
'नन्ही कली सोने चली,हवा धीरे आना '
फिल्म-सुजाता
मूल गायिका-गीता दत्त
गीतकार-मजरूह सुल्तानपुरी
संगीतकार-सचिन देव बर्मन
प्रस्तुत संस्करण के लिए ट्रेक मुज्जफर नकवी साहब ने की बोर्ड पर तैयार किया है.
गीत
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नन्ही कली सोने चली हवा धीरे आना
नींद भरे पंख लिए झूला झूला जाना
नन्ही कली सोने चली
1-चांद किरन सी गुड़िया नाज़ों की है पली
आज अगर चांदनिया आना मेरी गली
गुन गुन गुन गीत कोई हौले हौले गाना
नींद भरे पंख लिए झूला झूला जाना
2-रेशम की डोर अगर पैरों को उलझाए
घुंघरू का दाना कोई शोर मचा जाए
रानी मेरे जागे तो फिर निंदिया तू बहलाना
नींद भरे पंख लिए झूला झूला जाना
नन्ही कली सोने चली हवा धीरे आना
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Presenting Cover version of this lori.
Vocals-Alpana
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कभी न भूली जा सकने वाली लोरी..बहुत लोकप्रिय रही.आज बहुत से सुनने वाले शायद इस से अनभिग्य हों!कहते हैं कि इस गीत में लोरी के पूरे भाव लाने के लिए इस गाने की रेकॉर्डिंग रात को ही की गयी थी.जबकि रात को रेकॉर्डिंग करना उन दिनों सामान्य बात नहीं थी.गीत अभिनेत्री सुलोचना पर फिल्माया गया था.

