
बेहद शालीन, खूबसूरत और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों में आस्था रखने वाली ,फिल्म मदर इंडिया में राधा की भूमिका करने वाली नर्गिस ,भारतीय नारी को एक नया और सशक्त रूप देने वाली हिन्दी सिनेमा की सर्वश्रष्ठ अभिनेत्रियों में से एक मानी जाती हैं।
1 जून को जन्मी इस अभिनेत्री ने दो दशक के फिल्मी सफर में दर्जनों यादगार भूमिकाएँ कीं.

राजकपूर के साथ उनकी जोड़ी को आज भी याद किया जाता है.उन्होंने बहुत ही सफल फ़िल्में दीं .उन्हीं में से एक थी फिल्म--'आह' इस फिल्म का हर गीत आज भी दिल को छू जाता है.चाहे वह 'राजा की आएगी बारात' हो या 'आ जा रे अब मेरा दिल पुकारा.'
इसी फिल्म से नर्गिस पर फिल्माया लता जी का गाया एक बेहतरीन दर्द भरा गीत है 'ये शाम की तन्हाईयाँ'
इसके गीतकार शैलेन्द्र और संगीतकार शंकर -जयकिशन हैं.

इसी गीत को मैंने यहाँ अपने स्वर में प्रस्तुत किया है.आशा है आप को पसंद आएगा.
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