Jan 12, 2017

हम आपकी आँखों में....फिल्म -प्यासा

फिल्म : प्यासा (1957)
संगीतकार : एस.डी.बर्मन
गीतकार : साहिर लुधियानवी
मूल गायक : मो.रफ़ी और  गीता दत्त
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कवर गायक -सफ़ीर  और अल्पना


 गीत के बोल :-
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हम आपकी आँखों में, इस दिल को बसा दें तो
हम मूँद के पलकों को, इस दिल को सज़ा दें तो

१.इन ज़ुल्फ़ों में गूँथेंगे हम फूल मुहब्बत के
ज़ुल्फ़ों को झटक कर हम ये फूल गिरा दें तो
हम आपकी आँखों में...

2.हम आपको ख्वाबों में ला, ला के सतायेंगे
हम आपकी आँखों से नींदें ही उड़ा दें तो
हम आपकी आँखों में...

3.हम आपके क़दमों पर गिर जायेंगे ग़श खाकर
इस पर भी न हम अपने आंचल की हवा दें तो
हम आपकी आँखों में...
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Jan 11, 2017

आँखों ही आँखों में इशारा--सी.आई.डी.

फिल्म-सी.आई.डी. (1956)
संगीतकार : ओ.पी.नैय्यर
गीतकार : जां निसार अख्तर
मूल गायक : मो.रफ़ी और गीता दत्त

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कवर संस्करण : सफ़ीर  और अल्पना


 Lyrics-
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आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया
आँखों ही आँखों में..

1.गाते हो गीत क्यूँ, दिल पे क्यूँ हाथ है
खोए हो किस लिये, ऐसी क्या बात है
ये हाल कब से तुम्हारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया
आँखों ही आँखों में........

2.चलते हो झूम के, बदली है चाल भी
नैंनों में रंग है, बिखरे हैं बाल भी
किस दिलरुबा का नज़ारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया
आँखों ही आँखों में..............

3.अब ना वो ज़ोर है, अब ना वो शोर है
हमको है सब पता, दिल में क्या चोर है
ये चोर कैसे गंवारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया
आँखों ही आँखों में..........

4.कैसा ये प्यार है, कैसा ये नाज़ है
हम भी तो कुछ सुनें, हमसे क्या राज़ है
अच्छा तो ये दिल हमारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
बैठे-बैठे जीने का सहारा हो गया
आँखों ही आँखों में............
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Jan 10, 2017

ऐ दिल है मुश्किल ...

फिल्म-सी.आई.डी. (1956)
संगीतकार : ओ.पी.नैय्यर
गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी
मूल गायक : मो.रफ़ी & गीता दत्त
कवर संस्करण -सफ़ीर  और अल्पना

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गीत के बोल
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ऐ दिल है मुश्किल जीना यहाँ
ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ-2


1.कहीं बिल्डिंग, कहीं ट्रामे, कहीं मोटर, कहीं मिल
मिलता है यहाँ सब कुछ, इक मिलता नहीं दिल
कहीं बिल्डिंग, कहीं ट्रामे, कहीं मोटर, कहीं मिल
मिलता है यहाँ सब कुछ, इक मिलता नहीं दिल
इन्साँ का नहीं कहीं नाम-ओ-निशाँ
ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ
ऐ दिल है मुश्किल जीना यहाँ,ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ

2.कहीं सट्टा, कहीं पत्ता, कहीं चोरी, कहीं रेस
कहीं डाका, कहीं फाँका, कहीं ठोकर, कहीं ठेस
कहीं सट्टा, कहीं पत्ता, कहीं चोरी, कहीं रेस
कहीं डाका, कहीं फाँका, कहीं ठोकर, कहीं ठेस
बेकारों के हैं कई काम यहाँ
ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ

ऐ दिल है मुश्किल जीना यहाँ,ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ

3.बेघर को आवारा यहाँ कहते हँस-हँस
खुद काटे गले सबके, कहे इसको बिज़नस
बेघर को आवारा यहाँ कहते हँस-हँस
खुद काटे गले सबके, कहे इसको बिज़नस
इक चीज़ के है कई नाम यहाँ

ऐ दिल है मुश्किल जीना यहाँ,ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ

4.बुरा दुनिया को है कहता, ऐसा भोला तो ना बन
जो है करता, वो है भरता, है यहाँ का ये चलन
दादागिरी नहीं चलने की यहाँ
ये है बॉम्बे…
ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ
ऐ दिल है मुश्किल जीना यहाँ,ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ

ऐ दिल है आसाँ जीना यहाँ
सुनो मिस्टर, सुनो बन्धु
ये है बॉम्बे मेरी जाँ
ऐ दिल है मुश्किल जीना यहाँ,ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ
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