क्यूँ ज़िन्दगी की राह में मजबूर हो गए,
इतने हुए करीब की हम दूर हो गए,
१-ऐसा नहीं के हमको कोई ख़ुशी नहीं ,
लेकिन ये ज़िन्दगी भी कोई ज़िन्दगी नहीं,
क्यूँ इसके फैसले हमें मंज़ूर हो गए,इतने हुए करीब ....
२-पाया तुम्हें तो ऐसा लग तुमको खो दिया,
हम दिल पे रोये और ये दिल हम पे रो दिया,
पलकों से ख्वाब क्यूँ गिरे क्यूँ चूर हो गए,इतने हुए करीब...
[प्रस्तुत है कवर गीत --स्वर-अल्पना]


