फिल्म-प्रोफ़ेसर
संगीतकार-शंकर जयकिशन
गीतकार -हसरत जयपुरी
मूल गायक-लता मंगेशकर और मोहम्मद रफ़ी
प्रस्तुत गीत में स्वर -सफीर और अल्पना
गीत के बोल -:
आवाज़ देके हमें तुम बुलाओ
मोहब्बत में इतना ना हमको सताओ
मोहब्बत में इतना ना हमको सताओ
१-अभी तो मेरी ज़िंदगी है परेशां
कहीं मर के हो खाक भी न परेशां
दिये की तरह से न हमको जलाओ
मोहब्बत में इतना ना हमको सताओ
कहीं मर के हो खाक भी न परेशां
दिये की तरह से न हमको जलाओ
मोहब्बत में इतना ना हमको सताओ
२- मैं सांसों के हर तार में छुप रहा हूँ
मैं धड़कन के हर राग में बस रहा हूँ
ज़रा दिल की जानिब निगाहें झुकाओ
मोहब्बत में इतना ना हमको सताओ
मैं धड़कन के हर राग में बस रहा हूँ
ज़रा दिल की जानिब निगाहें झुकाओ
मोहब्बत में इतना ना हमको सताओ
३-ना होंगे अगर हम तो रोते रहोगे
सदा दिल का दामन भिगोते रहोगे
जो तुम पर मिटा हो उसे ना मिटाओ
सदा दिल का दामन भिगोते रहोगे
जो तुम पर मिटा हो उसे ना मिटाओ
आवाज़ देके हमें तुम बुलाओ
मोहब्बत में इतना ना हमको सताओ
मोहब्बत में इतना ना हमको सताओ
Cover version Sung by Safeer and Alpana




