतकार-राहुल देव बर्मन 
मूल गायक -किशोर कुमार 

प्रस्तुत गीत में स्वर -अल्पना

गीत के बोल -

ज़िंदगी के सफ़र में गुज़र जाते हैं जो मकाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते।

1-फूल खिलते हैं,लोग मिलते हैं 
मगर पतझड़ में जो फूल मुरझा जाते हैं
वो बहारों के आने से खिलते नहीं
कुछ लोग जो सफ़र में बिछड़ जाते हैं
वो हज़ारों के आने से मिलते नहीं
उम्र भर चाहे कोई पुकारा करे उनका नाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते।

2-आँख धोखा है,क्या भरोसा है 
सुनो दोस्तों शक़ दोस्ती का दुश्मन है
अपने दिल में इसे घर बनाने न दो
कल तड़पना पड़े याद में जिनकी
रोक लो रूठ कर उनको जाने न दो
बाद में प्यार के चाहे भेजो हज़ारों सलाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते।

3-सुबह आती है,शाम जाती है 
यूँही वक़्त चलता ही रहता है रुकता नहीं
एक पल में ये आगे निकल जाता है
आदमी ठीक से देख पाता नहीं
और परदे पे मंज़र बदल जाता है
एक बार चले जाते हैं जो दिन-रात सुबह-ओ-शाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते।

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Vocals-Alpana


एक फिल्म जो देर तक दिमाग पर छाप छोड़े रहती है।
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दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में ...




कवि शैलेन्द्र की फिल्म'तीसरी कसम' को सिनेमा नहीं सेलुलोइड पर लिखी कविता कहा गया है।
यह एक ऐसी फिल्म है जिसका प्रभाव देर तक दिमाग पर रहता है।
इस फिल्म के सभी गाने बहुत अच्छे हैं।
राजकपूर यानी हीरामन का सादगी भरा चरित्र या हीराबाई की खामोश उदासियाँ।
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गीतकार-शैलेन्द्र
संगीत--शंकर - जयकिशन

गीत-
दुनिया बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई
काहे को दुनिया बनाई, तूने काहे को दुनिया बनाई

१-काहे बनाए तूने माटी के पुतले,
धरती ये प्यारी प्यारी मुखड़े ये उजले
काहे बनाया तूने दुनिया का खेला
जिसमें लगाया जवानी का मेला
गुप--चुप तमाशा देखे, वाह रे तेरी खुदाई
काहेको दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई ...

२-तू भी तो तड़पा होगा मन को बनाकर,
तूफ़ां ये प्यार का मन में छुपाकर
कोई छवि तो होगी आँखों में तेरी
आँसू भी छलके होंगे पलकों से तेरी
बोल क्या सूझी तुझको, काहेको प्रीत जगाई
काहे को दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई ...

३-प्रीत बनाके तूने जीना सिखाया,
हंसना सिखाया,रोना सिखाया
जीवन के पथ पर मीत मिलाए
मीत मिला के तूने सपने जगाए
सपने जगा के तूने, काहे को दे दी जुदाई
काहेको दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई

इस गीत को फिल्म में राजकपूर और वहीदा रहमान पर फिल्माया गया था।
इसके मूल गायक मुकेश जी हैं।
मुझे पसंद है इसलिए अपने स्वर में प्रस्तुत कर रही हूँ।

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