Aug 28, 2015

समूह गान -कोटि कोटि कंठों ने गाया ..

प्रस्तुत है एक समूह देशभक्ति गीत जिसे छात्राओं ने एक प्रतियोगिता हेतु गाया था...
गीत के बोल जल्द ही लिखूंगी...अभी सिर्फ गीत सुनिये...

Jul 21, 2015

सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा--गीता दत्त जी की याद में...


Geeta Dutt-[Pic courtesy Google images]
 कल २० जुलाई को गीता दत्त जी की बरसी थी ,उन्हें याद करते हुए
 श्रद्धा सुमन के रूप में रफ़ी साहब के साथ उनका गाया  यह गीत पेश कर रही हूँ .यह गीत अभिनेत्री श्यामा और अभिनेता गुरु दत्त पर फिल्माया गया था .
गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी,
मूल गायक : गीता दत्त और रफी,
संगीतकार : ओ. पी. नय्यर,
फिल्म : आर -पार (१९५४)

गीत के बोल -

सुन सुन सुन सुन, जालिमा, प्यार हमको तुम से हो गया
दिल से मिला ले दिल मेरा, तुझको मेरे प्यार की कसम

जा जा, जा जा, बेवफा, कैसा प्यार कैसी प्रीत रे
तू ना किसी का मीत रे, झूठी तेरी प्यार की कसम

1.प्यार की नज़र से दूर, यूँ ना जिंदगी गुज़ार
हुस्न तू है इश्क मैं, कर भी ले नज़र को चार
चार मैं नज़र करूँ , और फिर हुजूर से
पास यूँ ना आईये, बात कीजे दूर से

2.दूर कब तलक़ रहूँ , फूल तू है रंग मैं
मैं तो हूँ तेरे लिये, डोर तू पतंग मैं
कट गयी पतंग जी, डोर अब ना डालिये
और किसी के सामने, जा के दिल उछालिये

3.बात रह न जाये फिर, वक़्त ये गुजर न जाये
मेरे प्यार का ये हार, टूट कर बिखर न जाये
प्यार प्यार कह के तू, दिल मेरा न लूट रे
कह रहा है तू जो बात, हो न झूठमूठ रे

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प्रस्तुत गीत में स्वर गायक सफीर अहमद के साथ अल्पना  वर्मा के हैं....
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