Aug 27, 2017

ओ घटा साँवरी -फिल्म-अभिनेत्री

फिल्म-अभिनेत्री
मूल गायिका -लता मंगेशकर
संगीतकार-लक्ष्मीकांत -प्यारेलाल
गीतकार -मजरूह सुल्तानपुरी
प्रस्तुत गीत में स्वर -अल्पना वर्मा
=========
गीत -
====
ओ घटा साँवरी, थोड़ी थोड़ी बावरी, हो गयी हैं बरसात क्या!
हर साँस है बहकी हुई, अब की बरस है ये बात क्या!
हर बात है बहकी हुई, अब की बरस  है ये बात क्या!

1-पा के अकेली मुझे, मेरा आँचल मेरे साथ उलझे
छू ले अचानक कोई, लट में ऐसे मेरा हाथ उलझे
क्यो रे बादल तू ने छूआ  मेरा हाथ क्या?

2-आवाज़ थी कल यही, फिर भी ऐसे लहकती ना देखी
पग में थी पायल मगर, फिर भी ऐसे छनकती ना देखी
चंचल हो गये घुँगरू मेरे रातोरात क्या!

3-मस्ती से बोझल पवन, जैसे साया कोई मन पे डोले
बरखा की हर बूँद पे, थरथरी सी मेरे तन पे डोले
पागल मौसम जा रे तू, लगा मेरे साथ क्या!
 ओ घटा साँवरी, ......
-------------------------
Cover song---Vocals- Alpana
===================
MP3 download here
==================
विडियो
 
=========================

Aug 21, 2017

लग जा गले के फिर ये ...फिल्म: वो कौन थी ?

फिल्म : वो कौन थी ?
गीतकार -राजा मेहदी अली खान
संगीतकार -मदन मोहन
मूल गायिका :  लता मंगेशकर

प्रस्तुत गीत में स्वर - अल्पना वर्मा
--------------------------------------

--------------------------------------
Mp3 Download or Play Here

 lyrics-Lag ja gale se
--------------------
लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले से ...

१.हमको मिली हैं आज, ये घड़ियाँ नसीब से
जी भर के देख लीजिये हमको क़रीब से
फिर आपके नसीब में ये बात हो न हो
फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले ....................

२.पास आइये कि हम नहीं आएँगे बार-बार
बाहें गले में डाल के हम रो लें ज़ार-ज़ार
आँखों से फिर ये प्यार कि बरसात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो

लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले कि फिर ये हंसी रात हो न हो

===================

Aug 16, 2017

ढ़लती जाए रात ...फिल्म: रज़िया सुल्तान Dhalti Jay raat


फिल्म- रज़िया सुल्तान [१९६१]
मूल गायक : रफ़ी, आशा भोंसले
संगीतकार: लच्छी राम
गीतकार: आनंद  बख्शी
प्रस्तुत गीत में स्वर - सफ़ीर और अल्पना
--------------

--------------
Mp3 Download OR Play

गीत के बोल -

ढ़लती  जाए रात कह ले दिल की बात
शमा-परवाने का न होगा फिर साथ
ढलती जाए रात …

१.मस्त नज़ारे चाँद सितारे रात के मेहमाँ हैं ये सारे
उठ जाएगी शब की महफ़िल नूर-ए-सहर के सुनके नक्कारे
हो न हो दुबारा मुलाक़ात
ढ़लती  जाए रात …

२.नींद के बस में खोई-खोई कुल दुनिया है सोई-सोई
ऐसे में भी जाग रहा है हम-तुम जैसा कोई-कोई
क्या हसीं है तारों की बारात
ढ़लती जाए रात …

जो भी निग़ाहें चार है करता उसपे ज़माना वार है करता
हूँ राह-ए-वफ़ा का बन के राही फिर भी तुम्हें दिल प्यार है करता
बैठा ना हो ले के कोई घात
ढ़लती जाए रात …
================================